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Brown discharge causes : वजाइनल डिस्चार्ज होना काफी सामान्य है। कभी-कभी पीरियड्स के कुछ दिनों बाद महिलाओं को ब्राउन डिस्चार्ज हो सकता है, जो आमतौर पर इसलिए होता है क्योंकि पहले के पीरियड्स के दौरान कुछ कण आपके स्त्राव में मिल जाता है। यह एक सामान्य घटना है और आमतौर पर आपके मासिक धर्म के अंत में होती है, इस दौरान ब्लीडिंग काफी कम हो जाती है। लेकिन कभी-कभी ब्राउन डिस्चार्ज अन्य कारणों से भी हो सकता है। ऐसे में अगर आपको लंबे समय से या फिर काफी ज्यादा ब्राउन डिस्चार्ज हो रहा है, तो इसे नजरअंदाज बिल्कुल भी न करें। आइए जानते हैं किन कारणों से महिलाओं को होता है ब्राउन डिस्चार्ज?
ब्राउन डिस्चार्ज का कारण कभी-कभी ओव्यूलेशन हो सकता है। यह अक्सर पीरियड्स साइकल के बीच में होता है। ओव्यूलेशन के दौरान होने वाले डिस्चार्ज ब्राउन रंग के हो सकते हैं। इस दौरान महिलाओं को ऐंठन और यौन इच्छा में वृद्धि जैसा महसूस होता है।
कुछ रिपोर्ट्स के मुताबिक, गर्भावस्था के शुरुआती दिनों में लगभग 15% से 20% महिलाओं को ब्राउन रंग का वजाइनल डिस्चार्ज होता है। यह धब्बे की तरह दिखता है। दरअसल, शुरुआती गर्भावस्था में योनि से रक्तस्राव इम्प्लांटेशन रक्तस्राव के कारण हो सकता है। यह रक्तस्राव तब होता है जब निषेचित अंडा गर्भाशय की परत में समा जाता है। इम्प्लांटेशन ब्लीडिंग आमतौर पर निषेचन के एक या दो सप्ताह बाद होती है और इस तरह के संकेत गर्भावस्था के पहले लक्षणों में से एक है।
गर्भावस्था के पहले 20 हफ्तों के दौरान स्पॉटिंग गर्भपात होने का संकेत हो सकता है। स्पॉटिंग का रंग अलग-अलग हो सकता है। यदि ब्लड गर्भाशय से जल्दी निकल गया है, तो धब्बा लाल दिखाई देगा। यदि ब्लड लंबे समय तक गर्भाशय में रहा है, तो स्पॉटिंग भूरे रंग की दिख सकती हैं। भूरे रंग का स्राव कॉफी के रंग जैसा काफी ज्यादा गहरा दिखता है।
Disclaimer: हमारे लेखों में साझा की गई जानकारी केवल इंफॉर्मेशनल उद्देश्यों से शेयर की जा रही है इन्हें डॉक्टर की सलाह के रूप में नहीं माना जाना चाहिए। किसी भी बीमारी या विशिष्ट हेल्थ कंडीशन के लिए स्पेशलिस्ट से परामर्श लेना अनिवार्य होना चाहिए। डॉक्टर/एक्सपर्ट की सलाह के आधार पर ही इलाज की प्रक्रिया शुरु की जानी चाहिए।