
मुकेश शर्मा
मुकेश शर्मा दिल्ली यूनिर्विसिटी से जर्नलिज्म डिग्री होल्डर हैं और पिछले 8 साल से Health Journalism से जुड़े हुए ... Read More
Written By: Mukesh Sharma | Published : October 10, 2025 1:19 PM IST
Symptoms of Rheumatoid Arthritis in Women: अर्थराइटिस जिसे हम आमबोलचाल की भाषा में गठिया कहते हैं, कोई आम बीमारी नहीं है। वैसे तो बहुत सी क्रोनिक बीमारियां हैं, लेकिन रूमेटाइड अर्थराइटिस उनमें से सबसे गंभीर समस्याओं में से एक है। क्योंकि जब इसके लक्षण बढ़ते हैं, तो मरीज को जोड़ों में असहनीय दर्द का सामना करना पड़ता है। गठिया के कई प्रकार है और रूमेटाइड अर्थराइटिस एक ऐसा गठिया है, जो क्रोनिक डिजीज की श्रेणी में आता है। क्रोनिक डिजीज का मतलब है कि रूमेटाइड अर्थराइटिस का जीवनभर कोई इलाज नहीं है और अगर यह हो जाता है, तो मरीज को जीवनभर इसको झेलना पड़ता है। रूमेटाइड अर्थराइटिस एक ऑटोइम्यून डिजीज है, जिसके कारण जोड़ों के अंदर, सूजन, लालिमा, अकड़न बढ़ जाती है और इसके कारण असहनीय दर्द होता है। यह भी देखा गया है कि रूमेटाइड अर्थराइटिस पुरुषों से ज्यादा महिलाओं में पाया जाता है और महिलाओं को इस बीमारी में दर्द भी ज्यादा होता है।
इंटरनेट पर पब्लिश की जा चुकी ऐसी कई रिसर्च अभी भी उपलब्ध हैं, जिनमें यह साबित किया जा चुका है कि रूमेटाइड अर्थराइटिस पुरुषों की तुलना में महिलाओं में ज्यादा पाया जाता है। यही कारण है कि महिलाओं को अक्सर स्वास्थ्य से जुड़ी ज्यादा सम्याओं का सामना करना पड़ता है। उसके पीछे हेल्थ एक्सपर्ट्स कई हार्मोन व जेनेटिक कारणों का मिक्स होना बताते हैं।
रूमेटाइड अर्थराइटिस के कारण को समझना इतना आसान नहीं है, क्योंकि यह कोई आम गठिया नहीं है, बल्कि एक ऑटोइम्यून कंडीशन है। इसमें शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली गलती से जोड़ों के ऊतकों को हानिकारक तत्व समझ लेती है और उसे नुकसान पहुंचाने लग जाती है। इस कारण से ऊतकों में सूजन, लालिमा रहती है और इसके कारण दर्द व सूजन बढ़ने लगती है।
वैसे तो कई घरेलू नुस्खे भी हैं जिनकी मदद से रूमेटाइड अर्थराइटिस के लक्षण को नियंत्रित करके रखा जा सकता है। लेकिन समय-समय पर डॉक्टर से जांच कराते रहना और उनके द्वारा गई दवाओं को समय-समय पर लेते रहना। रूमेटाइड अर्थराइटिस में जोड़ों की हड्डियां कमजोर पड़ जाती हैं और इसलिए इलाज अलग-अलग तरह की दवाएं व सप्लीमेंट्स होते हैं। इनमें दवाएं व सप्लीमेंट्स अलग-अलग काम के लिए होते हैं, जैसे दर्द कम करने वाली दवाएं, सूजन कम करने वाली दवाएं, लालिमा कम करने वाली दवाएं, कैल्शियम सप्लीमेंट्स, विटामिन डी सप्लीमेंट्स और आयरन सप्लीमेंट्स आदि।
डॉक्टर व फीजियोथेरेपिस्ट आपके प्रभावित जोड़ की अच्छे से जांच करेंगे और उसके अनुसार आपको सही फिजिकल एक्टिविटी व व्यायाम के बारे में बताएंगे। ताकि जोड़ों की अकड़न को बढ़ने से रोका जाए। साथ ही आपके शरीर के लिए जरूरी पोषक तत्वों के अनुसार आपको डाइट में भी खास बदलाव करने को कहा जाएगा जिसका पालन करना बेहद जरूरी है।
अस्वीकरण: प्रिय पाठकों यह आर्टिकल केवल सामान्य जानकारी और सलाह देता है। यह किसी भी तरह से चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है। इसलिए अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श जरूर करें। thehealthsite.com इस जानकारी के लिए जिम्मेदारी का दावा नहीं करता है।
रूमेटाइड अर्थराइटिस जोड़ों को प्रभावित करने वाली एक क्रोनिक डिजीज है, जो गठिया का ही एक प्रकार है। यह एक ऑटोइम्यून डिजीज है और इसलिए इसका कोई अब तक जड़ से इलाज नहीं मिल पाया है।
जोड़ों में दर्द होना प्रमुख रूप से रूमेटाइड अर्थराइटिस का लक्षण है, इसमें प्रमुख रूप से घुटने, कोहनी, गर्दन, उंगलियां और कूल्हे के जोड़ों में अकड़न, दर्द व सूजन आ जाती है।
रूमेटाइड अर्थराइटिस से पूरी तरह से बचाव करना संभव नहीं है, क्योंकि यह एक ऑटोइम्यून डिजीज है और जेनेटिक स्थितियों से संबंधित है।