
मुकेश शर्मा
मुकेश शर्मा दिल्ली यूनिर्विसिटी से जर्नलिज्म डिग्री होल्डर हैं और पिछले 8 साल से Health Journalism से जुड़े हुए ... Read More
Written By: Mukesh Sharma | Published : January 11, 2023 11:26 AM IST
Women illness after 30: उम्र के साथ-साथ हमारे शरीर में कई बदलाव आते हैं और धीरे-धीरे हमारा शरीर कमजोर भी पड़ता रहता है। कुछ अध्ययनों में यह भी पाया गया है कि बढ़ती उम्र का प्रभाव पुरुषों से जल्दी महिलाओं के शरीर पर पड़ने लगता है। 30 की उम्र आते-आते महिलाओं के शरीर में कई बदलाव हो जाते हैं और अगर समय रहते जरूरी बातों का ध्यान न रखा जाए तो कई बीमारियां भी पैदा हो सकती हैं। आजकल जीवनशैली से जुड़ी आदतें बिगड़ने के कारण 30 की उम्र के बाद महिलाएं भी कई बीमारियों से ग्रसित हो जाती हैं। इस लेख में हम आपको ऐसी 5 बीमारियों के बारे में बताने वाले हैं, जिनका खतरा महिलाओं को 30 की उम्र के बाद हो जाता है। चलिए जानते हैं 30 के बाद किन बीमारियों के होने का खतरा बढ़ जाता है।
वैसे तो कैंसर ऐसी बीमारी है, जो ज्यादातर जेनेटिक स्थितियों से जुड़ी होती हैं। लेकिन लाइफस्टाइल भी इसमें काफी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। 30 के बाद कुछ महिलाओं के स्तनों में गांठ बनने लग जाती हैं और कुछ मामलों में ये गांठ कैंसर से जुड़ी भी हो सकती है।
उम्र बढ़ने के साथ-साथ हड्डियां कमजोर होने लगती है और अगर आप सही डाइट नहीं ले पा रहे हैं, तो 30 साल की उम्र के बाद ही हड्डियां काफी कमजोर पड़ जाती हैं। ऐसी स्थितियों में कई बार ऑस्टियोपोरोसिस जैसी बीमारियां होने का खतरा बढ़ जाता है। 30 की उम्र के साथ-साथ शरीर में कैल्शियम की कमी होने लग जाती है और हड्डियों से जुड़ी अन्य बीमारियां होने का खतरा भी बढ़ जाता है।
वेरीकोज वेन्स नसों से जुड़ी और अत्यंत दर्दनाक बीमारी है। इसमें रोग में नसों में तेज सूजन आ जाती है, जिससे तेज दर्द होने लगता है। 30 की उम्र के बाद यह बीमारी होने का खतरा तेजी से बढ़ जाता है और ऐसा लाइफस्टाइल से जुड़ी खराब आदतों और सही डाइट न लेने के कारण होता है।
बढ़ती उम्र के साथ उच्च रक्तचाप जैसी समस्याएं होने लग जाती हैं। बढ़ती उम्र के साथ आपका वैस्कुलर सिस्टम प्रभावित हो जाता है और धमनियां कठोर होने लगती हैं। कठोर हो रही धमनियों से रक्त का प्रवाह भी प्रभावित हो जाता है और इस कारण से ब्लड प्रेशर बढ़ने लग जाता है।
अगर आपका लाइफस्टाइल सही नहीं है, तो 30 साल की उम्र के बाद फर्टिलिटी से जुड़ी समस्याएं होने लग जाती हैं। कुछ महिलाओं की प्रजनन क्षमता 30 के बाद धीरे-धीरे कमजोर पड़ने लगती हैं, जिससे प्रेगनेंसी से जुड़ी समस्याएं होने लग सकती हैं। हालांकि, समय रहते सही लाइफस्टाइल और उचित डाइट अपनाकर फर्टिलिटी से जुड़ी अन्य समस्याओं के खतरे को काफी हद तक कम किया जा सकता है।