क्या पीरियड्स पेन के लिए प्लांट बेस्ड रेमेडीज सच में असरदार हैं? जानें क्या कहती है साइंस
Periods Pain Ke Liye Upay: अगर आप पीरियड पेन से परेशान रहती हैं तो इस बार प्लांट बेस्ट रेमेडीज अपनाएं, हो सकता है आप दवाइयां लेना छोड़ दें।
Periods Pain Ke Liye Upay: अगर आप पीरियड पेन से परेशान रहती हैं तो इस बार प्लांट बेस्ट रेमेडीज अपनाएं, हो सकता है आप दवाइयां लेना छोड़ दें।
Importance of Menstrual Health and Hygiene in Women's wellness: स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ कहते हैं कि महिलाएं पीरियड्स के दौरान अपना ध्यान रखें तो इससे बीमारियों का खतरा कम होता है।
Kya Cancer ke Bad Aap ma Ban Sakti Hai: किसी महिला के जीवन को कैंसर कई अलग-अलग तरीके से प्रभावित कर सकता है और उमें से एक है उसके मां बनने का सपना टूटना। आज हम इस लेख में इसी बारे में बात करेंगे।
1 फरवरी को यूनियन बजट 2026 के भाषण में केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने हर जिले में गर्ल्स हॉस्टल खोलने की घोषणा की है। जानें इससे घर से बाहर रहने वाली महिलाओं व लड़कियों का मानसिक स्वास्थ्य कैसे सुधरेगा।
एंडोमेट्रियोसिस (Endometriosis) और एडेनोमायोसिस (Adenomyosis) जैसी गंभीर स्त्री-रोग संबंधी बीमारियां सालों तक बिना पहचान के रह जाती हैं। ये दोनों ही स्थितियां देखने में एक जैसी लगती हैं, लेकिन इनके कारण, प्रभाव और इलाज अलग-अलग होते हैं।
Women Health Problems: महिलाओं के शरीर में हार्मोन इंबैलेंस होना कई गंभीर बीमारियां पैदा कर सकता है, जिससे निपटने के लिए आपको स्वास्थ्य से जुड़ी कई समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है।
डॉ. सुनीता चौहान बताती हैं कि हेल्दी प्रेग्नेंसी न केवल मां के लिए, बल्कि बच्चे के भविष्य के लिए भी बेहद अहम होती है। प्रेग्नेंसी के 9 महीने बच्चे के शारीरिक, मानसिक और इम्यून सिस्टम की नींव रखते हैं।
Postpartum silent depression : डिलीवरी के बाद कई महिलाएं डिप्रेशन में चली जाती हैं। इसका कारण शरीर को पर्याप्त रूप से आराम न मिल पाने के अलावा कई होते हैं। आइए जानते हैं मां बनने के बाद महिलाओं को साइलेंट डिप्रेशन क्यों हो जाता है और इसके लक्षण क्या हैं?
Recurrent infections in women Causes and prevention tips : महिलाओं में बार-बार इंफेक्शन होना एक सामान्य लेकिन नजरअंदाज न करने वाली समस्या है। सही जानकारी, स्वच्छता, संतुलित जीवनशैली को अपनाकर इससे बचा जा सकता है।
How to increase fertility rate in women : महिलाओं में अनियमित पीरियड्स की समस्या बहुत आम होती है। इसकी वजह से कई महिलाओं को कंसीव करने में परेशानी आती है। अगर आप इस परेशानी को दूर करना चाहते हैं, तो खानपान पर ध्यान रखें। आइए जानते हैं कुछ ऐसे खानपान जिससे फर्टिलिटी क्षमता को बेहतर किया जा सकता है।
Perimenopause And Menopause Tips: 45-55 की उम्र के बाद कई महिलाएं मेनोपॉज का सामना करती हैं। इस स्थिति से निपटने के लिए आपका खान-पान अहम भूमिका निभाता है। कैसे? आइए न्यूट्रिशनिस्ट से जानें।
Samay Se Pehle joint Pain Hone Ka Karan: क्या आपकी उम्र 45 से कम है लेकिन फिर भी जोड़ों में ऐसा दर्द होता है कि जैसे मानों 50 पार कर ली हो? अगर हां तो आइए आपको बताते हैं ऐसा क्यों हो रहा है।
