
मुकेश शर्मा
मुकेश शर्मा दिल्ली यूनिर्विसिटी से जर्नलिज्म डिग्री होल्डर हैं और पिछले 8 साल से Health Journalism से जुड़े हुए ... Read More
Medically Verified By: Dr. C.P. Dadhich
minimally invasive surgery for women (AI generated image)
मेडिकल साइंस जैसे-जैसे एडवांस होता है, हर दशक में कई मेडिकल ट्रीटमेंट तरीके या तो बदल जाते हैं या फिर पहले से कहीं ज्यादा एडवांस हो जाते हैं। पिछले कुछ वर्षों में स्त्री रोगों के उपचार में भी काफी बदलाव देखने को मिला है। जहां पहले महिलाओं के स्वास्थ्य से जुड़ी समस्याओं के इलाज में अगर सर्जरी की जरूरत पड़ती थी तो ओपन सर्जरी की जाती थी। यानी उसमें एक बड़ा चीरा लगाना पड़ता था, लेकिन अब धीरे-धीरे मिनिमली इनवेसिव सर्जरी तकनीकें उनकी जगह ले रही हैं। स्त्री रोगों रोगों के इलाज में अगर सर्जरी की जरूरत पड़ती है, तो मिनिमली इनवेसिव गायनेकोलॉजिकल सर्जरी जिसमें लेप्रोस्कोपिक, हिस्टोरोस्कोपिक और रोबोटिक सर्जरी जैसी आधुनिक तकनीकों का इस्तेमाल किया जाता है। इन सर्जिकल प्रोसीजर की खास बात यह है कि ये ओपन सर्जरी से सुरक्षित तो हैं ही इसके साथ ही एडवांस तकनीक होने की वजह से ये काफी प्रभावी भी हैं। डॉ. सीपी दाधीच डायरेक्टर, ऑब्सटेट्रिक्स एंड गायनेकोलॉजी, सीके बिरला हॉस्पिटल से जानें इस बारे में कई महत्वपूर्ण जानकारियां।
जहां पहले कोई सर्जरी करने के लिए शरीर के उस हिस्से में एक बड़ा चीरा लगाना पड़ता था, अब उसकी बजाय बड़े चीरे की जगह पर कई छोटे-छोटे चीरे लगाए जाते हैं। यहां तक कि कुछ मिनिमली इनवेसिव सर्जिकल प्रोसीजर में प्राकृतिक मार्गों की मदद से शरीर में कैमरा व अन्य टूल्स पहुंचाए जाते और उनकी मदद से ही सर्जरी भी की जाती है। हालांकि, यह इस बात पर निर्भर करता है कि शरीर के किस हिस्से में सर्जरी करनी है और मरीज की कितनी गंभीर है।
रोबोटिक सर्जरी दरअसल इनवेसिव सर्जरी का एक एडवांस वर्जन बन जाता है, जिसकी सटीकता और ज्यादा होती है। रोबोटिक सर्जरी में डॉक्टर रोबोटिक हैंड को एक दूसरी मशीन या डिवाइस की मदद से कंट्रोल करते हैं और रोबोटिक हैंड के साथ-साथ हाई डेफिनेशन कैमरे होते हैं, जिसकी मदद से डॉक्टर सर्जरी करते समय बारीकी से देख पाते हैं। इस एडवांस तकनीक की मदद से सर्जरी के दौरान ब्लीडिंग बहुत कम होती है और चीरा व अन्य घाव छोटे होने की वजह से मरीज को दर्द कम होती है व रिकवरी तेज होती है।
minimally invasive (AI generated Image)
आज के समय में महिलाओं के स्वास्थ्य से जुड़ी कई समस्याएं जिनमें सर्जरी की जरूरत पड़ती है, उनका इलाज अब ओपन सर्जरी की बजाय मिनिमली इनवेसिव सर्जिकल प्रोसीजर की मदद से किया जा सकता है और इनमें निम्न शामिल है -
हालांकि, अभी भी स्वास्थ्य से जुड़ी कई ऐसी समस्याएं हैं, जिनका इलाज अभी भी बड़े ऑपरेशन यानी ओपन हार्ट सर्जरी की मदद से ही हो पाता है।
