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Ways to manage arthritis: गठिया एक दीर्घकालिक बीमारी है, जो शरीर से जोड़ों को प्रभावित है। दुनियाभर में करोड़ों लोग इस बीमारी के अलग-अलग प्रकार से जूझ रहे हैं, क्योंकि इसका कोई जड़ से इलाज नहीं है। लेकिन दवाओं की मदद से इसके लक्षणों को कंट्रोल किया जा सकता है। हालांकि, डॉक्टर साथ ही साथ यह सलाह भी देते हैं कि जितना हो सके शरीर की केयर करें ताकि आपकी दवाओं पर निर्भरता कम से कम रहे। यदि आपके घर में किसी को आर्थराइटिस है, तो यह उसके लिए चुनौतीपूर्ण हो सकता है और ऐसे में वे काफी हद तक अपने प्रियजनों के प्यार व देखभाल पर आश्रित रहते हैं। यदि आप किसी की देखभाल करते हैं जिन्हें आर्थराइटिस है, तो आपकी भूमिका उनके संक्रमण को प्रभावी ढंग से संचालित करने और उनकी उच्च गुणवत्ता वाली जीवनशैली को बनाए रखने में महत्वपूर्ण है। इंद्रप्रस्थ अपोलो अस्पताल, नई दिल्ली में सीनियर कंसल्टेंट, जॉइंट रिप्लेसमेंट एंड स्पाइन स्पेशलिस्ट डॉक्टर यश गुलाटी ने गठिया के मरीजों का ध्यान रखने वालों को कुछ विशेष सुझाव दिए हैं, जो कुछ इश प्रकार हैं -
यदि आपके परिवार में कोई व्यक्ति आर्थराइटिस से ग्रसित है, तो सबसे पहले यह पता लगाएं कि उसे आर्थराइटिस का कौन सा प्रकार है। आर्थराइटिस के प्रकार अलग-अलग तरीके से विकसित हो सकते हैं, इसलिए कंडीशन, उपलब्ध उपचारों और संभावित चुनौतियों के बारे में जागरूक होना महत्वपूर्ण है।
गठिया के मरीज सिर्फ शारीरिक रूप से नहीं बल्कि मानसिक रूप से भी प्रभावित हो जाते हैं और इस स्थिति का ध्यान रखना जरूरी है। मानसिक स्वास्थ्य से प्रभावित लोगों को कुछ बातों का ध्यान रखना जरूरी है। इसलिए ऐसा माहौल तैयार करें जिससे गठिया के मरीज को अच्छा महसूस हो और वह अपनी आवश्यकताओं को बताने के लिए प्रोत्साहित हो।
गठिया ऐसी बीमारी है जिसमें होने वाले दर्द से निपटने के लिए दवाएं समय पर लेते रहना जरूरी है। इसलिए समय-समय पर दवाएं लेने से जोड़ों में दर्द होने से रोका जा सकता है और साथ ही हड्डियों को भी नुकसान नहीं हो पाता है। इसलिए मरीज के लिए खुद भी डॉक्टर से बात करें और उसकी किस दवा को किस समय लेना है, आदि के बारे में अच्छे से समझ लें।
एक गठिया के मरीज के लिए हेल्दी लाइफस्टाइल का होना बहुत ज्यादा जरूरी है और इसलिए मरीज कि इसमें मदद करते रहें। इसमें संतुलित आहार, नियमित व्यायाम और तनाव प्रबंधन शामिल है। आर्थराइटिस पीड़ितों के लिए वजन प्रबंधन खासतौर पर महत्वपूर्ण है क्योंकि अतिरिक्त वजन जोड़ों के दर्द को बढ़ा सकता है।
कई बार जब आर्थराइटिस के लक्षण गंभीर हो जाते हैं, तो कुछ जोड़ ठीक से काम करना बंद कर देते हैं और इस कारण से खाना खाना, कपड़े बदलना, नहाना और चलने-फिरने जैसे साधारण काम करना भी मुश्किल हो सकता है। ऐसे समय मरीज को फिजिकल हेल्प देना बहुत जरूरी है।
गठिया के मरीज की जरूरतों के अनुसार घर में कुछ जरूरी बदलाव लाकर अपने घर को आर्थराइटिस फ्रैंडली भी बना लें। जरूरत के अनुसार अपने घर में हैंडरेल लगाना, फिसलने से बचाने के लिए मैट लगाना और सही तरीके से फर्नीचर लगाना आदि शामिल है।
आर्थराइटिस के मरीजों को अक्सर अकड़न रहती है और इस कारण से कई बार वे व्यायाम नहीं करते हैं। लेकिन ऐसे में आपको उन्हें प्रोत्साहित करना चाहिए। व्यायाम करते समय गठिया के मरीज की मदद करें, ताकि धीरे-धीरे उसके शरीर की अकड़न दूर हो पाए और वह अपना रोजाना का पर्याप्त आराम कर पाए।
गठिया दर्द से प्रभावित मरीज की देखभाल करने से उनके जीवन की गुणवत्ता में काफी हद तक सुधार किया जा सकता है। आर्थराइटिस के मरीज को एक केयरगिवर की जरूरत होती है, जो उसे आर्थराइटिस के दर्द से निपटने में मदद करता है। आप खुद को गठिया से जुड़ी जरूरी जानकारियों से शिक्षित करके गठिया के मरीज की मदद कर सकते हैं और यह मदद सिर्फ शारीरिक ही नहीं मानसिक भी होगी।
आर्थराइटिस के मरीज को भी सलाह दी जाती है कि चिकित्सा के निर्देशों का पूरी तरह से पालन करें। आपकी समझदारी ही आपको आर्थराइटिस की चुनौतियों से निपटने में मदद कर सकती हैं, जिससे आप एक अच्छी गुणवत्ता वाले जीवन का आनंद ले सकते हैं।