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Written By: Kishori Mishra | Published : September 17, 2020 12:30 PM IST
क्यों कोरोना की दवा से बेहतर साबित होगी वैक्सीन?
Coronavirus Vaccine and Medicine : कोरोना की संख्या दिब-ब-दिब बढ़ती जा रही है। इसलिए लोग बहुत ही बेसब्री से वैक्सीन का इंतजार कर रहे हैं। फिलहाल कोरोना के मरीजों को ठीक करने के लिए डॉक्टर्स दवाइयों का सहारा ले रहे हैं। वैक्सीन बनाने में वैज्ञानिकों ने काफी हद तक सफलता हासिल कर ली है। कुछ ऐसे वैक्सीन है, जो क्लिनिकल से लेकर ह्यूमन ट्रायल तक पहुंच चुके हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि लोग दवाइयों से ज्यादा वैक्सीन का इंतजार क्यों कर रहे हैं, क्यों वैक्सीन को अधिक असरदार माना (Coronavirus Vaccine and Medicine ) जाता है?
देश-विदेश में कोरोना के इलाज के लिए वायरस बुखार, इंफेक्शन, और सर्दी जैसे लक्षणों के लिए कई सारी दवाइयां उपबल्ध हैं। लेकिन इन दवाइयों का इस्तेमाल सिर्फ कोरोना के लक्षणों को कम करने के लिए किया जा रहा है। अभी तक किसी भी दवा को स्वीकृति नहीं मिली है कि वह कोरोना को ठीक करने में कारगर साबित होगा। फिलहाल इन दवाइयों को सार्स-कोव-2 जैसे वायरस को ध्यान में रखकर तैयार किया जा रहा है, इन दवाइयों का इस्तेमाल अस्थाई रूप से (Coronavirus Vaccine and Medicine ) होगा।
कोरोना के लिए लॉन्च की गई नई दवाइयों से मरीज ठीक हो रहे हैं, लेकिन ये दवाइयां सभी के लिए कारगर साबित नहीं हो रही हैं। अबतक लाखों लोग अपनी जान गवां चुके हैं। डेक्सामेथासोन और रिडेलिवर एक ऐसी दवा है, जो सिर्फ और सिर्फ कोरोना के लक्षणों को कम करने के काम आती है, इसके साथ ही यह इम्यूनिटी को भी बढ़ाती है। इससे मरीजों को कोरोना से लड़ने की ताकत मिलती है।
दवाइयों से लोगों को एलर्जी होना का खतरा होता है। कई ऐसे केस सामने आ चुके हैं, जिसमें देखा गया है कि मरीजों को इस दवाई के सेवन से एलर्जी हुई है। कुछ डॉक्टर्स इलाज के लिए हाइड्रॉक्सीक्लोरोक्वीन (मलेरिया की दवा) का इस्तेमाल कर रहे हैं, जिसके अधिकतर साइड इफेक्ट्स ही सामने आए हैं। इन दवाइयों के इस्तेमाल से दिल और फेफड़े को नुकसान होता है।
180 देशों के बीच कोरोना वैक्सीन बनाने की होड़ लगी हुई है, जिसमें सीरम इंस्टीट्यूट कंपनी का नाम भी शामिल है। ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी के साथ मिलकर यह कोरोना की वैक्सीन तैयार कर रही है। अगर हम इस वैक्सीन की बात करें, तो यह कोरोना के लक्षणों को खत्म करने के लिए नहीं, बल्कि वायरस को खत्म करने के लिए तैयार किया गया है। ऐसे में यदि इस वैक्सीन को तैयार करने में पूरी तरह से सफलता मिल जाती है, तो यह कोरोना के जंग में बड़ी जीत हो सकती है।
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