इन 5 कारणों से कमजोर हो रही है महिलाओं की ओवरी, स्त्री रोग विशेषज्ञ ने दी चेतावनी

आजकल छोटी- छोटी उम्र में लड़कियों को पीरियड्स से जुड़ी समस्याएं हो रही हैं। पीरियड्स की परेशानी सिर्फ महीने के वो 5 दिन नहीं है, बल्कि इस पर गौर न किया जाए तो यह ओवरी के कमजोर होने का कारण भी बन सकती है।

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Written By: Ashu Kumar Das | Published : August 10, 2026 3:39 PM IST

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Medically Verified By: Dr Mannan Gupta

मैडम, आपकी AMH रिपोर्ट कम है, PCOS की वजह से अंडे नहीं बन रहे, अभी उम्र 28 है लेकिन ओवरी 38 जैसी लग रही है। दिल्ली के स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. मनन गुप्ता कहते हैं कि गायनो के क्लिनिक में आजकल यह बातें सबसे ज्यादा कही जाती है। एक दौर था जब महिलाओं को ओवरी से जुड़ी परेशानियां 40 साल की उम्र के बाद होती थी। लेकिन अब 25 से 35 की उम्र में ही लड़कियों को प्रेगनेंसी, इररेगुलर पीरियड्स और हार्मोनल प्रॉब्लम हो रही हैं। आखिरकार 20 से 30 साल की उम्र में ही लड़कियों की ओवरी कमजोर क्यों हो रही है? क्या है लड़कियों की ओवरी कमजोर होने के कारण और इसका इलाज। आइए जानते हैं इन सभी सवालों के जवाब।

1. नींद की कमी और स्ट्रेस

ऑफिस की डेडलाइन, घर की जिम्मेदारी, सोशल मीडिया और रात 2 बजे तक रील्स। हमारा दिमाग 24x7 फाइट या फ्लाइट मोड में रहता है। जब आप स्ट्रेस में होती हैं तो शरीर कोर्टिसोल नाम का हार्मोन रिलीज करता है। ज्यादा कोर्टिसोल सीधे आपके रिप्रोडक्टिव हार्मोन FSH और LH से टकराता है। डॉ. मनन गुप्ता बताते हैं ज्यादा स्ट्रेस के कारण ओव्यूलेशन मिस होना, पीरियड्स लेट होना और अंडों की क्वालिटी गिरने की समस्या होती है। स्ट्रेस के साथ रात को सही नींद न लेने से भी महिलाओं की ओवरी पर भी बुरा प्रभाव पड़ता है। खराब नींद से मेलाटोनिन हार्मोन भी गड़बड़ होता है और मेलाटोनिन सीधे ओवरी के अंडों को फ्री रेडिकल्स से बचाता है।

गलत खानपान के कारण ओवरी की समस्या होना आम बात है। गलत खानपान के कारण ओवरी की समस्या होना आम बात है।

2. प्रोसेस्ड फूड खाना

डॉ. मनन गुप्ता बताते हैं कि प्रोसेस्ड फूड जैसे कि पिज्जा, बर्गर, पैकेट वाला जूस, कोल्ड ड्रिंक, मैदा की ब्रेड खाने से भी महिलाओं की ओवरी प्रभावित हो रही है। ज्यादा शुगर और रिफाइंड कार्ब खाने से शरीर में इंसुलिन स्पाइक होता है। ज्यादा इंसुलिन ओवरी को पुरुष हार्मोन यानी एंड्रोजन ज्यादा बनाने का सिग्नल देता है। इसी से PCOS, एक्ने और बाल झड़ने की समस्या शुरू होती है ।

3. वजन का बहुत ज्यादा बढ़ना या बहुत ज्यादा घटना

महिलाओं के लिए वजन का बहुत ज्यादा बढ़ना और ज्यादा कम होना दोनों ही ओवरी की समस्या का कारण बन सकता है। डॉक्टर बताते हैं कि महिलाओं के शरीर में फैट सेल्स एस्ट्रोजन स्टोर करते हैं। ज्यादा फैट  हार्मोन का इम्बैलेंस। साथ में इंसुलिन रेजिस्टेंस आता है जो PCOS का सबसे बड़ा कारण है। वहीं, शरीर का वजन बहुत ज्यादा कम है तो BMI 18 से कम चला जाता है। इस स्थिति में भी महिलाओं की ओवरी कमजोर हो जाती है। इस स्थिति में भी महिलाओं का शरीर प्रेग्नेंसी कंसीव नहीं कर पाता है।

बिना डॉक्टर की सलाह के बर्थ कंट्रोल पिल्स लेना नुकसानदायक है।

4. बर्थ कंट्रोल पिल्स लेना

आज के दौर में वर्किंग महिलाएं करियर को तवज्जो देने के चक्कर में प्रेग्नेंसी की प्लानिंग देरी से करती हैं। ऐसे में ज्यादातर महिलाएं प्रेग्नेंसी को रोकने के लिए बर्थ कंट्रोल पिल्स का इस्तेमाल करती हैं। बर्थ कंट्रोल पिल्स लंबे समय तक लेने से भी महिलाओं की ओवरी कमजोर हो जाती है। स्त्री रोग विशेषज्ञ बताते हैं कि बर्थ कंट्रोल पिल्स खराब नहीं हैं। लेकिन बिना डॉक्टर की सलाह के सालों तक लेना, या बार-बार इमरजेंसी पिल लेना ओवरी को सुस्त कर देता है। इससे ओवर कमजोर हो जाती है। इसके कारण महिलाओं को प्रेग्नेंसी कंसीव करने में दिक्कत आती है।

5. एंटीबायोटिक का सेवन करना

बुखार, सर्दी, खांसी और अन्य वायरल बीमारियों में अगर महिलाएं बार- बार एंटीबायोटिक का सेवन करें तो इससे गट हेल्थ खराब होती है। एंटीबायोटिक्स लेने से 70% एस्ट्रोजन गट में ही मेटाबोलाइज होता है। इससे भी महिलाओं की ओवरी कमजोर हो जाती है और उन्हें प्रेग्नेंसी कंसीव करने में दिक्कत आती है।

डॉक्टर कहते हैं- इररेगुलर पीरियड्स, बहुत ज्यादा दर्द, अचानक वजन बढ़ना, चेहरे पर बाल, मूड स्विंग - ये सब ओवरी के SOS सिग्नल हैं।आज 20-30 की उम्र में AMH टेस्ट और अल्ट्रासाउंड करवाना शर्म की बात नहीं, समझदारी है। महिलाओं में ओवरी से जुड़ी समस्या का पता समय से चल जाए तो इलाज आसान हो सकता है। इसलिए ओवरी से जुड़े किसी भी लक्षण को बिल्कुल भी इग्नोर नहीं करना चाहिए।

डिस्क्लेमर: ये जानकारी सामान्य जागरूकता के लिए है। महिलाओं को पीरियड्स, प्रेग्नेंसी या फर्टिलिटी से जुड़ी कोई समस्या होती है तो इस बारे में डॉक्टर से बात करें और इलाज करवाएं।