एक छोटा टेस्ट, बड़ी सुरक्षा, वीडियो में डॉक्टर से समझें शादी से पहले क्यों जरूरी है थैलेसीमिया टेस्ट?

Does thalassemia affect marriage : शादी से पहले हर एक कपल्स को थैलेसीमिया टेस्ट करा लेना चाहिए, ताकि आगे उनकी पीढ़ी बेहतर तरीके से चल सके। यानि अगर भविष्य में इसके होने की संभावना को कम किया जा सके। आइए डॉक्टर से समझते हैं शादी से पहले क्यों जरूरी है थैलेसीमिया टेस्ट?

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Written By: Kishori Mishra | Published : May 8, 2026 11:27 AM IST

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Medically Verified By: Dr Sarita Jaiswal

World thalassemia day : शादी से पहले लोग अक्सर कुंडली, करियर, परिवार और लाइफस्टाइल जैसी कई चीजों पर ध्यान देते हैं, लेकिन हेल्थ स्क्रीनिंग को अक्सर नजरअंदाज कर दिया जाता है। इन्हीं जरूरी हेल्थ टेस्ट्स में से एक है, थैलेसीमिया टेस्ट। यह एक छोटा-सा ब्लड टेस्ट है, लेकिन फ्यूचर में आपके आगे होने वाले बच्चे की सेहत के लिए बेहद अहम साबित हो सकता है। वर्ल्ड थैलेसीमिया डे (World thalassemia day 2026) के इस खास मौके पर हम शादी से पहले थैलेसीमिया टेस्ट क्यों जरूरी है, इस विषय के बारे में विस्तार से समझाएंगे। इसकी जानकारी वीडियो के माध्यम से दिल्ली स्थित धर्मशिला नारायणा सुपरस्पेशलिटी हॉस्पिटल की सीनियर कंसल्टेंट और क्लिनिकल लीड  हेमेटोलॉजी, हेमेटो-ऑन्कोलॉजी और BMT, डॉ. सरिता रानी जायसवाल दे रही हैं। आइए जानते हैं शादी से पहले थैलेसीमिया टेस्ट क्यों जरूरी है?

क्याा है थैलेसीमिया?

थैलेसीमिया एक जेनेटिक ब्लड डिसऑर्डर है, जो माता-पिता से बच्चों में ट्रांसफर होता है। इस बीमारी में शरीर पर्याप्त मात्रा में हीमोग्लोबिन नहीं बना पाता, जिससे मरीज को बार-बार खून चढ़ाने की जरूरत पड़ सकती है।

शादी से पहले थैलेसीमिया टेस्ट क्यों जरूरी है?

डॉक्टर सरिता का कहना है कि शादी से पहले थैलेसीमिया टेस्ट जरूरी माना जाता है, क्योंकि अगर लड़का और लड़की दोनों में से किसी एक को भी थैलेसीमिया माइनर हैं, तो उनके बच्चे में थैलेसीमिया मेजर होने का खतरा बढ़ जाता है। ऐसी स्थिति में 25 प्रतिशत संभावना होती है कि बच्चा थैलेसीमिया मेजर से प्रभावित हो। वहीं, 50 फीसदी संभावना कि बच्चा भी थैलेसीमिया माइनर हो।  इसके साथ ही 25 फीसदी यह भी संभावना होती है कि बच्चा पूरी तरह से स्वस्थ हो। थैलेसीमिया मेजर बच्चों के लिए काफी गंभीर स्थिति हो सकती है। ऐसे बच्चों को अक्सर हर 15-20 दिन में ब्लड ट्रांसफ्यूजन की जरूरत पड़ती है, जिससे उनकी लाइफस्टाइल और परिवार दोनों प्रभावित होते हैं।

why thalassemia test is important before marriage Image Credit : ChatGPT

क्या है थैलेसीमिया टेस्ट?

थैलेसीमिया की जांच के लिए आमतौर पर कुछ ब्लड टेस्ट किए जाते हैं, जिसमें सीबीसी, Hb इलेक्ट्रोफोरेसिस और एचपीएलसी टेस्ट शामिल है। डॉक्टर बताती हैं कि इन टेस्ट्स से पता चल जाता है कि व्यक्ति माइनर है या नहीं। सबसे अच्छी बात यह है कि यह टेस्ट आसान, कम खर्चीला और आसानी से उपलब्ध है।

क्या होता है थैलेसीमिया माइनर होना बीमारी है?

जी नहीं, थैलेसीमिया माइनर होना बीमारी नहीं है। ज्यादातर लोगों को इसके कोई खास लक्षण नहीं होते और वे सामान्य जीवन जीते हैं। समस्या तब होती है, जब दोनों पार्टनर माइनर हों। इसलिए शादी से पहले यह जानना जरूरी है कि आप और आपका पार्टनर थैलेसीमिया माइनर हैं या नहीं।

डॉक्टर की क्या है सलाह?

डॉक्टर कहती हैं कि शादी से पहले या फैमिली प्लानिंग से पहले थैलेसीमिया स्क्रीनिंग जरूर करानी चाहिए। इससे कपल्स को सही जानकारी मिलती है और वे अपने आगे के फ्यूचर के लिए एक बेहतर निर्णय ले सकते हैं। अगर दोनों थैलेसीमिया माइनर निकलते हैं, तो डॉक्टर जेनेटिक काउंसलिंग की सलाह देते हैं। इससे प्रेगनेंसी प्लानिंग और बच्चे के स्वास्थ्य से जुड़े विकल्पों पर चर्चा की जा सकती है।

किन लोगों को टेस्ट कराने की है ज्यादा जरूरत?

कुछ लोगों को थैलेसीमिया टेस्ट कराना बहुत ही जरूरी होता है, जैसे-

  • जिनके परिवार में थैलेसीमिया का इतिहास हो।
  • जिनकी कम उम्र में शादी हो रही हो।
  • फैमिली प्लानिंग कर रहे कपल्स।

Disclaiemr : ध्यान रखें कि थैलेसीमिया टेस्ट सिर्फ एक छोटा ब्लड टेस्ट नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ी की सुरक्षा का कदम है। शादी से पहले थोड़ी-सी जागरूकता भविष्य की बड़ी परेशानियों से बचा सकती है। इसलिए शादी की तैयारियों के बीच हेल्थ टेस्ट को भी अपनी चेकलिस्ट में जरूर शामिल करें।

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