hamburger icon
A
Read in English

डब्ल्यूएचओ दक्षिण-पूर्व एशिया की क्षेत्रीय निदेशक ने कहा, एचआईवी एक प्रमुख वैश्विक स्वास्थ्य मुद्दा

पूरी दुनिया में अनुमानित 38 मिलियन लोग एचआईवी संक्रमण के साथ जी रहे हैं। दक्षिण-पूर्व एशिया क्षेत्र वैश्विक स्तर पर एचआईवी से ग्रसित लोगों का केन्द्र है, जो करीब 10% के बराबर है।

WrittenBy

Written By: Anshumala | Published : December 1, 2021 10:16 PM IST

आज है 'विश्व एड्स दिवस' (World Aids Day 2021)। इस मौके पर डब्ल्यूएचओ दक्षिण-पूर्व एशिया क्षेत्र (South East Asia region) असमानताओं और एड्स को समाप्त करने के वैश्विक आह्वान में शामिल हुआ है। एचआईवी एक प्रमुख वैश्विक स्वास्थ्य मुद्दा बना हुआ है, जिसने अब तक विश्व स्तर पर 36.3 मिलियन लोगों के जीवन को निगल चुका है। 2020 में एचआईवी (HIV) से संबंधित कारणों से लगभग 6,80000 लोगों की मृत्यु हुई और वैश्विक स्तर पर 1.5 मिलियन लोग एचआईवी से ग्रसित हुए। पूरी दुनिया में अनुमानित 38 मिलियन लोग एचआईवी संक्रमण के साथ जी रहे हैं। डब्ल्यूएचओ दक्षिण-पूर्व एशिया की क्षेत्रीय निदेशक डॉ. पूनम खेत्रपाल सिंह कहती हैं, 'दक्षिण-पूर्व एशिया क्षेत्र वैश्विक स्तर पर एचआईवी से ग्रसित लोगों का केन्द्र है, जो करीब 10% के बराबर है। वैश्विक स्तर पर एड्स से संबंधित मृत्यु दर की बात करें, तो यह 12% है। कोविड-19 महामारी (covid-19 pandemic) के दौर के बीच, यह क्षेत्र आवश्यक स्वास्थ्य सेवाओं को बनाए रखने के लिए लक्षित कार्रवाई करना जारी रखे हुए है, जिसमें एचआईवी को रोकना, उसका पता लगाना और उसका इलाज करना शामिल है।'

61% लोग जीवन भर एंटीरेट्रोवाइरल थेरेपी पर निर्भर

डॉ. पूनम खेत्रपाल सिंह आगे कहती हैं, इस क्षेत्र ने हाल के वर्षों में एचआईवी के खिलाफ महत्वपूर्ण प्रगति हासिल की है। सभी देश सतत विकास लक्ष्य (एसडीजी) 3.3 प्राप्त करने और 2030 तक एड्स महामारी को सार्वजनिक स्वास्थ्य खतरे के रूप में समाप्त करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। मालदीव, श्रीलंका और थाईलैंड ने एचआईवी और सिफलिस के मां-से-बच्चे में संचरण को समाप्त कर दिया है। 2010 और 2020 के बीच, इस क्षेत्र ने वार्षिक नए एचआईवी संक्रमण में 46% और एड्स से संबंधित मौतों में 64% की कमी की। इस क्षेत्र में एचआईवी के साथ रहने वाले अनुमानित 61% लोग अब जीवन भर एंटीरेट्रोवाइरल थेरेपी प्राप्त कर रहे हैं। हालांकि, ये सफलताएं और अन्य देशों और आबादी में समान नहीं हैं। विशेष रूप से हाशिए पर रहने वाली आबादी अभी भी वंचित है।

2025 अंतरिम लक्ष्यों और 2030 लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए डब्ल्यूएचओ और देश की कार्रवाइयों को ट्रैक करेगा और सामुदायिक स्वामित्व, कार्रवाई और जुड़ाव बढ़ाने के प्रयासों को प्राथमिकता देगा। डॉ. पूनम खेत्रपाल सिंह कहती हैं, 'हमे एक साथ पहल करनी चाहिए और हम सफल हो सकते हैं। विश्व एड्स दिवस पर डब्ल्यूएचओ किसी को पीछे न छोड़ते हुए असमानताओं और एड्स को समाप्त करने के लिए क्षेत्र के सभी देशों का समर्थन करने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराता है।