दूसरी बार डेंगू होना क्यों होता है घातक? वीडियो में डॉक्टर ने समझाई पूरी वजह

अक्सर हम सोच लेते हैं कि दूसरी बार डेंगू से लड़ने के लिए हमारा शरीर तैयार है, लेकिन ऐसा बिल्कुल भी नहीं होता है। दूसरी बार डेंगू होना लोगों के लिए घातक हो सकता है। आइए डॉक्टर से समझते हैं इस बारे में-

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Written By: Kishori Mishra | Updated : May 14, 2026 11:14 AM IST

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Medically Verified By: Dr. Ajay Nair

Second time dengue is dangerous: बरसात और गर्मी के मौसम में डेंगू के मामले तेजी से बढ़ने लगते हैं। अधिकतर लोग सोचते हैं कि एक बार डेंगू हो जाने के बाद शरीर में इसके खिलाफ पूरी सुरक्षा बन जाती है, लेकिन सच इससे थोड़ा अलग है। जयपुर स्थित नारायणा हॉस्पिटल के सीनियर कंसल्टेंट, इंटरनल मेडिसिन के डॉ. अजय नायर का कहना है कि दूसरी बार डेंगू होना कई मामलों में ज्यादा खतरनाक साबित हो सकता है। डॉक्टरों का कहना है कि दूसरी बार इन्फेक्शन होने पर गंभीर डेंगू, प्लेटलेट्स तेजी से गिरना और शरीर में ब्लीडिंग जैसी जटिलताओं का खतरा बढ़ जाता है। ऐसे में दूसरी बार डेंगू होने के सामान्य समझने की गलती बिल्कुल भी न करें।

डेंगू के 4 अलग-अलग होते हैं वायरस

डॉक्टर बताते हैं कि डेंगू एक ही वायरस से नहीं बल्कि उसके चार अलग-अलग तरह के वायरस, DENV-1, DENV-2, DENV-3 और DENV-4 होता है। अगर किसी व्यक्ति को पहली बार इनमें से किसी एक वायरस से इन्फेक्शन हुआ है, तो शरीर उसी प्रकार के वायरस के खिलाफ मजबूत इम्यूनिटी बना लेता है। लेकिन बाकी तीन प्रकारों से पूरी सुरक्षा नहीं मिलती। यही वजह है कि दूसरी बार जब शरीर किसी दूसरे प्रकार के डेंगू वायरस के संपर्क में आता है, तो स्थिति ज्यादा गंभीर हो सकती है।

डेंगू के वायरस कितने तरह के होते हैं? डेंगू के वायरस कितने तरह के होते हैं?

दूसरी बार क्यों बढ़ जाता है खतरा?

विशेषज्ञों के अनुसार, दूसरी बार डेंगू होने पर शरीर की पुरानी एंटीबॉडी नए वायरस को पूरी तरह खत्म नहीं कर पातीं। इसके बजाय कई बार ये वायरस को शरीर में ज्यादा तेजी से फैलाने में मदद करने लगती हैं। मेडिकल भाषा में इसे “एंटीबॉडी डिपेंडेंट एन्हांसमेंट” कहा जाता है।

इस स्थिति में मरीज को डेंगू हेमरेजिक फीवर या डेंगू शॉक सिंड्रोम का खतरा बढ़ सकता है। इसमें ब्लड प्रेशर अचानक गिर सकता है, शरीर में ब्लीडिंग शुरू हो सकती है और कई अंग प्रभावित हो सकते हैं।

किन लक्षणों को बिल्कुल नजरअंदाज न करें?

डॉक्टरों के मुताबिक दूसरी बार डेंगू होने पर कुछ लक्षण ज्यादा गंभीर हो सकते हैं, जो निम्न हो सकते हैं-

Dengue Symtoms दूसरी बार डेंगू के खतरनाक लक्षण क्या हैं?

  • तेज बुखार के साथ लगातार कमजोरी
  • पेट में तेज दर्द
  • बार-बार उल्टी होना
  • सांस लेने में परेशानी
  • नाक या मसूड़ों से खून आना
  • प्लेटलेट्स तेजी से गिरना
  • अत्यधिक थकान और चक्कर आना, इत्यादि।

ऐसे लक्षण दिखने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना जरूरी है। ताकि स्थिति की गंभीरता को कम किय जा सके।

क्या सिर्फ प्लेटलेट्स कम होना ही खतरे की निशानी है?

विशेषज्ञ बताते हैं कि लोग अक्सर सिर्फ प्लेटलेट्स पर ध्यान देते हैं, जबकि डेंगू में शरीर में प्लाज्मा लीकेज और ब्लड प्रेशर गिरना ज्यादा खतरनाक हो सकता है। कई बार प्लेटलेट्स सामान्य रहते हुए भी मरीज की हालत गंभीर हो सकती है। इसलिए समय पर जांच और डॉक्टर की निगरानी बेहद जरूरी होती है।

World Dengue Day World Dengue Day

Disclaimer : डेंगू से बचने के लिए मच्छरों से सुरक्षा सबसे जरूरी है। घर के आसपास पानी जमा न होने दें, फुल बाजू के कपड़े पहनें और मच्छरदानी या रिपेलेंट का इस्तेमाल करें। अगर पहले कभी डेंगू हो चुका है, तब भी सावधानी कम नहीं करनी चाहिए क्योंकि दूसरी बार संक्रमण ज्यादा गंभीर हो सकता है। डॉक्टरों का कहना है कि सही समय पर पहचान और इलाज से गंभीर डेंगू के खतरे को काफी हद तक कम किया जा सकता है।

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