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युवा महिलाओं में क्यों बढ़ रहा हृदय रोग का खतरा, एक्सपर्ट से जानिए महिलाओं में उम्र के अनुसार हृदय रोगाें से बचाव के उपाय

महिलाओं में हृदय रोग के प्रसार का तरीका बदल रहा है, अब युवा महिलाएं भी दिल की बीमारियों से ग्रसित हो रही हैं। आइये एक्सपर्ट से जानते हैं उम्र के अनुसार हृदय रोगाें से बचाव के उपाय क्या हैं।

औरतों की उम्र बढ़ने के साथ-साथ हृदय रोग की संभावनाएं बढ़ जाती हैं। हालांकि आजकल यह चलन पहले की अपेक्षा जब मेनोपाज (रजोनिवृत्ति) के बाद हृदय विकार होते थे, नौजवान महिलाओं में भी इसका खतरा बढ़ गया है। इसका सबसे मुख्य कारण कार्य का तनाव माना जाता है। इसके साथ दूसरे जोखिम कारक जैसे कि मधुमेह की मौजूदगी, मोटापा या दूसरे शारीरिक क्रिया कलापों जैसे कि शारीरिक कसरत न करना आदि इसमें आग में घी का काम करते हैं। इसलिए हर उम्र के महिलाओं को चाहिए कि हदय संबंधी विकारों को लेकर सजग हो जाएं। वे महिलाएं खासकर जिनके परिवार में पहले से हृदय के रोगी रह चुके हैं, उन्हें कुछ ज्यादा ही ध्यान देना चाहिए। तो आइए डॉ. तिलक सुवर्णा, सीनियर इंटरवेंशनल कार्डियोलॉजिस्ट, एशियन हार्ट इंस्टीट्यूट (Dr. Tilak Suvarna, Senior Interventional Cardiologist, Asian Heart Institute) से जानते हैं, महिलाओं में अपनी उम्र के अनुसार हृदय रोगाें से बचाव के उपाय।

महिलाओं के लिए हृदय को स्वस्थ रखने के उपाय

20-29 वर्ष की उम्र की महिलाओं के लिए स्वस्थ हृदय के टिप्स

अगर आप पर्याप्त मात्रा में रोकथाम की शुरुआत करती हैं तो, आप अपने उन जोखिम के कारकों को जरूर कम कर लेंगी, जो हृदय विकार से सीधा ताल्लुक रखते हैं। आप अपने जोखिम कारक का मूल्यांकन समय-समय पर कीजिए, जैसे कि अपने परिवार का इतिहास, वजन का चढ़ाव-उतार, ब्लड प्रेशर, कोलेस्टृाल आदि। अपने खान-पान पर आप विशेष ध्यान दीजिए। हालांकि मौजूदा जीवन मेंइस पर नियंत्रण कर पाना मुश्किल काम होता है। आप अपने खान-पान में हृदय को स्वस्थ रखने वाले खाद्य पदार्थ जैसे कि साग सब्जियां, फल या अनाज का सेवन बढ़ाइए।

30-39 वर्ष की उम्र की महिलाओं के लिए स्वस्थ हृदय के टिप्स

इस उम्र के दौरान परिवार का दायरा और काम की जिम्मेदारियां दोनों बढ़ जाती हैं। ऐसेमें यह जरूरी है कि आप अपनी शरीर की जरूरतों पर ज्यादा से ज्यादा ध्यान दें। हृदय विकार को बढ़ाने वाले कारक, जैसे कि धूम्रपान और मद्यपान को यथासंभव त्याग दीजिए। मद्यपान से आपके रक्त का दबाव इतना ऊपर जा सकता है कि आपका दिल फेल हो सकता है, आपके मूलभूत पोषक तत्वों मेंफाइबर की प्रचुर मात्रा वाले अनाज, ज्यादा से ज्यादा फल, सब्जियां तथा कम प्रोटीन के आइटम होने चाहिए। यदि आप कसरत नहीं कर सकते हैं तो कमसे कम टहलते रहिए।

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40-49 वर्ष की उम्र की महिलाओं के लिए स्वस्थ हृदय के टिप्स

यह वह वक्त होता है जब आपको शरीर पर ज्यादा ध्यान देने की जरूरत होती है। आपअपने वजन पर नियमित ध्यान दीजिए और हृदय को स्वस्थ रखने के लिए उचित खाद्य पदार्थ और नियमित अभ्यास करते रहने का एक संतुलित क्रम बनाकर चलिए। आप जब 40 के इस दौर में होते हैं तो आपके लिए कैलरी का माप करते रहना अत्यंत आवश्यक हो जाता है और इसके साथ यह भी आवश्यक होजाता है कि आप इन कैलरीज का सेवन किस तरह से कर रहे हैं। अब तो आधुनिक बाजार में कई एप्लीकेशन भी आ गए हैं, जो आपके नित प्रतिदिन शारीरिक अभ्यास का बारीकी से निगरानी करते हैं। आप एक निश्चित डाइट बनाकर उसका पालन कीजिए और कम से कम 4-5 कप फलों और सब्जियों का प्रतिदिन सेवन करें और इसके साथ ही अनाज का 30 ग्राम सेवन करें।

50 वर्ष और उससे ऊपर की महिलाओं के लिए स्वस्थ हृदय के टिप्स

इस दौर में आपकी शारीरिक संरचना में मूलभूत परिवर्तन आते हैं, आपको चाहिएकि आप जोखिम के कारक को कम से कम कर देनेवाले जीवन शैली को अपना कर चलें। शारीरिक रूप से थोड़े सक्रिय बनिए, और जहां तक संभव हो, घर के बाहर आयोजित होने वाले फिटनेस कार्यक्रम में शामिल होइए। अगर आपने बीते वर्षों में शरीर को स्वस्थ रखने के सभी पहलुओं को नजरअंदाज किया है तो भी यह मत भूलिए कि शुभ काम की शुरुआत करने में कभी देरी नहीं होती। हर महीने अपने स्वास्थ्य का चेकअप करवाने और शंका होने पर अपने चिकित्सकसे सलाह मशविरा लेने का सिलसिला बनाएं रखें। जहां तक भी संभव हो, चीनी और नमक का उपयोग कम से कम करना शुरू कर दीजिए। ऐसे खाद्य पदार्थों का चयन कीजिए, जिसमें सोडियम कम से कम मात्रा में हो, ताकि आपका रक्त का दबाव निश्चित सीमा में रहे।

(Inputs By: Dr. Tilak Suvarna, Senior Interventional Cardiologist, Asian Heart Institute, Mumbai)

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