
साधना तिवारी
साधना तिवारी 15 वर्षों से मीडिया क्षेत्र में हैं। लगभग 9 वर्षों से अधिक समय से ZEE ग्रुप के साथ जुड़ी हुई ... Read More
Written By: Sadhna Tiwari | Updated : May 10, 2024 8:35 PM IST
Night Shift Health Hazards: एक नयी स्टडी में यह पाया गया है कि सिर्फ तीन रात की शिफ्ट करने भर से ही डायबिटीज (Diabetes), मोटापा (Obesity) सहित अन्य कई क्रोनिक बीमारियों का खतरा बढ़ सकता है। अमेरिका की वाशिंगटन स्टेट यूनिवर्सिटी (Washington State University) के रिसर्चर्स का दावा है कि नाइट शिफ्ट में ब्लड शुगर से संबंधित शरीर का मेटाबॉलिज्म बिगड़ सकता है। इस स्टडी जर्नल ऑफ प्रोटीन रिसर्च में प्रकाशित हुई।
स्टडी में “ब्रेन में स्थित मास्टर बायोलॉजिकल क्लॉक घड़ी” के बारे में बताया गया। यह क्लॉक शरीर को दिन और रात के अनुसार तालमेल बिठाने के लिए प्रेरित करती है। स्टडी के लेखक और प्रोफेसर हंस वान डोंगेन (Hans Van Dongen) ने कहा कि, जब बायोलॉजिकल क्लॉक “गड़बड़” हो जाए है, तो इसकी वजह से स्ट्रेस बढ़ सकता है। यह आपकी हेल्थ के लिए बहुत हानिकारक हो सकता है।
वान डोंगेन ने कहा कि नाइट शिफ्ट करने के नुकसान को इसी बात से समझा जा सकता है कि केवल तीन-रातों तक जागकर अगर कोई नाइट शिफ्ट करता है तो इससे उसकी हेल्थ के लिए खतरा बढ़ सकता है।
रात की शिफ्ट करने से डायबिटीज और मोटापे जैसी समस्याएं भी हो सकती हैं। शोधकर्ताओं की टीम ब्लड टेस्ट की मदद से इम्यून सेल्स की जांच की। इसमें से कुछ की फंक्शनिंग बायोलॉकिल क्लॉक (Biologicalclock) के साथ जुड़ी हुई है। नाइट शिफ्ट में इम्यून सेल्स की प्रतिक्रिया में कोई बदलाव नहीं दिखा। लेकिन, अधिकांश अन्य सेल्स के प्रोटीनों में बदलाव दिखायी दिए।
ग्लूकोज विनियमन (Glucose Regulation) में शामिल प्रोटीन का विश्लेषण करते हुए टीम ने पाया कि नाइट शिफ्ट में काम करने वाले लोगों के शरीर में इंसुलिन उत्पादन और इंसुलिन सेंसिटिविटी (insulin sensitivity) से जुड़ी प्रक्रियाओं में कोई तालमेल नहीं था। वहीं, पिछली स्टडीज में भी यह देखा गया था कि रात की शिफ्ट में काम करने से ब्लड प्रेशर लेवल पर भी नेगेटिव असर पड़ता है। इससे हार्ट डिजिज और स्ट्रोक का रिस्क (Risk of heart diseases) भी बढ़ सकता है।
(IANS)