Roj Heavy White Discharge Hone Ka Karan: क्या आपको भी ऐसा लगता है कि आपको रोज जो वाइट डिसचार्ज होता है वो अन्य दिनों से ज्यादा हो रहा है? अगर हां तो क्या ये आम है? आइए डॉक्टर से जानते हैं ये सीरियस है या नहीं।
महिलाओं को होने वाली सफेद पानी की समस्या के लिए आयुर्वेद में किस तरह के उपचार बताए गए हैं और किन बातों का ध्यान रखकर महिलाएं इस समस्या से आराम पा सकती हैं, पढ़ें आयुर्वेद एक्सपर्ट्स की कुछ टिप्स यहां।
स्मोकिंग किसी के भी फेफड़ों के लिए ठीक नहीं। लेकिन, महिलाओं में स्मोकिंग की आदत फेफड़ों के साथ-साथ अन्य ऑर्गन्स को भी बहुत नुकसान पहुंचा सकती है।
कई सप्ताह तक पीरियड्स में देरी होना शरीर में छुपी हुई समस्याओं का लक्षण हो सकता है। इसे नजरअंदाज करने से बचें और तुरंत इलाज कराएं।
45 साल की उम्र में महिलाओं को मेनोपॉज हो सकता है। यह महिलाओं के पीरियड्स रूकने की नेचुरल प्रक्रिया है। मेनोपॉज के लक्षण तकरीबन 4-5 वर्ष पहले ही दिखायी देने लगते हैं। इस दौरान महिलाओं को कई तरह की हेल्थ प्रॉब्लम्स से गुजरना पड़ सकताा है। मेनोपॉज के कुछ ऐसे ही लक्षणों (Menopause Symptoms) के बारे में हम लिख रहे हैं यहां। अगर आपकी मां इन परेशानियों से गुजर रही हैं तो नजरअंदाज ना करें और उन्हें डॉक्टर को दिखाएं।
Mahilaon mein beemariyon ka risk: पुरुषों की तुलना में महिलाओं में कुछ प्रकार के कुछ प्रकार के कैंसर और लाइफस्टाइल से जुड़ी बीमारियों का रिस्क बढ़ जाता है। यहां पढ़ें उन्हीं बीमारियों के बारे में जिनका रिस्क महिलाओं में अधिक होता है।
Periods Pain Ke Liye Upay: अगर आप पीरियड पेन से परेशान रहती हैं तो इस बार प्लांट बेस्ट रेमेडीज अपनाएं, हो सकता है आप दवाइयां लेना छोड़ दें।
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Kya Cancer ke Bad Aap ma Ban Sakti Hai: किसी महिला के जीवन को कैंसर कई अलग-अलग तरीके से प्रभावित कर सकता है और उमें से एक है उसके मां बनने का सपना टूटना। आज हम इस लेख में इसी बारे में बात करेंगे।
1 फरवरी को यूनियन बजट 2026 के भाषण में केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने हर जिले में गर्ल्स हॉस्टल खोलने की घोषणा की है। जानें इससे घर से बाहर रहने वाली महिलाओं व लड़कियों का मानसिक स्वास्थ्य कैसे सुधरेगा।
एंडोमेट्रियोसिस (Endometriosis) और एडेनोमायोसिस (Adenomyosis) जैसी गंभीर स्त्री-रोग संबंधी बीमारियां सालों तक बिना पहचान के रह जाती हैं। ये दोनों ही स्थितियां देखने में एक जैसी लगती हैं, लेकिन इनके कारण, प्रभाव और इलाज अलग-अलग होते हैं।
Women Health Problems: महिलाओं के शरीर में हार्मोन इंबैलेंस होना कई गंभीर बीमारियां पैदा कर सकता है, जिससे निपटने के लिए आपको स्वास्थ्य से जुड़ी कई समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है।
डॉ. सुनीता चौहान बताती हैं कि हेल्दी प्रेग्नेंसी न केवल मां के लिए, बल्कि बच्चे के भविष्य के लिए भी बेहद अहम होती है। प्रेग्नेंसी के 9 महीने बच्चे के शारीरिक, मानसिक और इम्यून सिस्टम की नींव रखते हैं।
Postpartum silent depression : डिलीवरी के बाद कई महिलाएं डिप्रेशन में चली जाती हैं। इसका कारण शरीर को पर्याप्त रूप से आराम न मिल पाने के अलावा कई होते हैं। आइए जानते हैं मां बनने के बाद महिलाओं को साइलेंट डिप्रेशन क्यों हो जाता है और इसके लक्षण क्या हैं?
