क्या AI सच में हॉस्पिटल बिल को 30% तक कम कर देगा? स्टेप बाय स्टेप समझिए पूरा खेल

हेल्थ सेक्टर के लिए AI बहुत काम की चीज हो सकती है। डॉक्टर कहते हैं कि अगर AI का सही इस्तेमाल किया जाए तो मरीजों का अस्पताल बिल वर्तमान के मुकाबले काफी सस्ता हो सकता है।

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Written By: Rashmi Upadhyay | Published : April 10, 2026 1:18 PM IST

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जिसे शॉट में एआई कहते हैं, आजकल लोगों का दुशमन बना हुआ है। क्यों? क्योंकि AI के कारण लोगों की नौकरियां जा रही है, मार्किट अस्थिर है और बाजार में मंदी है। लोग खुद को कोस रहे हैं कि इस AI के युग में उन्हें क्यों नौकरियां करनी पड़ रही है! लेकिन इसी के बीच एक अच्छी खबर यह है कि AI सिर्फ आपका नुकसान करने ही नहीं बल्कि फायदा करने भी आया है। अस्पतालों के भारी भरकम बिल और मिसमैनेजमेंट को AI काफी हद तक मैनेज कर सकता है। जिससे मरीजों की जेब पर दबाव कम होगा और समय की भी बर्बादी नहीं होगी। लेकिन कैसे? आसान भाषा में और एकदम स्टेप बाय स्टेप समझते हैं कि अगर AI का इस्तेमाल अस्पतालों में होने लगेगा तो हॉस्पिटल बिल में क्या और कैसे कमी आ सकती है।

AI हॉस्पिटल बिल को कैसे कम करेगा?

नेशनल सेंटर फॉर बायोटेक्नोलॉजी इंफोरमेशन में पब्लिश हुई एक रिसर्च के अनुसार हेल्थ सेक्टर में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का सबसे बड़ा काम एडमिनिसट्रेशन काम को कम करना है। पर्चे पर लिखी डॉक्टर की भाषा को समझने के लिए कंप्यूटर के आगे लोग बैठते हैं और दवाओं के कोड (ICD या CPT) निकालने में समय लेते हैं वो काम एआई कुछ ही मिनटों में कर देगा। जिससे लागत तो कम होगी ही साथ ही काम भी जल्दी हो जाएगा।

बिल में मैनेजमेंट और कागजी कार्रवाई का 25% से 30% हिस्सा

देखिए जब आप किसी अस्पताल में जाते हैं तो वहां डॉक्टर की फीस में उनके पूरे इंफ्रास्ट्रक्चर का खर्चा शामिल होता है। इसलिए आपने देखा होगा जितना बड़ा और चकाचौंध अस्पताल होगा वहां के डॉक्टर की फीस उतनी ही ज्यादा होगी। लेकिन जब प्रशासनिक काम करने के लिए कोई बैठा ही नहीं है और सारा काम ऑटोमेटिक हो रहा है तो जाहिर सी बात है कि उस इंसान की सैलरी आपकी फीस से ऑटोमेटिक कट हो जाएगी। इससे इंसानी गलतियां कम होती हैं और अस्पताल की कमाई बढ़ती है। बताते चलें कि लगभग अस्पताल के बिल का लगभग 25% से 30% हिस्सा सिर्फ कागजी कार्रवाई और मैनेजमेंट का होता है।

सही डायनोसिस होगा तो बिल भी कम आएगा

जब कोई व्यक्ति कोई शारीरिक या मानसिक स्वास्थ्य की शिकायत लेकर अस्पताल जाता है तो डॉक्टर दवाओं के साथ कुछ और स्क्रीनिंग और ब्लड टेस्ट भी लिख देते हैं। डॉक्टर का प्राइमरी मकसद होता है समय पर बीमारी की जड़ तक पहुंच कर मरीज को जल्द से जल्द सही किया जाए। लेकिन अगर मरीज के नजरिए से सोचा जाए तो ​ये खर्चे उसकी जेब पर बहुत भारी पड़ते हैं। उसे डर के कारण उन सभी टेस्ट और दवाओं पर पैसा खर्च करना पड़ता है जो शायद जरूरी नहीं होते। अब यहां AI क्या करेगा? जब आप टेस्ट या स्क्रीनिंग के लिए रेडियोलॉजिस्ट के पास जाते हैं तो इंसान होने के नाते उनसे गलतियां हो सकती हैं। लेकिन जब AI प्रिस्क्रिप्शन पढ़ेगा तो एकदम वहीं चीजें बताएगा जिसकी वास्तव में उस व्यक्ति को जरूरत है। जैसे AI बता सकता है कि मरीज की हिस्ट्री, ​DNA और जेनेटिक्स को देखते हुए ब्लड टेस्ट B की नहीं बल्कि A कराने की जरूरत है। सिंपल बात ये है कि AI डॉक्टर की जगह नहीं लेगा, बल्कि डॉक्टर को 'Digital Superpowers' दे सकता है। जहां डॉक्टर के पास अनुभव है, वहीं AI के पास लाखों मरीजों का डेटा है। डॉक्टर कहते हैं कि जब अस्पतालों में AI का full fledged यूज होने लगेगा तो अस्पताल का बिल काफी हद तक कम हो सकता है।

Disclaimer: प्रिय पाठकों यह आर्टिकल केवल सामान्य जानकारी और सलाह देता है। यह किसी भी तरह से चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है। इसलिए अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श जरूर करें। thehealthsite.com इस जानकारी के लिए जिम्मेदारी का दावा नहीं करता है।

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