वर्ल्ड अल्जाइमर्स डे 2021: अल्जाइमर डिजीज के शुरुआती लक्षण और भूलने की इस बीमारी से बचने के लिए दो योगासन
World Alzheimer’s Day 2021: आज (21 सितंबर) 'वर्ल्ड अल्जाइमर्स डे' है। अल्जाइमर डिजीज मस्तिष्क से संबंधित एक रोग है, जिसमें पीड़ित व्यक्ति की याद्दाश्त कमजोर हो जाती है। यदि आप नहीं चाहते कि कम उम्र में ही आपको ये भूलने की बीमारी हो, तो नियमित रूप से इन 2 योगासन का अभ्यास करना शुरू कर दें।
Symptoms of Alzheimer's Disease: आज (21 सितंबर) पूरे विश्व में 'वर्ल्ड अल्जाइमर्स डे' (World Alzheimer’s Day 2021) मनाया जाता है। अल्जाइमर्स डिजीज में दिमाग पर सबसे ज्यादा असर पड़ता है, क्योंकि यह मस्तिष्क से संबंधित एक रोग है। यह रोग होने पर व्यक्ति की याद करने की क्षमता कमजोर हो जाती है। अल्जाइमर रोगी यदि अकेले घर से कहीं निकल पड़े, तो उसका वापस आना मुश्किल हो सकता है, क्योंकि उसके याद करने की क्षमता कमजोर हो जाती है। वह कहां से आया और कहां जाना है, वह समझ नहीं सकता। अल्जाइमर को डिमेंशिया (Dementia) का भी एक रूप माना जाता है। यह एक न्यूरोडीजेनेरेटिव (neurodegenerative) डिजीज है, जिसमें मस्तिष्क की कोशिकाओं को लगातार नुकसान पहुंचता है। कुछ वर्षों पहले तक यह रोग बुजुर्गों को हुआ करती थी, लेकिन आजकल लोगों की लाइफस्टाइल इतनी खराब हो गई है कि कम उम्र में भी लोग इसका शिकार होने लगे हैं। वैसे, सही समय पर अल्जाइमर डिजीज (World Alzheimer’s Day 2021 in hindi) के शुरुआती लक्षणों की पहचान (Symptoms of alzheimer's disease) कर ली जाए, तो इससे काफी हद तक इस रोग से बचा जा सकता है।
अल्जाइमर रोग के शुरुआती लक्षण (Early symptoms of Alzheimer's Disease)
- याद्दाश्त में कमी होने लगना। अपने घर के लोगों, उनका नाम, पता, जगह आदि भूलने लगना।
- कन्फ्यूजन और भ्रम में रहना।
- किसी भी छोटे-मोटे कार्यों को करने में परेशानी होना।
- जोड़-घटाव, पजल्स आदि को हल करने में समस्या आना।
- सामाजिक रूप से खुद को दूर रखने की कोशिश करना। किसी से बात या वाद-विवाद करने में परेशानी महसूस करना।
- व्यक्तित्व में बदलाव, मूड स्विंग, डर, डिप्रेशन होना।
- पार्टी, भीड़-भाड़ वाली जगहों पर जाने में कतराना।
योग के नियमित अभ्यास से नहीं होगी भूलने की यह बीमारी
चाहते हैं कि आपको कम उम्र में ही भूलने की यह बीमारी ना हो, तो अपना लाइफस्टाइल और खानपान की आदत सबसे पहले बदलें। कुछ योगासन भी हैं, जिन्हें अल्जाइमर रोग से बचने के लिए करना चाहिए। योगासन के नियमित अभ्यास से याददाश्त को बेहतर बना सकते हैं। इससे शारीरिक और मानसिक संतुलन और समन्वय में भी सुधार होता है।
सर्वांगासन करें याद्दाश्त में होगा इजाफा
सर्वांगासन करने से मस्तिष्क में ब्लड सर्कुलेनश पर्याप्त मात्रा में पहुंचता है। दिमाग में ब्लड फ्लो सही होने से याद्दाश्त बढ़ती है। इस योग को करने के लिए पीठ के बल लेट जाएं। दोनों पैरों को आपस में मिलाएं। धीरे-धीरे अपने पैरों को ऊपर की ओर उठाएं। पैर को उठाने के बाद कमर को भी हाथों के सहारे ऊपर की तरफ उठाएं। चेहरे को आकाश की तरफ रखें। केहुनियां जमीन से साथ टिकी हुई हों। पैर और रीढ़ सीधा रखें। गहराई से सांस लें और अपनी थायरॉइड ग्रंथि की ओर अपनी एकाग्रता बढ़ाएं।
हस्तपादासन से बढ़ेगी फोकस करने की क्षमता
हस्तपादासन के नियमित अभ्यास से मस्तिष्क की शक्ति बढ़ती है। स्मृति तेज होती है। इसे हर दिन करने से आप अपने फोकस करने की क्षमता और एकाग्रता में सुधार कर सकते हैं।
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