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40 की उम्र के बाद पुरुषों को क्यों करानी चाहिए प्रोस्टेट की जांच?

वह पुरुष जो 40 के हैं, होने वाले हैं या हो चुके हैं, उनके लिए समय रहते प्रोस्टेट की जांच करवाना बहुत ही ज्यादा जरूरी है। क्यों? आइए डॉक्टर से विस्तार से जानते हैं। साथ ही यह भी जानेंगे कि इसे नजरअंदाज करना कितना खतरनाक हो सकता है।

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Written By: Vidya Sharma | Published : June 30, 2026 1:00 PM IST

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Medically Verified By: Dr Vineet Malhotra

40 साल की उम्र के बाद पुरुषों में कई बीमारियां होने का खतरा बढ़ जाता है। ऐसे में आपको अपनी सेहत के प्रति अधिक सतर्क रहने की जरूरत है। खासकर इस उम्र के बाद प्रोस्टेट ग्लैंड से जुड़ी समस्याएं होने का खतरा बढ़ने लगता है। एससीएम हेल्थकेयर के प्रिंसिपल कंसल्टेंट, यूरोलॉजी और सेक्सोलॉजी डॉक्टर विनीत मल्होत्रा बताते हैं कि “समय पर चेकअप कराने से न सिर्फ प्रोस्टेट की नॉर्मल प्रोबल्म का पता लग सकता है, बल्कि प्रोस्टेट कैंसर जैसी गंभीर बीमारी के शुरुआती चरण का भी पता चल सकता है।

डॉक्टर मल्होत्रा आगे बताते हैं कि "प्रोस्टेट पुरुषों के मूत्राशय के ठीक नीचे स्थित एक छोटी सी ग्रंथि है, जो रिप्रोडक्टिव सिस्टम का महत्वपूर्ण हिस्सा है। बढ़ती उम्र के साथ इसका आकार बढ़ना नॉर्मल है, लेकिन कई बार यह बढ़ाव पेशाब संबंधी समस्याओं या अन्य जटिलताओं का कारण बन सकता है।” इसलिए डॉक्टर ने बताया कि 40 की उम्र के बाद रेगुलर हेल्थ चेकअप के साथ प्रोस्टेट का मूल्यांकन क्यों करना चाहिए। खासतौर से अगर परिवार में पहले किसी को प्रोस्टेट कैंसर रहा है तो यह और भी जरूरी हो जाता है।

पुरुषों को किन लक्षणों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए?

एक्सपर्ट बताते हैं कि “अगर आपको बार-बार पेशाब आ रहा है, खासकर रात में कई बार उठना पड़ रहा है, पेशाब शुरू करने में कठिनाई हो रही है, पेशाब की धार कमजोर है, पेशाब के दौरान दर्द या जलन महसूस हो रही है, पेशाब या वीर्य में खून आ रहा है या पेशाब के बाद भी मूत्राशय पूरी तरह खाली न होने का एहसास हो रहा है, तो तुरंत यूरोलॉजिस्ट से परामर्श लेना चाहिए। 

"अधिकांश पुरुष प्रोस्टेट के शुरुआती लक्षणों को बढ़ती उम्र का असर मानकर नजरअंदाज कर देते हैं। यही लापरवाही बाद में गंभीर समस्या का रूप ले सकती है। अगर शुरुआती अवस्था में जांच हो जाए, तो ज्यादातर प्रोस्टेट से जुड़ी बीमारियों का इलाज अधिक प्रभावी ढंग से किया जा सकता है।"

किन लोगों को अधिक सतर्क रहने की जरूरत?

डॉक्टर के अनुसार जिन पुरुषों के परिवार में पिता या भाई को प्रोस्टेट कैंसर रहा हो, उन्हें अन्य लोगों की तुलना में अधिक जोखिम होता है। इसके अलावा मोटापा, फिजिकल इनएक्टिविटी, धूम्रपान और असंतुलित खानपान भी जोखिम बढ़ा सकते हैं। 

पुरुषों को 40 की उम्र में कौन-कौन सी जांच करानी चाहिए?

डॉक्टर के अनुसार प्रोस्टेट की जांच के लिए PSA यानी कि प्रोस्टेट स्पेसीफिक एंटीजेन ब्लड टेस्ट, डिजिटल रेक्टल एग्जामिनेशन (DRE) और जरूरत पड़ने पर अल्ट्रासाउंड, एमआरआई या बायोप्सी की सलाह दी जा सकती है। हालांकि हर व्यक्ति के लिए ये सभी जांचें जरूरी नहीं होती हैं। किसे कौन सा टेस्ट करवाना है, इसका निर्णय डॉक्टर मरीज की उम्र, लक्षण और मेडिकल हिस्ट्री के आधार पर करते हैं। 

हेल्दी लाइफस्टाइल भी है जरूरी

डॉक्टर हेल्दी लाइफस्टाइल को भी जरूरी बताते हुए कहते हैं कि "संतुलित आहार, रेगुलर एक्सरसाइज करना, वेट को कंट्रोल में रखना, धूम्रपान और शराब से दूरी तथा पर्याप्त नींद जैसी हेल्दी हैबिट्स प्रोस्टेट के साथ-साथ ओवरऑल हेल्थ के लिए लाभकारी होती हैं। हालांकि सिर्फ अच्छी लाइफस्टाइल अपनाना काफी नहीं है। समय-समय पर हेल्थ चेकअप करवाना भी उतना ही जरूरी है।”

प्रोस्टेट कैंसर की शुरुआती पहचान कैसे करें?

डॉक्टर कहते हैं कि प्रोस्टेट कैंसर के शुरुआती चरण में कोई स्पष्ट लक्षण नहीं दिखाई देते हैं। इसलिए समय-समय पर स्क्रीनिंग करवाना जरूरी हो जाता है। डॉक्टर अपने अनुभव से बताते हैं कि “समय पर पहचान होने पर कई मामलों में उपचार सफल रहता है और मरीज नॉर्मल लाइफ जी सकता है।”

डिस्क्लेमर: 40 साल की उम्र के बाद पुरुषों को अपनी नियमित हेल्थ चेकअप में प्रोस्टेट की जांच को भी शामिल करना चाहिए। अगर परिवार में प्रोस्टेट कैंसर की हिस्ट्री रही है या किसी प्रकार के मूत्र संबंधी लक्षण दिखाई दें, तो जांच में देरी बिल्कुल नहीं करनी चाहिए। जागरूकता, समय पर स्क्रीनिंग और एक्सपर्ट से परामर्श ही प्रोस्टेट संबंधी गंभीर बीमारियों से बचाव का सबसे प्रभावी तरीका है।