robotic surgery
मिनिमली इनवेसिव सर्जरी एक एडवांस तकनीक वाली सर्जिकल प्रोसीजर है और महिलाओं के पास कोई ऐसी वजह नहीं हैं, जिसके कारण वे इस सर्जिकल प्रोसीजर को न अपनाएं। हालांकि, मिनिमली इनवेसिव सर्जरी के दौरान दर्द कम होना और बाद में इससे रिकवरी जल्दी होना प्रमुख कारण हैं, कि महिलाएं आज के समय में ये एडवांस सर्जिकल प्रोसीजर अपना रही हैं।
आज के समय में महिलाएं सिर्फ अपने परिवार का ही नहीं बल्कि अपने करियर की जिम्मेदारियां भी निबार रही हैं। ऐसे में उन्हें समय की बचत का ध्यान रखना पड़ता है और इसलिए ऐसी स्थिति में वे हमेशा ऐसी सर्जिकल प्रोसीजर को चुनती हैं, जिनसे वे जल्दी रिकवर हो सकें और उन्हें कम से कम समय अस्पताल में या घर के बिस्तर पर बिताना पड़े।
इसके अलावा सर्जरी का निशान छोटा होना भी आज के समय में एक वजह बन वजह है। ओपन सर्जरी से चीरा लंबा होता है और उससे बनने वाला स्कार यानी चीरे का निशान जीवनभर के लिए रहता है। वहीं मिनिमली इनवेसिव सर्जिकल प्रोसीजर में चीरे बहुत छोटे होते हैं और उनसे होने वाले स्कार भी बहुत छोटे होते हैं और इतनी आसानी से नोटिस नहीं होते।
इसमें कोई शक नहीं है कि मिनिमली इनवेसिव सर्जरी प्रभावी और जल्दी रिकवरी वाली प्रोसीजर है। लेकिन इसके साथ-साथ यह समझना भी आवश्यक है कि हर मरीज के लिए यही तकनीक उपयुक्त हो ऐसा जरूरी नहीं है। किसी महिला का इलाज मिनिमली इनवेसिव सर्जरी से हो सकता है या नहीं, यह पूरी तरह के उसकी गंभीरता मरीज की आयु, पहले हुई कोई सर्जरी और अन्य कई हेल्थ कंडीशन पर निर्भर करता है।
ठीक इसी प्रकार रोबोटिक सर्जरी के केस में भी ऐसा ही है और किसी मरीज का ट्रीटमेंट करने के लिए रोबोटिक सर्जरी सही है या नहीं ऐसा हेल्थ एक्सपर्ट्स व सर्जन मरीज की हेल्थ की जांच करके ही सुनिश्चित करते हैं। इसलिए किसी भी प्रकार के उपचार का निर्णय स्त्री रोग विशेषज्ञ से विस्तृत परामर्श के बाद ही लिया जाना चाहिए।
महिलाओं में होने वाली स्वास्थ्य समस्याओं के कुछ लक्षण आमतौर पर सामान्य स्वास्थ्य समस्याओं की तरह होते हैं और इसलिए कई बार महिलाएं अक्सर लंबे समय तक अत्यधिक मासिक धर्म, लगातार पेट या पेल्विक दर्द, अनियमित रक्तस्राव या अन्य स्त्री रोग संबंधी लक्षणों को सामान्य मानकर नजरअंदाज कर देती हैं और स्थिति बाद में गंभीर हो जाती है।
डिसक्लेमर: महिलाओं के स्वास्थ्य से जुड़ी ज्यादातर समस्याओं का इलाज अगर समय रहते शुरु किया जाए तो बिना सर्जरी की मदद से भी इसका इलाज किया जा सकता है। इसलिए महिलाओं को अपने स्वास्थ्य से जुड़ी किसी भी समस्या या लक्षण को इग्नोर न करने की सलाह दी जाती है। इस लेख में दी गई किसी भी जानकारी का इस्तेमाल किसी भी बीमारी के इलाज के लिए नहीं है और और इसका उद्देश्य केवल शैक्षणिक एवं सूचनात्मक है। Thehealthsite.com इस जानकारी के लिए जिम्मेदारी का दावा नहीं करता है।