पीरियड्स में क्यों होती है पिज्जा और केक जैसी चीजें खाने की क्रेविंग? जानें इसके कारण

यह लालच इतना बढ़ जाता है कि कई बार वे अनहेल्दी खाना खाने से खुद को रोक नहीं पातीं।

WrittenBy

Written By: Sadhna Tiwari | Updated : July 4, 2024 11:59 PM IST

Cravings for fast food during periods causes: पीरियड्स के दौरान लड़कियों का मूड अक्सर खराब हो जाता है। उन्हें बार-बार मूड स्विंग्स की समस्या के कारण चिड़चिड़ापन, थकान और बेचैनी महसूस होती है। इसीलिए, बहुत-सी लड़कियां और महिलाएं पीरियड्स के समय आइसक्रीम या चॉकलेट खाना पसंद करती हैं। ऐसी चीजों के सेवन से जहां उन्हें पीरियड्स के दर्द को कुछ देर भुलाने में मदद होती है और उनका बिगड़ा मूड भी थोड़ा ठीक होता है।

वहीं, कई बार देखा गया है कि महिलाओं को माहवारी के दिनों में अलग-अलग तरह की चीजें खाने की क्रेविंग होती है। यह लालच इतना बढ़ जाता है कि कई बार वे खुद को यह सब खाने से रोक नहीं पातीं। ऐसी ही क्रेविंग होती है जंक फूड्स या फास्ट फूड्स खाने की। बर्गर, नूडल्स, पिज्जा और समोसे-पकौड़े जैसी चीजें खाने की तीव्र इच्छा के कारण कई लड़कियां पीरियड्स में काफी परेशान भी रहती हैं।

क्यों होती है पीरियड्स में क्रेविंग? (Causes of junk food craving during periods)

जैसा कि पीरियड्स के दौरान शरीर में हार्मोन्स  के स्तर में उतार-चढ़ावहोते हैं। इसकी वजह से उनकी भूख और मूड में भी बदलाव आते हैं। वहीं, जिन लोगों की इटिंग हैबिट्स अनहेल्दी हों या जिन्हें चिप्स, कुकीज़, नूडल्स और अन्य प्रकार के प्रोसेस्ड फूड्स, फ़ास्ट फ़ूड्स और जंक फूड्स खाने की आदत होती है, उन्हें पीरियड्स में क्रेविंग्स भी अधिक हो सकती हैं।

क्या फास्ट फूड्स खाने से पीरियड्स पर कुछ असर पड़ता है? (Effects of junk food craving during periods)

जैसा कि फास्ट फूड्स और जंक फूड्स को हेल्थ के लिए नुकसानदायक बताया जाता है ऐसे में जंक फूड्स का सेवन पीरियड्स के दौरान आपके लिए नुकसानदायक साबित हो सकता है। बहुत क्रेविंग हो तो थोड़ी-सी मात्रा में यह सब खाया जा सकता है। लेकिन, अधिक मात्रा में फास्ट फूड खाने से आपको ये नुकसान हो सकते हैं-

  • फास्ट फूड खाने से पीरियड्स का साइकल और पीरियड फ्लो प्रभावित हो सकता है।
  • इससे आपका वजन तेजी से बढ़ सकता है, जो पीसीओएडी (PCOD) और पीसीओएस के लक्षण  (Symptoms of PCOS) बढ़ा सकता है। ये सभी समस्याएं पीरियड्स से ही जुड़ी हुई होती हैं।
  • फास्ट फूड खाने से टाइप 2 डायबिटीज़ (Type 2 diabetes risk) और हार्ट डिजिजेज का रिस्क (Risk of heart diseases) भी बढ़ सकता है।
  • एंड्रोजन हार्मोन्स का लेवल फास्ट फूड खाने से बढ़ सकता है। ये आपके मेंस्ट्रुअल साइकिल से जुड़ी समस्याएं बढ़ा सकता है।
  • इससे फर्टिलिटी पॉवर (fertility power) भी प्रभावित हो सकती है।
  • फास्ट फूड्स में इस्तेमाल होने वाला तेल, नमक, प्रीजर्वेटिव्स आदि आपके शरीर में सूजन बढ़ाने का काम करते हैं। इससे हार्मोन्स का असंतुलन बढ़ सकता है।

Add The Health Site as a Preferred Source Add The Health Site as a Preferred Source