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करियर और परिवार के बीच सेहत को नजरअंदाज कर रही हैं महिलाएं, डॉक्टर ने बताया बढ़ रहा है इन 4 कैंसर का खतरा

ऑफिस का काम, करिवर को तवज्जों देने और परिवार की भागदौड़ को संभालने के चक्कर में महिलाएं खुद की सेहत और बीमारियों को नजरअंदाज कर रही हैं। यही चीजें महिलाओं में कैंसर को बढ़ावा दे रही हैं। आइए डॉक्टर से जानते हैं इसके बारे में-

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Written By: Ashu Kumar Das | Published : July 12, 2026 7:17 PM IST

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Medically Verified By: dr. vaishali zamre

आज की महिला घर और ऑफिस दोनों की जिम्मेदारियों को बखूबी निभा रही है। सुबह से लेकर देर रात तक परिवार, बच्चों और नौकरी के बीच संतुलन बनाते-बनाते वह अक्सर अपनी सेहत को सबसे आखिर में रख देती है। कई बार शर्म, झिझक, समय की कमी या फिर "सब ठीक हो जाएगा" जैसी सोच के कारण महिलाएं शरीर में दिखाई देने वाले शुरुआती संकेतों को भी नजरअंदाज कर देती हैं। लेकिन यही लापरवाही आगे चलकर गंभीर बीमारियों, खासकर कैंसर का कारण बन सकती है।

नेशनल लाइब्रेरी ऑफ मेडिसिन की रिसर्च बताती है कि महिलाओं में होने वाले कई प्रकार के कैंसर की समय रहते पहचान हो जाए तो उनका इलाज पूरी तरह से किया जा सकता है। कैंसर की पहचान के लिए महिलाओं को शरीर में होने वाले छोटे- छोटे बदलावों पर ध्यान देना जरूरी है। हरियाणा के सोनीपत स्थित एंडोमेड्रा अस्पताल की सीनियर ऑन्कोलॉजिस्ट डॉ. वैशाली जामरे का कहना है बता रही हैं भारतीय महिलाओं में कौन- कौन से कैंसर तेजी से बढ़ रहे हैं।

1. ब्रेस्ट कैंसर

डॉ. वैशाली जामरे बताती हैं कि ब्रेस्ट कैंसर महिलाओं में सबसे अधिक पाए जाने वाले कैंसरों में शामिल है। यह 25 से 65 वर्ष की महिलाओं में ज्यादा देखने को मिलता है। हालांकि यह किसी भी उम्र में हो सकता है, इसलिए हर महिला को अपने स्तनों में होने वाले बदलावों पर नजर रखनी चाहिए।

भारतीय महिलाओं में ब्रेस्ट कैंसर के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। भारतीय महिलाओं में ब्रेस्ट कैंसर के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं।

ब्रेस्ट कैंसर के शुरुआती लक्ष्ण

  1. स्तन में गांठ महसूस होना
  2. स्तन के आकार या बनावट में बदलाव
  3. निप्पल से असामान्य स्राव (डिस्चार्ज)
  4. त्वचा में सिकुड़न या गड्ढा पड़ना
  5. अगर महिलाओं को अपने शरीर में यह लक्षण नजर आता है तो इस बारे में तुरंत डॉक्टर से बात करें।

2. सर्वाइकल कैंसर

महिलाओं में दूसरा सबसे आम कैंसर सर्वाइकल कैंसर है। यह मुख्य रूप से ह्यूमन पैपिलोमा वायरस (HPV) संक्रमण से जुड़ा होता है। अच्छी बात यह है कि नियमित जांच और HPV वैक्सीन की मदद से इस कैंसर के खतरे को काफी हद तक कम किया जा सकता है।

सर्वाइकल कैंसर के लक्षण

  1. पीरियड्स के बीच असामान्य ब्लीडिंग
  2. पार्टनर के साथ संबंध बनाने के बाद ब्लीडिंग
  3. असामान्य योनि से किसी प्रकार का डिस्चार्ज
  4. लंबे समय तक रहने वाला पेल्विक दर्द

3. ओवेरियन कैंसर

ओवेरियन कैंसर को शुरुआती चरण में पहचानना आसान नहीं होता क्योंकि इसके लक्षण सामान्य पाचन संबंधी समस्याओं जैसे लग सकते हैं। यही कारण है कि अक्सर इसका पता देर से चलता है।

ओवेरियर कैंसर के लक्षण

  1. लगातार पेट फूलना
  2. पेल्विक या पेट के निचले हिस्से में दर्द
  3. थोड़ी मात्रा में खाना खाने के बाद भी पेट भरा हुआ रहना
  4. बार-बार पेशाब आने की समस्या

यदि ये लक्षण लगातार कई सप्ताह तक बने रहें तो डॉक्टर से जांच जरूर करवाएं। डॉ. वैशाली कहती हैं कि महिलाओं को अपने शरीर में लगातार पीरियड्स या पेशाब से जुड़ी कोई समस्या नजर आती है तो इस बारे में डॉक्टर से बात करना जरूरी है।

4. यूटेराइन (एंडोमेट्रियल) कैंसर

यूटेराइन या एंडोमेट्रियल कैंसर गर्भाशय की अंदरूनी परत में विकसित होता है। यह विशेष रूप से रजोनिवृत्ति (मेनोपॉज) के बाद की महिलाओं में ज्यादा देखा जाता है।

यूटेराइन कैंसर के लक्षण

  1. अनियमित ब्लीडिंग होना
  2. मेनोपॉज के बाद दोबारा ब्लीडिंग होना
  3. असामान्य योनि से डिस्चार्ज रहना
  4. पेल्विक क्षेत्र में लगातार दर्द

किन बातों का रखें विशेष ध्यान?

डॉक्टर के अनुसार, महिलाओं को शरीर में होने वाले किसी भी असामान्य बदलाव को हल्के में नहीं लेना चाहिए। यदि लगातार दर्द, असामान्य ब्लीडिंग, अचानक वजन कम होना या लंबे समय तक कोई परेशानी बनी रहती है तो इस बारे में डॉक्टर से बात करना जरूरी है। महिलाओं के लिए आज के दौर में ऑफिस का काम बहुत जरूरी है। लेकिन इसके साथ ही जरूरी है कि वो कैंसर जैसी घातक बीमारी से बचाव करने के लिए समय-समय पर मैमोग्राफी, पैप स्मीयर टेस्ट और पेल्विक एग्जाम जैसी स्क्रीनिंग करवाएं। इस तरह की स्क्रीनिंग से कैंसर का शुरुआती चरण में पता लगाया जा सकता है, जिससे इलाज की सफलता की संभावना बेहतर होती है।

महिलाएं कैंसर का खतरा कैसे कम करें?

डॉ. वैशाली जामरे कहती हैं कि महिलाओं में कैंसर का खतरा कम करने के लिए कुछ खास उपायों को अपनाना जरूरी है। इसमें शामिल हैः

दिन या रात के समय संतुलित और पौष्टिक भोजन करें।

रोजाना कम से कम 30 मिनट किसी प्रकार की एक्सरसाइज करें।

पर्याप्त और गुणवत्तापूर्ण नींद लें।

तनाव कम करने के लिए योग और मेडिटेशन करें।

धूम्रपान और शराब से दूरी बनाए रखें।

नियमित हेल्थ चेकअप को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाएं।

Disclaimer: यह जानकारी सिर्फ आपकी सामान्य समझ बढ़ाने के लिए है। अगर आपको कोई स्वास्थ्य संबंधी परेशानी या लक्षण हैं, तो बिना देरी किए डॉक्टर से सलाह लें और खुद से इलाज न करें।