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Written By: Yogita Yadav | Updated : October 12, 2019 6:26 PM IST
Elderly population are at a higher risk of COVID-19 infection due to their decreased immunity and multiple associated health conditions. © Shutterstock
कुछ महिलाओं को आपने देखा होगा कि वे उम्र ढलने के साथ-साथ कद में और छोटी लगने लगती हैं। कभी सोचा है कि आखिर ऐसा क्यों होता है। यह असल में यह महिलाओं में ओस्टियोपोरोसिस का संकेतहै। यानी बोन्स इतनी कमजोर (Women bone health) हो चुकी हैं वे सिकुड़ने लगी हैं। जानिए क्या है यह बीमारी और कैसे बचा जा सकता है इसके घातक परिणामों से।
उम्र बढ़ने के साथ-साथ कद के सिकुड़ते जाने का अर्थ है कि बैक बोन में गंभीर चोट आई है। असल में बैक बोन एक स्प्रिंग की तरह होती है। जब यह कमजोर होकर टूटती है इस स्प्रिंग के बीच का अंतराल खत्म हो जाता है। जिससे व्यक्ति को कद देने वाला आधार सिकुड़ जाता है और वह खुद भी सिकुड़ा हुआ महसूस होने लगता है। यह बैक बोन की गंभीर चोट का संकेत है। अब आप सोचेंगे कि चोट का पता क्यों नहीं चला। बैक बोन के टूटने का पता तब तब नहीं चलता जब तक वह किसी नस को न दबा रही हो। वरना उसमें दर्द भी नहीं होता। यह बुढ़ापे के सामान्य लक्षणों की तरह प्रतीत होता है।
मेडिकल साइंस की भाषा में इसे ऑस्टियोपोरोसिस कहा जाता है। इसमें उम्र बढ़ने के साथ-साथ बोन्स कमजोर होने लगती हैं। इसमें बोन डेन्सिटी लगातार कम होती चली जाती है। यानी बोन्स को जोड़ने वाला घनत्व कम होता जाता है। पर अब यह सिर्फ बढ़ती उम्र की ही समस्या नहीं रह गई है। कम उम्र में भी लोग इसकी गिरफ्त में आने लगे हैं।
माहवारी, गर्भावस्था, गर्भपात और फिर मीनोपॉज के कारण महिलाओं की बोन्स पर ज्यादा असर पड़ता है। पुरुषों के मुकाबले उनकी बोन्स जल्दी खराब होने लगती हैं। इसलिए उन्हें बोन हेल्थ पर ज्यादा ध्यान देने की जरूरत है। बढ़ता हुआ वजन भी बोन हेल्थ को नुकसान पहुंचाता है और लगातार एक ही पोजीशन में रहना भी बोन्स के लिए घातक होता है।
केल्शियम, विटामिन डी, सही आहार की कमी के कारण यह समस्या ज्यादा होती है। महिलाओं में कुछ खास हार्मोन होते हैं जो उन्हें प्रोडक्टिविटी के लिए तैयार करते हैं। इस कारण भी उनकी बोन हेल्थ को ज्यादा नुकसान पहुंचता है। खराब लाइफ स्टाइल, अस्वस्थ खानपान महिलाओं, पुरुषों और बच्चों में भी ऑस्टियोपोरोसिस का कारण बन रहा है।
जन्म से लेकर किशोरावस्था तक ही केवल हमारी बोन्स बनती और विकसित होती हैं। जबकि इनकी जरूरत और इन पर भार सारी उम्र उठाना पड़ता है। इसलिए जरूरी है विटामिन डी, केल्शियम, प्रोटीन और कार्बोहाइड्रेट से पूर्ण आहार लें। खुद को सक्रिय रखें। वर्कआउट को रूटीन में जरूर शामिल करें। अपने वजन को नियंत्रित रखें ताकि बोन्स पर ज्यादा बोझ न पड़े।