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Written By: Yogita Yadav | Published : February 18, 2019 5:46 PM IST
कई बार हम इस दर्द को नजरअंदाज कर देते हैं, जो आगे चलकर बड़ी परेशानी का कारण बनता है। यहां तक कि सर्जरी की भी नौबत आ सकती है। ©Shutterstock.
हर रोज की व्यस्तता में भले ही आप कलाई के इस छोटे से दर्द को नजरंदाज कर रहे हैं, पर यह बड़ी समस्या का संकेत भी हो सकता है, मत भूलिए कि कलाई के सहारे ही आप अपने सारे काम कर पा रहे हैं।
कंप्यूटर भी हो सकता है कारण
घंटों कंप्यूटर पर लिखते रहने या बहुत वजन वाली चीज उठाने से अचानक कलाई में तेज दर्द होने लगता है। कई बार हम इस दर्द को नजरअंदाज कर देते हैं, जो आगे चलकर बड़ी परेशानी का कारण बनता है। यहां तक कि सर्जरी की भी नौबत आ सकती है। हालांकि सर्जरी बहुत कम ही मामलों में की जाती है। कलाई में दर्द की समस्या पुरुषों की तुलना में महिलाओं को ज्यादा होती है। ठंड के मौसम में यह दर्द अधिक बढ़ जाता है।
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कार्पल टनल सिंड्रोम
लगातार कंप्यूटर पर माउस और की-बोर्ड के इस्तेमाल से उंगलियों और कलाई पर जोर पड़ने लगता है। कई बार सूजन भी आ जाती है, जिससे कलाई सुन्न हो जाती है या झुनझुनाहट होने लगती है। कई बार इसका असर हाथों और उंगलियों में आने लगता है। इसे कार्पल टनल सिंड्रोम कहा जाता है। कार्पल टनल कलाई के पास एक संकरी नली या सुरंगनुमा मार्ग है। इससे जुड़ी तंत्रिकाएं व तंतु अंगूठे, मध्यमा और अनामिका उंगलियों से जुड़े होते हैं। ऐसे में जब कभी कलाई के आसपास की कोशिकाओं और नसों पर दबाव पड़ता है तो इसका असर उंगलियों और हथेलियों पर भी होने लगता है।
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बहुत काम के हैं उपाय
सुबह और शाम के समय दर्द-निवारक तेल से मालिश करनी चाहिए।
कुछ समय के लिए कलाई को जितना अधिक हो, आराम दें। डॉक्टर प्लिलंट पहनने की सलाह भी दे सकते हैं।
दर्द के दौरान कलाई को बहुत अधिक हिलाएं-डुलाएं नहीं। वजनी चीजें उठाने से बचें। कंप्यूटर पर कोई भी काम लगातार हाथों के बल कर रहे हैं तो बीच-बीच में हाथों को आराम दें। स्माइली बॉल से कुछ देर व्यायाम करें।
जब कभी भी कलाई में दर्द हो तो सबसे पहले दर्द वाली जगह पर बर्फ की सिंकाई करें। ऐसा करने से दर्द में राहत मिलती है।
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इन उपायों को अपनाएं
कलाई में बहुत अधिक दर्द है या फिर जल्दी-जल्दी ऐसा हो रहा है तो डॉक्टर को दिखाने के साथ आपको अपने काम करने के तरीकों में भी बदलाव करने की जरूरत है। फिजियो थेरेपी और दवाओं से जल्दी ही आराम आ जाता है।
कलाई की सही मुद्रा : कलाई को सही मुद्रा में रखना भी बेहद जरूरी है। कंप्यूटर पर काम करते समय लंबे समय तक कलाई को सही ढंग से मेज पर ना रखना, लगातार एक ही हाथ से काम करना, उंगलियों को आराम न देना या लगातार भारी मोबाइल को हाथ में पकड़े रहना दर्द का कारण बन सकता है। अगर लंबे समय तक कंप्यूटर पर काम करते हैं तो कलाई को सपोर्ट देने वाले माउस पैड का इस्तेमाल करें। इसी तरह काम करते समय आपकी कोहनियां शरीर के दोनों ओर आराम की स्थिति में होनी चाहिए।
व्यायाम है जरूरी : शरीर के सभी हिस्सों तक रक्त संचार ढंग से नहीं होना भी कलाई दर्द का कारण हो सकता है। नियमित व्यायाम से रक्त संचार नियमित होता है और धीरे-धीरे कलाई वाली जगह पर ऑक्सीजन की मात्रा बढ़ जाती है। कलाई का हल्का व्यायाम करना आसपास के हिस्सों की नसों और मांसपेशियों को लचीला बनाता है, जो दर्द में आराम देता है। कलाई को घड़ी की दिशा या घड़ी से विपरीत दिशा में घुमाते रहने से भी आराम मिलता है। व्यायाम डॉक्टर की सलाह से ही करें।