इन 4 गंभीर बीमारियों से जूझ रही हैं दुनियाभर की महिलाएं, यूटीआई और ब्रेस्ट कैंसर से भी आगे है ये बीमारी

वैसे तो पुरुष और महिलाएं, दोनों ही बीमार पड़ सकते हैं। लेकिन, कुछ बीमारियां ऐसी हैं, जो महिलाओं में ज्यादा देखने को मिलती हैं। इनमें से 4 बीमारियां ये हैं-

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Written By: Anju Rawat | Updated : March 8, 2025 4:45 PM IST

Most Common Disease in Women: आजकल अधिकतर महिलाएं वर्किंग हैं और दोहरी जिंदगी जी रही हैं। वे घर और ऑफिस की जिम्मेदारियां भली-भांति निभा रही हैं। घर पर बच्चों, पति और परिवार के अन्य सदस्यों की पूरी देखभाल कर रही हैं। वहीं, ऑफिस में भी नए-नए मुकाम हासिल कर रही हैं। लेकिन, इन सभी जिम्मेदारियों के तले वे अपनी सेहत पर ज्यादा ध्यान नहीं दे पाती हैं। यही वजह है कि महिलाओं को कई तरह की स्वास्थ्य समस्याओं से जूझना पड़ता है। कई महिलाएं कमर दर्द, जोड़ों के दर्द, गठिया, डायबिटीज और थायराइड आदि से परेशान रहती हैं। लेकिन, यह बीमारियां पुरुषों में भी देखने को मिलती है। इस लेख में हम आपको ऐसी कुछ बीमारियों के बारे में बताने जा रहे हैं, जिनसे दुनियाभर की महिलाएं जूझ रही हैं। आज यानी 8 मार्च को विश्व महिला दिवस (World Women Day) के मौके पर हम आपको ऐसी 4 गंभीर बीमारियों के बारे में बता रहे हैं, जिनसे कई महिलाएं अपनी जान तक गवां बैठती हैं। आइए, फैमिली फिजिशियन ऑफ इंडिया के अध्यक्ष डॉ. रमन कुमार से जानते हैं महिलाओं में होने वाली आम समस्याएं-

1. एनीमिया

महिलाओं में एनीमिया एक आम समस्या है। दुनियाभर में अधिकतर महिलाएं इस समस्या से जूझ रही हैं। विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार 2019 में 15 से 49 वर्ष की आयु की 29.9 फीसदी महिलाएं एनीमिया से पीड़ित थीं। इसमें रक्त में लाल रक्त कोशिकाएं कम होने लगती हैं। एनीमिया की वजह से हीमोग्लोबिन का स्तर भी कम हो जाता है। रक्त में रेड ब्लड सेल्स की वजह से थकान, कमजोरी और सांस लेने में तकलीफ जैसी समस्याओं का भी सामना करना पड़ता है। इतना ही नहीं, चक्कर आना, ठंडे हाथ, त्वचा का पीला पड़ना और दिल की तेज धड़कन आदि भी एनीमिया के लक्षण है। कुछ मामलों में एनीमिया बेहद गंभीर हो सकता है। इसलिए अगर शरीर में आयरन या हीमोग्लोबिन का स्तर कम है, तो इस संकेत को बिल्कुल अनदेखा न करें।

2. पीसीओएस

पीसीओएस यानी पॉलीसिस्टिक ओवरी सिंड्रोम महिलाओं को होने वाली एक समस्या है। अनियमित मासिक धर्म, वजन बढ़ना, मुंहासे और बाल झड़ना आदि पीसीओएस के लक्षण होते हैं। हालांकि, हर महिला में पीसीओएस के लक्षण अलग-अलग हो सकते हैं। विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार प्रजनन आयु वर्ग की 6-13 फीसदी महिलाओं में पीसीओएस का निदान होता है। यह बांझपन का एक प्रमुख कारण है। यह एक हार्मोनल डिसऑर्डर है, जो मासिक धर्म चक्र को प्रभावित करता है।

3. स्तन कैंसर

स्तन कैंसर महिलाओं में सबसे आम कैंसर है। दुनियाभर की कई महिलाएं स्तन कैंसर से अपनी जान गवांती हैं। विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार साल 2022 में 2.3 मिलियन महिलाओं में स्तन कैंसर का निदान हुआ था। जिसमें से लगभग 7 लाख महिलाओं से अपनी जान गवां दी। महिलाओं में स्तन कैंसर एक बेहद गंभीर बीमारी है। स्तन में गांठ, स्तन में दर्द, स्तन में सूजन आदि स्तन कैंसर के लक्षण (Breast Cancer ke Lakshan) होते हैं।

4. यूटीआई

महिलाओं में यूटीआई एक बेहद आम समस्या है। अधिकतर महिलाओं को अपनी जीवन में कभी-न-कभी यूटीआई जरूर होता है। पुरुषों की तुलना में महिलाओं में यूटीआई बेहद आम है। यूटीआई बैक्टीरिया के कारण होती है। इसकी वजह से महिलाओं को पेशाब करते समय गंभीर दर्द का अनुभव होता है। इसके अलावा, बुखार, शरीर में दर्द, बार-बार पेशाब आना, पेशाब के दौरान जलन होना यूटीआई के लक्षण (UTI ke Lakshan) होते हैं।

Disclaimer: प्रिय पाठकों यह आर्टिकल केवल सामान्य जानकारी और सलाह देता है। यह किसी भी तरह से चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है। इसल‍िए अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श जरूर करें। thehealthsite.com इस जानकारी के लिए ज‍िम्मेदारी का दावा नहीं करता है।