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How to increase fertility rate in women : महिलाओं में अनियमित पीरियड्स की समस्या बहुत आम होती है। इसकी वजह से कई महिलाओं को कंसीव करने में परेशानी आती है। अगर आप इस परेशानी को दूर करना चाहते हैं, तो खानपान पर ध्यान रखें। आइए जानते हैं कुछ ऐसे खानपान जिससे फर्टिलिटी क्षमता को बेहतर किया जा सकता है।
Perimenopause And Menopause Tips: 45-55 की उम्र के बाद कई महिलाएं मेनोपॉज का सामना करती हैं। इस स्थिति से निपटने के लिए आपका खान-पान अहम भूमिका निभाता है। कैसे? आइए न्यूट्रिशनिस्ट से जानें।
Samay Se Pehle joint Pain Hone Ka Karan: क्या आपकी उम्र 45 से कम है लेकिन फिर भी जोड़ों में ऐसा दर्द होता है कि जैसे मानों 50 पार कर ली हो? अगर हां तो आइए आपको बताते हैं ऐसा क्यों हो रहा है।
Roj Heavy White Discharge Hone Ka Karan: क्या आपको भी ऐसा लगता है कि आपको रोज जो वाइट डिसचार्ज होता है वो अन्य दिनों से ज्यादा हो रहा है? अगर हां तो क्या ये आम है? आइए डॉक्टर से जानते हैं ये सीरियस है या नहीं।
महिलाओं को होने वाली सफेद पानी की समस्या के लिए आयुर्वेद में किस तरह के उपचार बताए गए हैं और किन बातों का ध्यान रखकर महिलाएं इस समस्या से आराम पा सकती हैं, पढ़ें आयुर्वेद एक्सपर्ट्स की कुछ टिप्स यहां।
स्मोकिंग किसी के भी फेफड़ों के लिए ठीक नहीं। लेकिन, महिलाओं में स्मोकिंग की आदत फेफड़ों के साथ-साथ अन्य ऑर्गन्स को भी बहुत नुकसान पहुंचा सकती है।
कई सप्ताह तक पीरियड्स में देरी होना शरीर में छुपी हुई समस्याओं का लक्षण हो सकता है। इसे नजरअंदाज करने से बचें और तुरंत इलाज कराएं।
Space mein periods aate hain ya nahi? अंतरिक्ष में रहते हुए महिला एस्ट्रोनॉट्स की हेल्थ में किस तरह के बदलाव आते हैं। ऐसे में यह सवाल भी आता है कि स्पेस में पीरियड्स आते हैं या नहीं।
Late Period Causes: पीरियड्स लेट होने के कई कारण हो सकते हैं। महिलाओं को पीरियड्स लेट होने पर क्या करना चाहिए और किस तरह वे अपना ख्याल रख सकती हैं। इसी तरह लेट पीरियड्स की समस्या से आराम के लिए कुछ घरेलू उपाय भी पढ़ें यहां।
Mahilaon mein beemariyon ka risk: पुरुषों की तुलना में महिलाओं में कुछ प्रकार के कुछ प्रकार के कैंसर और लाइफस्टाइल से जुड़ी बीमारियों का रिस्क बढ़ जाता है। यहां पढ़ें उन्हीं बीमारियों के बारे में जिनका रिस्क महिलाओं में अधिक होता है।
Food For New Moms After Delivery In Hindi: डिलीवरी के बाद नई माताओं को पोषण की ज्यादा जरूरत होती है, जिसकी पूर्ति सही आहार द्वारा की जा सकती है।
यहां पढ़ें उन डायट टिप्स के बारे में जो पीसीओएस से राहत पाने के लिहाज से कारगर मानी गयी हैं। (Diet Tips for PCOS Patients)
ब्रेस्ट को आकर्षक बनाने से ज्यादा जरूरी होता है उन्हें हेल्दी रखना। क्योंकि महिलाओं में ब्रेस्ट कैंसर और उससे जुड़ी बीमारियां बहुत ही आम हो चली हैं। आइए जानते हैं ब्रेस्ट की देखभाल करने के उपाय क्या हैं।
महिलाओं की बदलती लाइफस्टाइल, खानपान की आदतें और बढ़ते प्रदूषण के कारण उनका मासिक चक्र बिगड़ जाता है। आज हम आपको कुछ घरेलू उपायों बताने जा रहे हैं, जिससे आप अपने पीरियड्स को नियमित कर सकती हैं।
महिलाओं के शरीर में 40 साल के बाद बहुत व्यापक स्तर पर हार्मोन्स के स्तर में चेंजेस आते हैं। इसीलिए, एक्सपर्ट्स इस उम्र में महिलाओं को पौष्टिक डायट लेने पर ज़ोर देते हैं। (Women's Diet post 40 years )
मेनोपॉज़ (Menopause) शुरु होने पर महिलाओं को अचानक वजन बढ़ने, चिड़चिड़ापन, कमज़ोरी, हेयर फॉल और स्किन पर डार्क सर्कल या झाइयां दिखने जैसी परेशानियां होने लगती हैं। (Symptoms of Menopause), इन सबके बीच आपको किस तरह की डायट अपनानी चाहिए, उसके बारे में पढ़ें यहां-
सदा जवान रहने के लिए क्या खाएं (foods to stay young forever), सदा जवान रहने की जड़ी बूटी, सदा जवान रहने की दवा, आंवले से हमेशा जवान रहे, सदा जवान रहने के लिए क्या करें, उम्र कम दिखने के उपाय, जवान रहने के लिए योग, Diet For Young looks.
