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क्यों होती है अल्ज़ाइमर की बीमारी ? क्या इस बीमारी से बचा जा सकता है ?

एक्सपर्ट्स के अनुसार, हेल्दी लाइफ स्टाइल अपनाने और नशा करने की आदत छोड़ने से इस बीमारी के खतरे को कम किया जा सकता है। कई बीमारियां उम्र बढ़ने के साथ ही बुज़ुर्गों के शरीर को निशाना बनाना शुरू कर देती हैं। इन्हीं में से एक प्रमुख बीमारी बुढ़ापे में भूलने की आदतों (अल्जाइमर्स-डिमेंशिया) की है। इसीलिए इस बीमारी की चपेट में आने से लोगों को बचाने और जागरूकता फैलाने के लिहाज से प्रति वर्ष 21 सितम्बर को विश्व अल्जाइमर्स दिवस(World Alzheimer's Day) मनाया जाता है। 

क्यों होती है अल्ज़ाइमर की बीमारी ? क्या इस बीमारी से बचा जा सकता है ?

Written by Sadhna Tiwari |Updated : September 21, 2020 12:37 PM IST

विश्व अल्जाइमर दिवस (World Alzheimer's Day 2020) 21 सितंबर को विश्व भर में मनाया जाता है। इसे बुज़ुर्गों की बीमारी कहा जाता है। क्योंकि एक निश्चित उम्र के बाद लोगों को यह बीमारी होने लगती है। इसमें लोग साधारण चीजों और बातों को भी याद नहीं रख पाते हैं। एक्सपर्ट्स के अनुसार, हेल्दी लाइफ स्टाइल अपनाने और नशा करने की आदत छोड़ने से इस बीमारी के खतरे को कम किया जा सकता है। कई बीमारियां उम्र बढ़ने के साथ ही बुज़ुर्गों के शरीर को निशाना बनाना शुरू कर देती हैं। इन्हीं में से एक प्रमुख बीमारी बुढ़ापे में भूलने की आदतों (अल्जाइमर्स-डिमेंशिया) की है। इसीलिए इस बीमारी की चपेट में आने से लोगों को बचाने और जागरूकता फैलाने के लिहाज से प्रति वर्ष 21 सितम्बर को विश्व अल्जाइमर्स दिवस(World Alzheimer's Day) मनाया जाता है।

अल्ज़ाइमर से पीड़ित लोगों का ख्याल कैसे रखना चाहिए ?

दिल्ली एम्स द्वारा कुछ समय पहले जारी एक  एडवाइज़री में  जानकारी दी गयी कि, साल 2011 की जनगणना के अनुसार, भारत में करीब 16 करोड़ बुजुर्ग (60 साल के ऊपर) हैं। इनमें से 60 से 69 साल के करीब 8़ 8 करोड़, 70 से 79 साल के करीब 6़ 4 करोड़, दूसरों पर आश्रित 80 साल के करीब 2़ 8 करोड़ और 18 लाख बुजुर्ग ऐसे हैं, जिनका अपना कोई घर नहीं है या कोई देखभाल करने वाला नहीं है। इनमें से कई लोगों को अल्ज़ाइमर्स की बीमारी है।

ऐसे में सवाल उठता है कि क्या अल्ज़ाइमर्स बीमारी से इन बुज़ुर्गों को बचाया जा सकता है? या कोई तरीका है जिससे इनकी मदद की जा सकती है? के बारे में किंग जार्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय के मनोचिकित्सा विभाग के एडिशनल प्रोफेसर डॉ. आदर्श त्रिपाठी का कहना है कि बड़ी उम्र के लोगों को  डिमेंशिया से बचाने के लिए जरूरी है कि परिवार के सभी सदस्य उनके प्रति अपनापन रखें। साथ ही इन बातों का भी ख्याल रखें-

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  • अकेलापन ना महसूस होने दें
  • समय निकालकर उनसे बातें करें
  • उनकी बातों को नजरंदाज न करें बल्कि उनको ध्यान से सुनें
  • बुज़ुर्गों को  व्यस्त रहने में मदद करें, उनकी पसंद का ख्याल रखें
  • समय पर उनके सोने-जागने, नाश्ता व भोजन की व्यवस्था करें

क्यों होती है अल्ज़ाइमर की बीमारी ?

एक्सपर्ट्स के मुताबिक आमतौर पर  65 साल की उम्र के बाद लोगों में यह बीमारी देखने को मिलती है। बुढ़ापे में मस्तिष्क के ऊतकों को नुकसान पहुंचने के कारण ये बीमारी होती है। मस्तिष्क में प्रोटीन की संरचना में गड़बड़ी होने के कारण इस बीमारी का खतरा बढ़ जाता है। ये एक मस्तिष्क से जुड़ी बीमारी है, जिसमें व्यक्ति धीरे-धीरे अपनी याददाश्त खोने लगता है। इस बीमारी में व्यक्ति छोटी से छोटी बात को भी याद नहीं रख पाता है। जब यह बीमारी अत्यधिक बढ़ जाती है तो व्यक्ति को लोगों के चेहरे तक याद नहीं रहते हैं। अभी तक इस बीमारी का कोई सटीक इलाज नहीं मिला है।

क्या अल्ज़ाइमर बीमारी से बचा जा सकता है ?

मेमरी से जुड़ी इस बीमारी पर नियंत्रण पाने के लिए जरूरी है कि शारीरिक रूप से स्वस्थ रहने के साथ ही मानसिक रूप से अपने को स्वस्थ रखें। इसके साथ ही कम उम्र से ही इन बातों का ख्याल रखें-

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  • नकारात्मक विचारों से बचें
  •  सकारात्मक सोचें, खुश रहने की कोशिश करें
  • पसंद का संगीत सुनने, गाना गाने जैसी एक्टिविटीज़ में हिस्सा लें
  • कूकिंग, गार्डनिंग करने, खेलकूद जैसी हॉबिज़ को समय दें