मुझे हर महीने पीरियड के पहले दिन होते थे उल्टी-दस्त, 3 चीजों से मिली राहत, डॉ. से जानें Periods में यह कितना नॉर्मल है?

World Menstrual Hygiene Day: वर्ल्ड मेंस्ट्रुअल हाइजीन डे के मौके पर हम आपके साथ शेयर करेंगे मेघा रावत की स्टोरी, जिसमें उन्होंने पीरियड्स के शुरूआती दिनों में होने वाली परेशानी के बारे में बताया है।

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Written By: Vidya Sharma | Updated : May 29, 2026 8:51 AM IST

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Medically Verified By: Dr. Rita Bakshi

पीरियड्स! यह हर महिला के लिए खुशी और दर्द दोनों लेकर आता है। बहुत ही महिलाएं हर महीने होने वाले अपने पीरियड्स से इसलिए परेशान रहती हैं, क्योंकि इस दौरान सहा न जा सकने वाला पेट दर्द, कमर दर्द, पैरों में दर्द और न जाने क्या-क्या दिक्कतें होती हैं। इसके अलावा मूड स्विंग्स और थकान जैसी समस्याएं भी होती हैं। लेकिन यह यहीं खत्म नहीं होता है।

लेकिन कुछ महिलाओं के लिए यह परेशानी सिर्फ दर्द तक सीमित नहीं रहती। उन्हें वीकनेस के साथ-साथ उल्टी, दस्त और जी मिचलाना जैसी दिक्कतों का भी सामना करना पड़ता है। ऐसी ही एक्सपियरेंस डी.यू स्टूडेंट मेघा रावत हमारे साथ शेयर किया। आइए मेघा से ही जानते हैं महावारी में उन्हें कैसा फील होता है।

उल्टी-दस्त से परेशान रहती हैं मेघा

मेघा बताती हैं कि शुरुआत में उन्हें लगा था कि पीरियड्स में उल्टी-दस्त होना नॉर्मल है। और क्योंकि ऐसा पहले दिन ही होता है तो मेघा को लगा कि ये पीरियड क्रैम्प का ही एक हिस्सा है, लेकिन समय के साथ-साथ जब परेशानी ज्यादा ही बढ़ गई कि कई बार उन्हें खाना तक नहीं पचता था और बार-बार वॉशरूम जाना पड़ता था।

बाद में जब उन्हें लगा कि ऑफिस और रोजमर्रा के कामों में भी परेशानी हो रही है तो उन्होंने डॉक्टर की सलार लेने के बारे में सोचा। और डॉक्टर का जवाब था मेघा का शारीरिक रूप से कमजोरा होना। लेकिन क्या वीकनेस इतनी परेशानी खड़ी कर सकती है? आइए डॉक्टर से जानते हैं।

पीरियड्स में उल्टी-दस्त क्यों होते हैं?

मेघा रावत की परेशानी के बारे में हमने गायनेकोलॉजिस्ट डॉक्टर रीता बक्सी से बात की। उनके अनुसार “पीरियड्स के दौरान शरीर में प्रोस्टाग्लैंडिन नाम के हार्मोन जैसे केमिकल्स बढ़ जाते हैं। ये यूट्रस की मसल्स को सिकोड़ने का काम करती हैं, ताकि पीरियड्स का ब्लड बाहर निकल सके। लेकिन कई बार यही केमिकल्स पेट और आंतों पर भी प्रभाव डालते हैं, जिससे दस्त, पेट खराब होना, उल्टी या मतली जैसी समस्याएं शुरू हो जाती हैं।”

लेकिन अगर आपको हर महीने ये चीजें हो रही हैं तो यह एंडोमेट्रियोसिस, हार्मोनल इम्बैलेंस या अन्य गायनेकोलॉजिकल समस्याओं का संकेत भी हो सकता है। जिसके लिए डॉक्टर ने कुछ उपाय बताए हैं।

क्या खा रहे हैं, इसका ध्यान रखें

अगर आप पीरियड्स शुरू होने से 3-4 दिन पहले मसालेदार, ऑयली और जंक फूड खाना कम या बंद कर दें। साथ ही खूब पानी पिएं और हेल्दी डाइट लें, तो इस समस्या को ठीक किया जा सकता है। क्योंकि पीरियड्स के समय हमारे पेट में वैसे ही दर्द होता है, ऐसे में अगर हम न पचने वाला खाना खाएंगे तो यह अधिक परेशानी खड़ी करेगा।

गर्म पानी पिएं और आराम करें

पीरियड्स के पहले दिन पेट पर हीटिंग पैड या गर्म पानी की बोतल से सेक करें, क्योंकि ऐसा करने से दर्द और ऐंठन में राहत मिलती है। साथ ही आपको नींद पूरी करनी है और बॉडी को जितना हो सके आराम देना है। इससे आपको उल्टी जैसा महसूस होना भी कम हुआ।

डॉक्टर की सलाह और सही दवाएं

अगर आपको लग रहा है कि इन उपायों से कुछ नहीं हो रहा है, तो एक बार डॉक्टर से संपर्क करें। डॉक्टर आपके कुछ जरूरी टेस्ट करवाएंगे और जरूरत के हिसाब से दवाएं देंगे। सही समय पर दवा लेने और नियमित फॉलो-अप से आपकी स्थिति पहले से काफी बेहतर हो गई।

डिस्क्लेमर: हल्का दर्द, कमजोरी या मूड स्विंग्स होना नॉर्मल है, लेकिन बहुत ही ज्यादा दर्द, उल्टी और दस्त हो रहे हैं तो नजरअंदाज करना सही नहीं है। अगर आपको भी हर महीने ऐसी समस्या होती है, तो घरेलू उपायों के साथ डॉक्टर की सलाह जरूर लें। क्योंकि कई बार शरीर पहले ही संकेत देने लगता है कि उसे अतिरिक्त देखभाल की जरूरत है।

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