बच्चों में दिखें ये 7 लक्षण तो हो जाएं अलर्ट, हो सकता है HIV/AIDS, एक्सपर्ट ने बताए कारण, निदान और इलाज

यूनिसेफ की एक रिपोर्ट में यह बात सामने आई है कि वर्ष 2020 में 3 लाख बच्चे एचआईवी/एड्स से संक्रमित हुए थे। आज विश्व एड्स दिवस 2021 के मौके पर बच्चों में किस तरह से पहचानें कि वे एचआईवी संक्रमित हैं, बता रहे हैं द्वारका स्थित आकाश हेल्थकेयर के एचओडी, पिडियाट्रिक्स डॉ. सैयद हसन

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Written By: Anshumala | Updated : August 25, 2022 4:24 PM IST

Aids ke lakshan: आज के दिन को पूरी दुनिया में 'विश्व एड्स दिवस 2021' (World Aids Day 2021) के तौर पर जाना जाता है। एड्स बेहद ही खतरनाक बीमारी है, जिससे विश्वभर में वयस्कों के साथ-साथ बच्चे भी संक्रमित हैं। यह एक घातक संक्रामक बीमारी है, जो एक व्यक्ति से दूसरे और दूसरे से तीसरे को हो सकता है। AIDS यानी एक्वायर्ड इम्यून डेफिसिएंशी सिंड्रोम (acquired immune deficiency syndrome)। यह एचआईवी (Human immunodeficiency virus) वायरस के जरिए होता है। आज बच्चे भी इस जानलेवा बीमारी से अछूते नहीं हैं। हाल ही में यूनिसेफ (UNICEF) की एक रिपोर्ट में यह बात सामने आई है कि कोरोनावायरस महामारी के दौरान वर्ष 2020 में हर 2 मिनट में एक बच्चा एचआईवी से संक्रमित पाया गया। साथ ही पिछले साल तीन लाख बच्चे एचआईवी/एड्स (HIV) से संक्रमित हुए थे। प्रत्येक 5 मिनट में एड्स से एक बच्चा अपनी जान गंवा देता है। पिछले साल एड्स के कारण होने वाले मौतों की आंकड़ों की बात करें, तो लगभग 1 लाख 20 हजार बच्चों की मौत हुई थी। अधिकांश बच्चे अपनी मां के जरिए संक्रमित होते हैं, जो गर्भावस्था के दौरान या स्तनपान के दौरान एचआईवी पॉजिटिव होती हैं। बच्चों में किस तरह से पहचानें कि वे एचआईवी संक्रमित हैं और बचाव के लिए क्या उपाय अपनाएं, इस पर जानकारी दे रहे हैं आकाश हेल्थकेयर, द्वारका (Aakash Healthcare Super Speciality Hospital) के एचओडी, पिडियाट्रिक्स डॉ. सैयद हसन (Dr. Syed Hasan)

क्या है एचआईवी? (What is HIV?)

एचआईवी एक वायरस है, जो शरीर के रोग प्रतिरोधक क्षमता (Immune System) को नुकसान पहुंचाता है। उस पर अटैक करता है। इससे एचआईवी से ग्रस्त बच्चे और भी ज्यादा संक्रमण और बीमारियों के प्रति संवेदनशील हो जाते हैं। यदि सही समय पर, सही उपचार मिले तो बीमारी को काफी हद तक रोका जा सकता है। इससे एचआईवी को बढ़ने से रोकने में मदद मिलती है।

बच्चों में एचआईवी होने के कारण (Causes of HIV in kids in Hindi)

  • जन्म से ही एक शिशु एचआईवी संक्रमित हो सकता है। जन्म लेने के तुरंत बाद भी संक्रमित हो सकता है।
  • गर्भावस्था के दौरान एक बच्चा एचआईवी संक्रमित हो सकता है।
  • प्रसव के दौरान खून या अन्य फ्लूइड को ट्रांसफर करने के दौरान।
  • शिशु को ब्रेस्टफीड कराते समय।
  • बच्चे को संक्रमित सुई, इंजेक्शन या खून चढ़ाते समय।
  • सेक्सुअल ट्रांसमिशन के जरिए भी किशोर एचआईवी से संक्रमित हो सकते हैं।

किन चीजों से एचआईवी संक्रमण नहीं हो सकता

  • कीड़ों के काटने से
  • स्लाइवा से
  • पसीने के जरिए
  • आंसू के जरिए
  • गले मिलने से
  • तौलिया, रूमाल शेयर करने से
  • एक गिलास और बर्तन इस्तेमाल करने से
  • टॉयलेट शीट और स्विमिंग पूल शेयर करने से

एचआईवी से संक्रमित बच्चों में नजर आने वाले लक्षण

  • बच्चों का विकास रुक जाना
  • बार-बार संक्रमण होना
  • शरीर में ऊर्जा की कमी होना
  • लगातार बुखार और पसीना आना
  • लिम्फ नोड्स का बढ़ जाना
  • वजन कम होना
  • बार-बार या लगातार रहने वाला इंफेक्शन, जो इलाज के प्रति सही प्रतिक्रिया नहीं दे पाते

बच्चों में एचआईवी का निदान, जांच, इलाज

रक्त परीक्षण (Blood Test) के जरिए एचआईवी का निदान संभव है। इसमें एक से अधिक परीक्षण भी किए जाते हैं। रक्त में एचआईवी एंटीबॉडी होने पर निदान की पुष्टि की जा सकती है। लेकिन संक्रमण की शुरुआत में, एंटीबॉडी का स्तर पता लगाने के लिए पर्याप्त नहीं हो सकता है। वैसे तो एचआईवी का कोई भी इलाज मौजूद नहीं है, लेकिन इसे सही और प्रॉपर इलाज के जरिए कंट्रोल किया जा सकता है। वयस्क की ही तरफ बच्चों को भी इलाज में एंटीरोट्रोवायरल थेरेपी (Antiretroviral therapy) दी जाती है। साथ ही कुछ दवाओं के जरिए भी एचआईवी के प्रसार, ट्रांसमिशन को रोका जा सकता है। यदि टेस्ट नेगेटिव है, लेकिन एचआईवी होने का शक है, तो तीन महीने और 6 महीने में फिर से टेस्ट किया जा सकता है।