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Pain in the lower abdomen in women in hindi: अगर हेल्थ एंगल की नजर से देखा जाए तो कुछ चीजें हैं, जिनमें महिलाओं का शरीर काफी नाजुक होता है। उनका शरीर कई छोटे-छोटे संकेतों के जरिए बड़ी बीमारियों का संकेत देने की कोशिश करता है, लेकिन अगर उन्हें इग्नोर कर दिया जाए तो हेल्थ से जुड़ी कई समस्याएं होने का खतरा बढ़ सकता है। यह माना जाता है कि ज्यादातर बीमारियां गंभीर इसलिए हो जाती हैं, क्योंकि शुरुआत में शरीर के द्वारा दिए गए लक्षणों को इग्नोर कर दिया जाता है और बाद में स्थिति गंभीर हो जाती है। महिलाओं के पेट के निचले हिस्से में दर्द होना ऐसी ही एक बीमारी है, जिसे ज्यादातर मामलों में इग्नोर कर दिया जाता है। लेकिन कई बार यह किसी गंभीर बीमारी का संकेत हो सकता है और इसलिए महिलाओं को कभी भी पेट के निचले हिस्से में हो रहे दर्द को इग्नोर नहीं करना चाहिए या जब तक जांच न करा लें सामान्य समस्या नहीं समझना चाहिए। विश्व महिला दिवस के मौके पर हम महिलाओं के स्वास्थ्य बनाने का प्रयास करते हुए, उन्हें इस बारे में कुछ खास जानकारी देने की कोशिश करेंगे ताकि वे अपने स्वास्थ्य को सही बनाए रख सकें। (Women's day 2026)
यह एक मेडिकल इमरजेंसी है, जिसमें पेट के निचले हिस्से में अचानक गंभीर और तेजी से चुभने वाला दर्द होता है, लेकिन इसे भी कई बार महिलाएं सामान्य दर्द समझ करे शुरुआत में इग्नोर कर देती हैं। लेकिन यह अंडाशय यानी ओवरी में अंदर ही अंदर मरोड़ आने के कारण होता है, जिससे ब्लड सप्लाई कम हो जाती है। अगर लंबे समय तक इस कंडीशन को इग्नोर किया जाए तो इससे कई परमानेंट डैमेज भी हो सकते हैं और ध्यान देने वाली बात यह है कि इस समस्या का शुरुआती लक्षण भी पेट के निचले हिस्से में दर्द ही होता है, जिसे अक्सर इग्नोर कर दिया जाता है।

ओवरी सिस्ट का फटना एक मेडिकल इमरजेंसी है और अगर जल्द से जल्द इसका इलाज शुरू न किया जाए तो कुछ मामलों में यह जानलेवा स्थिति भी बन सकती है। ओवेरियन सिस्ट फटने के शुरुआती लक्षण पेट के निचले हिस्से में दर्द होने जैसे हो सकते हैं। इसके बाद चक्कर आना, सिर घूमना और हार्ट रेट बढ़ने जैसे लक्षण हो सकते हैं। यह भी एक वजह है जो बताती है कि पेट के निचले हिस्से में होने वाले दर्द को इग्नोर नहीं करना चाहिए।
इसे आम भाषा में पीआईडी (PID) भी कहा जाता है, जो महिलाओं को प्रजनन अंगों में होने वाला एक तरह का इन्फेक्शन है। ज्यादातर मामलों में यह तब होता है जब लंबे समय से एसटीआई (STI) का इलाज न किया गया हो और बैक्टीरिया प्रजनन अंगों तक पहुंच कर वहां पर इंफेक्शन फैलाने लगा हो। अगर पेल्विक इन्पेमेटरी डिजीज का समय रहते इलाज न किया जाए तो इससे एक्टोपिक प्रेगनेंसी जैसी गंभीर स्थितियां जटिलताएं पैदा हो सकती हैं।
(और पढ़ें - क्या है पेल्विक इन्फ्लेमेटरी डिजीज)
एक्टोपिक प्रेगनेंसी एक तरह की जटिलता है, जो आमतौर पर तब होती है जब फैलोपियन ट्यूब डैमेज हो जाती है या फिर किसी कारण से उसमें रुकावट आ जाती है। इस स्थिति के कारण एग फैलोपियन ट्यूब में ही फर्टिलाइज होने लगता है और जैसे ही निषेचित अंडा धीरे-धीरे बढ़ने लगता है तो पेट के निचले हिस्से में दर्द होने लगता है। इस स्थिति को गलती से भी इग्नोर नहीं किया जाना चाहिए।
अस्वीकरण: प्रिय पाठकों यह आर्टिकल केवल सामान्य जानकारी और सलाह देता है। यह किसी भी तरह से चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है। इसलिए अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श जरूर करें। thehealthsite.com इस जानकारी के लिए जिम्मेदारी का दावा नहीं करता है।