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World Alzheimer's Day 2021: बेचेनी और अवसाद का कारण बन सकता है अल्जाइमर, जानें इसका निदान

आज विश्व अल्जाइमर दिवस (World Alzheimer's Day) के दिवस पर आपको बता दें कि अल्जाइमर के लक्षणों को समय पर पहचानकर इलाज और बचाव के तरीके अपनाने चाहिए। मानसिक रूप से आप खुद को व्यस्त रखकर इस बीमारी से बचाव कर सकते हैं।

Written By Rashmi Upadhyay
Updated : September 21, 2021 9:57 AM IST

World Alzheimer's Day : बेचेनी और अवसाद का कारण बन सकता है अल्जाइमर, जानें इसका निदान

अल्जाइमर मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी एक बीमारी है। इस रोग की चपेट में आने के बाद व्यक्ति को भूलने की बीमारी, चिड़चिड़ापन, दौरा पड़ना और अंदर ही अंदर घुटन महसूस होने लगती है। यह एक ऐसा रोग है जो बहुत धीरे शुरू होता है। जब इसकी शुरुआत होती है तो अक्सर लोग इसके लक्षणों को या तो सामान्य समझकर इग्नोर करने लगते हैं या फिर इस ओर ध्यान ही नहीं देते हैं। आज विश्व अल्जाइमर दिवस (World Alzheimer's Day) के दिवस पर आपको बता दें कि अल्जाइमर के लक्षणों को समय पर पहचानकर इलाज और बचाव के तरीके अपनाने चाहिए। मानसिक रूप से आप खुद को व्यस्त रखकर इस बीमारी से बचाव कर सकते हैं।

बच्चों में अल्जाइमर से मिलती ​झुलती बीमारी है NPC

अल्जाइमर की तरह से ही बच्चों और किशोरों को भी भूलने की बीमारी हो सकती है। बच्चों और किशोरों को होने वाली बीमारी निएमन-पिक डिजीज टाइप सी (NPC) का निक-नेम 'चाइल्डहुड अल्जाइमर्स' है। इसके लक्षण भी काफी हद तक अल्जाइमर से मिलते हैं। हालांकि NPC बहुत आसामान्य रोग है जो 1 लाख 50 हजार में से किसी एक को प्रभावित करती है। इस रोग की चपेट में आए बच्चे को भूलने की बीमारी, दौरा पड़ना और चिड़चिड़ापन महसूस हो सकता है। हालांकि NPC एक लिपिड स्टोरेज डिजीज है, एक तरह का मेटाबॉलिक डिसऑर्डर है।

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बुजुर्ग और अल्जाइमर का क्या है कनेक्शन?

वैज्ञानिक बताते हैं कि मस्तिष्क में उम्र से संबंधित परिवर्तन न्यूरॉन्स को कैसे नुकसान पहुंचा सकते हैं और अल्जाइमर के नुकसान में योगदान करने के लिए अन्य प्रकार की मस्तिष्क कोशिकाओं को प्रभावित कर सकते हैं। इन उम्र से संबंधित परिवर्तनों में मस्तिष्क के कुछ हिस्सों का सिकुड़ना, सूजन, संवहनी क्षति, अस्थिर कणों का उत्पादन, जिन्हें मुक्त कण कहा जाता है और कोशिकाओं के भीतर ऊर्जा उत्पादन का टूटना शामिल हैं। हालांकि, यह भी जरूरी नहीं है कि उम्र के साथ अल्जाइमर होता ही है। कई लोग ऐसे भी होते हैं जो 90 की उम्र पार कर लेते हैं लेकिन उन्हें मनोभ्रंश नहीं होता है।

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अल्जाइमर से होने वाली अन्य समस्याएं

1. बेचैनी

2. अवसाद

3. तेज सिर में दर्द

4. नींद की समस्या

5. ब्लैडर संबंधी समस्याएं

अल्जाइमर रोग का निदान करने के लिए आप एक मस्तिष्क विशेषज्ञ (न्यूरोलॉजिस्ट) या जराचिकित्सा (पुराने वयस्कों के इलाज के लिए प्रशिक्षित डॉक्टर) से मिलकर अपने लक्षणों और मेडिकल हिस्ट्री के बारे में बता सकते हैं। डॉक्टर आपकी बातों का रिव्यू कर मेडिकल स्टेटस टेस्ट, न्यूरोसाइकोलॉजिकल टेस्ट या कोई अन्य टेस्ट कराने के लिए कह सकते हैं।

अल्जाइमर में घरेलू नुस्खे

1. हल्दी में पाया जाने वाला करक्यूमिन को नैनोतकनीक से नैनो-पार्टिकल में एनकैप्सूलेट कर अल्जाइमर का प्रभावी इलाज में मददगार हो सकते हैं। हल्दी का सेवन सब्जी और दूध में किसी में भी कर सकता है। इससे याददाश्त भी बनी रहती है।

2. अल्जाइमर में अरोमा थेरेपी भी कारगार होती है। यह तनाव को भी कम करती है।

3. शायद आपको यह सुनकर अजीव लगे, लेकिन टमाटर का सेवन भी अल्जाइमर में फायदेमंद होता है। टमाटर के सेवन से डायबिटीज, कैंसर और दिल के रोगों से भी मुक्ति मिलती है।