कुछ संकेतों की मदद से पता चल जाता है कि आपके शरीर में एस्ट्रोजन हार्मोन की मात्रा कम हो गई है। दवाओं के अलावा कुछ उपायों को आजमाकर भी आप इसके लेवल को दोबारा ठीक कर सकती हैं। जानें, कुछ उपाय जिनके जरिए आप एस्ट्रोजन हार्मोन के लेवल को संतुलित कर सकती हैं।
पीरियड्स के दौरान ब्लड का रंग अगर लाल होता है तो वह सामान्य है लेकिन यदि भूरा या काला रंग निकलता है तो आपको सतर्क हो जाना चाहिए।
अगर किसी मेडिकल प्रॉब्लम की फैमिली हिस्ट्री है तो चिकित्सक से मिलकर समय-समय पर उनके द्वारा सुझाए गए टेस्ट, फिजिकल एग्जामिनेशन करवाते रहने चाहिए। समस्या का समय पर पता चल जाए तो बीमारी का इलाज जल्दी और आसान हो जाता है।
ज्यादा ब्लीडिंग होने से स्वाभाविक है शरीर में कमजोरी महसूस होगी। इसलिए जरूरी है कि इस दौरान महिलाएं अपनी डायट का बहुत ज्यादा ध्यान रखें।
ब्रेस्ट हेल्थ को लेकर अब भी महिलाओं में बहुत कम जागरुकता है। ज्यादातर महिलाएं या तो शरीर के इस नाजुक अंग की लापरवाही करती हैं या फिर एक्संपेरीमेंट करने का मन बनाने लगती हैं।
योनि में खुजली, रूखापन और रेसैज जैसे लक्षण नजर आएं, तो ये संकेत किसी वेजाइनल कंडीशन के हो सकते हैं। इनके बारे में महिलाओं को जरूर जान लेना चाहिए।
मेनोपॉज की अवस्था में शरीर में कई प्रकार के बदलाव होते हैं, जिससे महिलाओं को तनाव, मूड स्विंग्स और वजन बढ़ने जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ता है।
महिलाएं अपनी सेहत के बारे में इन बातों को जरूर जान लें
ज्यादा सेक्स से महिलाओं को हो सकती हैं ये 4 परेशानियां
मां बनने में भी बाधा बन सकता है हार्मोनल असंतुलन, समझें इसके बारे में
महिलाएं अपने पति, बच्चों और पूरे घर का तो खूब ख्याल रखती हैं, पर खुद की सेहत को नजरअंदाज कर देती हैं खासकर, 40 की दहलीज पर पहुंचने पर आपको समझदारी का साथ नहीं छोड़ना चाहिए ऐसा इसलिए, क्योंकि 40 की उम्र पार करते ही आप शारीरिक रूप से कमजोर पड़ने लगती हैं इस उम्र में भी चाहती हैं फिट रहना, तो अपनाएं ये 10 टिप्स इन्हें धीरे-धीरे अपनी लाइफस्टाइल का हिस्सा बना लेंगी, तो बहुत सी परेशानियों और रोगों से आप दूर रहेंगी
योनि स्राव होना बिल्कुल सामान्य है । योनि स्राव योनि को साफ़ और नम रखता है, और संक्रमणों को रोकने और उनसे लड़ने में मदद करता है।
ढीले-ढाले कपड़े पहनें और पैंटी होज़ न पहनें।
हाँ, कमजोरी से व्हाइट डिस्चार्ज हो सकता है।