World Pneumonia Day: स्मोकिंग करने वालों को प्रदूषण में निमोनिया होने का सबसे ज्यादा खतरा, एक्सपर्ट्स ने किया सावधान

Pneumonia in Hindi: निमोनिया फेफड़ों में होने वाला एक गंभीर संक्रमण है और अगर समय रहते इसका इलाज शुरू न किया जाए तो यह एक जानलेवा स्थिति भी बन सकता है। स्मोकिंग करने वाले और प्रदूषित इलाकों में रहने वाले लोगों में इसका ज्यादा खतरा रहता है।

World Pneumonia Day: स्मोकिंग करने वालों को प्रदूषण में निमोनिया होने का सबसे ज्यादा खतरा, एक्सपर्ट्स ने किया सावधान
VerifiedVERIFIED By: Dr Ayush Pandey

Written by Mukesh Sharma |Published : November 12, 2025 11:09 AM IST

Risk of Pneumonia in Smokers: स्मोकिंग आज के यूथ के लिए बहुत कॉमन बन गया है, कॉलेज टाइम से ही लड़के-लड़कियां स्मोकिंग करना शुरू कर देते हैं, वेप, सिगरेट, ई-सिगरेट और फ्लेवर हुक्का आदि। अलग-अलग तरह से स्मोकिंग करने लग गए हैं। स्कूल व कॉलेज में यह पढ़ने के बावजूद कि स्मोकिंग दुनिया के सबसे जानलेवा नशे में से एक है। ऊपर से प्रदूषण स्थिति को गंभीर बना रहा है। जो लोग स्मोकिंग करते हैं और दिल्ली जैसे क्षेत्रों में रहते हैं, उनके लिए यह एक जानलेवा स्थिति बन सकती है और निमोनिया जैसी समस्याएं पैदा हो सकती हैं। बहुत ही कम लोगों को इस बारे में ज्यादा जानकारी नहीं है। लेकिन आज विश्व निमोनिया दिवस के मौके पर हम आपको बताएंगे कि क्यों स्मोकिंग करने वाले लोगों में जो ज्यादा वायु प्रदूषण वाली जगह रहते हैं उनमें यह बीमारी होने का खतरा क्यों बढ़ा हुआ है।

निमोनिया का खतरा

वैसे तो निमोनिया किसी को भी हो सकता है, लेकिन कुछ चीजें हैं जो इसके खतरे को बढ़ाती हैं। इनमें आमतौर पर इम्यून सिस्टम कमजोर होना, निमोनिया से ग्रस्त किसी व्यक्ति के साथ रहना, बहुत ज्यादा वायु प्रदूषण वाली जगह पर रहना, बहुत ज्यादा धूल या गंदगी वाली जगह पर रहना। इसके अलावा भी कई अलग-अलग कारक हैं, जो निमोनिया के खतरे को बढ़ा सकती हैं। इसलिए आपको पता होना चाहिए कि निमोनिया के लक्षण क्या है।

स्मोकिंग का नुकसान

हेल्थ एक्सपर्ट्स का मानना भी यही है कि जो लोग स्मोकिंग करते हैं यानी हुक्का, बीड़ी, सिगरेट या वेप आदि पीते हैं, उन्हें इससे ज्यादा नुकसान होने का खतरा रहता है। इसके पीछे कई अलग-अलग कारण हो सकते हैं। धूम्रपान करने से फेफड़ों की कार्यक्षमता कम हो जाती है और उमें टार जम जाता है, जो इन्फेक्शन का कारण बन सकता है। वहीं स्मोकिंग करने से इम्यूनिटी कमजोर पड़ जाती है और निमोनिया जैसे इन्फेक्शन होने का खतरा बढ़ जाता है।

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एक तरह का इन्फेक्शन है निमोनिया

निमोनिया आमतौर पर बैक्टीरिया, वायरस या फंगी के कारण होने वाला एक तरह का इन्फेक्शन ही है। जिसके बारे में बहुत ही कम लोगों को पूरी तरह से जानकारी है और इस कारण से इसके शुरुआती लक्षणों को लोग समझ नहीं पाते हैं। निमोनिया के कारण फेफड़ों में पस भर जाता है, जिससे स्थिति और ज्यादा गंभीर हो जाती है और अगर समय रहते इसका इलाज न किया जाए तो स्थिति गंभीर होने पर मरीज की मृत्यु भी हो सकती है।

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