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कई आहार ऐसे होते हैं, जो गठिया के दर्द को बढ़ाते हैं। © Shutterstock
12 अक्टूबर को ''वर्ल्ड अर्थराइटिस डे'' मनाया जाता है। आज अर्थराइटिस से दुनिया भर में लाखों लोग परेशान हैं। अर्थराइटिस यानी गठिया, जो जोड़ों की बीमारी है। जब चलने में तकलीफ हो, जोड़ों में दर्द रहे तो समझ लें कि आप अर्थराइिटस के शिकार हो रहे हैं। ज्यादातर यह रोग बढ़ती उम्र में होता है। हालांकि, आज जिस तरह की दिनचर्या लोग अपना रहे हैं, उससे हर उम्र के लोग इसकी चपेट में आ रहे हैं।
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क्या होता है अर्थराइटिस होने पर
अर्थराइटिस होने पर शरीर में यूरिक एसिड की मात्रा बढ़ने लगती है, जिसकी वजह से जोड़ों में सूजन की समस्या बढ़ जाती है। इसमें दर्द भी बहुत होता है। सर्दियां आने वाली हैं। ऐसे में इसका दर्द बर्दाश्त से बाहर हो जाता है। यह दर्द कई बार लाइफस्टाइल के साथ-साथ डायट के कारण भी बढ़ जाता है। कई आहार ऐसे होते हैं, जो गठिया के दर्द को बढ़ाते हैं। ऐसे में यदि आपको अर्थराइटिस की समस्या है, तो खासकर कुछ खास चीजों को खाने से जरूर बचें।
अर्थराइटिस में क्या न खाएं
मछली और मांस
मांस और मछली का सेवन करने वालों को अर्थराइटिस में इससे परहेज करें क्योंकि यह दर्द को बढ़ा सकता है। मांस और मछली में अधिक मात्रा में प्यूरिन पाया जाता है। प्यूरिन हमारे शरीर में ज्यादा यूरिक एसिड पैदा करता है। रेड मीट, हिलसा मछली, टूना जैसी मछलियों में काफी मात्रा में प्यूरिन होता है, इसलिए इन्हें अपने डायट चार्ट से बाहर कर दें। इसे भी पढ़ें- वर्ल्ड अार्थराइटिस डे 12 अक्टूबर : जानें क्या है रूमेटॉयड आर्थराइटिस, कैसे करता है प्रहार
शुगरयुक्त चीजें
गठिया के मरीज को चीनी और मीठे से परहेज करना चाहिए। शुगर का अधिक सेवन करने से शरीर के कुछ प्रोटीन्स का ह्रास होता है। यह आपके गठिया के दर्द को बढ़ाता भी है इसलिए अपने डायट चार्ट में से शुगर और शुगरयुक्त आहार को निकाल दें।
डेयरी प्रोडक्ट से बने खाद्य-पदार्थ भी अर्थराइटिस के दर्द को बढ़ा सकते हैं। © Shutterstock
दुग्ध उत्पाद
डेयरी प्रोडक्ट से बने खाद्य-पदार्थ भी अर्थराइटिस के दर्द को बढ़ा सकते हैं। दरअसल, दूध से बने प्रोडक्ट्स जैसे पनीर, बटर आदि में कुछ ऐसे प्रोटीन होते हैं जो जोड़ों के आसपास मौजूद ऊतकों को प्रभावित करते हैं। इसकी वजह से जोड़ों का दर्द बढ़ सकता है।
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अल्कोहल और सॉफ्ट ड्रिंक
अर्थराइटिस के मरीजों को शराब और साफ्ट ड्रिंक के सेवन से बचना चाहिए। अल्कोहल खासकर बीयर शरीर में यूरिक एसिड के स्तर को बढ़ाता है। सॉफ्ट ड्रिंक्स खासकर मीठे पेय या सोडा में फ्रक्टोस नामक तत्व होता है, जो यूरिक एसिड को बढ़ने में मदद करता है। एक शोध के अनुसार, जो लोग ज्यादा मात्रा में फ्रक्टोस वाली चीजों का सेवन करते हैं, उनमें गठिया होने का खतरा दोगुना अधिक होता है।
टमाटर
टमाटर भी अर्थराइटिस के दर्द को बढ़ाता है। टमाटर में कुछ ऐसे रासायनिक घटक पाए जाते हैं जो गठिया के दर्द को बढ़ाकर जोड़ों में सूजन पैदा करते हैं। बेहतर होगा कि आप टमाटर कम ही खाएं।