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इन वजहों से ठंड का मौसम BP मरीजों के लिए साबित हो सकता है रिस्की, मरीजों को हर हाल में रखना चाहिए इन बातों का ख्याल

हाई बीपी के मरीजों के लिए उनकी हेल्थ कंडीशन के कारण हार्ट डिजिज और हार्ट अटैक जैसी समस्याओं का खतरा बढ़ जाता है।

Written by Sadhna Tiwari |Updated : November 2, 2022 8:44 PM IST

Tips to manage Blood Pressure in winters: सर्दियों के मौसम में जब तापमान कम होता है और ठंड बढ़नेक लगती है वैसे-वैसे स्वास्थ्य से जुड़ी कई समस्याएं भी उत्पन्न होने लगती हैं। विशेषकर हाई ब्लड प्रेशर जैसी क्रोनिक बीमारियों से पीड़ित लोगों को अधिक सावधान रहने की आवश्यकता पड़ सकती है। क्योंकि, ठंज के मौसम में हाई ब्लड प्रेशर लेवल की समस्या अधिक जटिल हो सकती है। विशेषकर बुजुर्गों और अधिक उम्र के लोगों को सर्दियों में अधिक तकलीफ हो सकती है। जैसा कि हाई बीपी के मरीजों के लिए उनकी हेल्थ कंडीशन के कारण हार्ट डिजिज और हार्ट अटैक जैसी समस्याओं का खतरा बढ़ जाता है। इसीलिए, सर्दियों का मौसम हाई बीपी मरीजों के लिए खराब या नुकसानदायक माना जाता है। (Tips to manage Blood Pressure in winters in Hindi)

क्यों बढ़ जाता है सर्दियों में ब्लड प्रेशर लेवल

हाई ब्लड प्रेशर या हाइपरटेंशन तेजी से बढ़ रही एक लाइफस्टाइल डिजिज है जिसमें आर्टरी वॉल्स पर रक्त के प्रवाह के कारण प्रेशर अधिक बढ़ सकता है। जब यह प्रेशर बढ़ जाता है तो उच्च रक्तचाप या हाई ब्लड प्रेशर की स्थिति बन सकती है। जबकि ब्लड प्रेशर कम होना भी एक हानिकारक स्थिति है जिसे लो ब्लड प्रेशर लेवल(Low blood pressure levels) कहा जाता है। यह दोनों ही स्थितियां हार्ट डिजिजेज के खतरे को बढ़ाने वाली होती हैं। इसकी गम्भीरता को समझने के लिए शरीर में ब्लड प्रेशर लेवल की भूमिका को समझना होगा। शरीर में ब्लड प्रेशर लेवल इस बात पर निर्भर करता है कि आपका दिल किस गति से खून को पम्प करता है और नसों में बहने वाले रक्त की मात्रा कितनी है। एक्सपर्ट्स के अनुसार,

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  • नॉर्मल ब्लड प्रेशर लेवल अधिकतम 120 और न्यूनतम 80 होता है।
  • वहीं, 70 - 110 के बीच का ब्लड प्रेशर लेवल लो बीपी कहलाता है।
  • जबकि, 90 और 140 के बीच की रीडिंग हाई ब्लड प्रेशर कही जाती है।

मौसम बदलने के बाद हाई बीपी के मरीजों के रक्तचाप का स्तर इन आंकड़ों से कम या ज्यादा हो जाता है। जिससे, कई प्रकार की स्वास्थ्य समस्याएं होने लगती हैं। इसीलिए, हाई बीपी के मरीजों को सर्दियों का मौसम शुरू होने के बाद कुछ बातों का ख्याल रखना चाहिए ताकि वे अपनी स्थिति को गम्भीर होने से रोक सकें।

कम करें चाय-कॉफी का सेवन

जैसा कि सर्दियों में लोग बॉडी को गर्म रखने के लिए बार-बार चाय और कॉफीका सेवन करते हैं। लेकिन, अधिक मात्रा में इनका सेवन करना हाई बीपी के मरीजों के लिए नुकसानदायक साबित हो सकता है। इन ड्रिंक्स के सेवन से नसें सिकुड़ने लगती हैं। चाय और कॉफी में कैफीन होता है जो शरीर के कोर टेम्परेचर को कम कर देता है और इससे व्यक्ति को ठंड भी अधिक लगती है। वहीं, अल्कोहल का सेवन करने से भी इसी तरह के नुकसान होते हैं।

संतुलित डाइट लें

बीपी लेवल्स को संतुलित रखने और कॉम्प्लिकेशन्स से बचने के लिए आपकी डाइट आपकी काफी मदद कर सकती है। ठंड के मौसम में मिलने वाली सीजनल सब्जियों और फलों को अपनी डाइट में जगह दें। इसके अलावा लो-फैट डेयरी, मछली, साबुत अनाज और डेयरी प्रॉडक्ट्स का सेवन भी करना चाहिए। ये सभी बीपी लेवल को अंडर कंट्रोल रखने में सहायता करते हैं।

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