40 साल की उम्र के बाद नियमित आई टेस्ट क्यों जरूरी? डॉक्टर बता रहे हैं कैसे रखें आंखों को सुरक्षित

इन दिनों स्क्रीन देखने के कारण लोगों को कम उम्र में ही आंखों से जुड़ी परेशानियां हो रही हैं। ऐसे में 40 साल की उम्र में आंखों की समस्या होना आम बात है। इसलिए 40 की उम्र के बाद आंखों की जांच ज्यादा जरूरी मानी जाती है।

WrittenBy

Written By: Ashu Kumar Das | Published : May 16, 2026 8:23 AM IST

WrittenBy

Medically Verified By: Dr. Purendra Bhasin

40 साल की उम्र के बाद शरीर के साथ-साथ आंखों में भी कई बदलाव आने लगते हैं। 40 की उम्र में नजर कमजोर होना, पास की चीजें धुंधली दिखना, आंखों में सूखापन, सिरदर्द या आंखों पर जल्दी तनाव महसूस होना आज के दौर में आम बात मानी जाती है। आंखों में होने वाली इस तरह की परेशानी को अक्सर लोग बढ़ती उम्र से जोड़कर देखते हैं और नजरअंदाज कर देते हैं। लेकिन आंखों में होने वाली किसी भी प्रकार की परेशानी को नजरअंदाज करने से आगे चलकर गंभीर बीमारियां होने का खतरा ज्यादा रहता है। मध्यप्रदेश के ग्वालियर स्थित रतन ज्योति नेत्रालय संस्थान एवं अनुसंधान केंद्र के संस्थापक और नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. पुरेंद्र भसीन कहना है कि 40 साल की उम्र के बाद आंखों से जुड़ी परेशानियां न हो इसके लिए रेगुलर बेसिस पर आई टेस्ट करवाना बहुत जरूरी है। आज डॉक्टर से जानेंगे 40 साल की उम्र के बाद नियमित आई टेस्ट क्यों जरूरी? और इससे क्या- क्या फायदे मिलते हैं।

40 साल की उम्र के बाद नियमित आई टेस्ट क्यों जरूरी?

  1. डॉक्टर पुरेंद्र भसीन बताते हैं कि 40 के बाद ग्लूकोमा, मोतियाबिंद, डायबिटिक रेटिनोपैथी और उम्र से जुड़ी मैक्युलर डिजनरेशन जैसी समस्याओं का खतरा बढ़ जाता है। इन बीमारियों की सबसे बड़ी समस्या यह है कि शुरुआती स्टेज में इसके लक्षण बहुत कम दिखाई देते हैं। नियमित आंखों की जांच से इन समस्याओं का समय रहते पता लगाया जा सकता है और इलाज शुरू किया जा सकता है, जिससे आंखों की रोशनी को सुरक्षित रखने में मदद मिलती है।
  2. आजकल लंबे समय तक मोबाइल, लैपटॉप और टीवी स्क्रीन देखने की आदत भी आंखों पर बुरा असर डाल रही है। 40 की उम्र के बाद आंखों की मांसपेशियां पहले जितनी मजबूत नहीं रहतीं, इसलिए स्क्रीन टाइम का प्रभाव ज्यादा महसूस होता है। इससे आंखों में जलन, पानी आना, सूखापन और धुंधलापन जैसी दिक्कतें बढ़ सकती है। इस उम्र में अगर आप रेगुलर आई टेस्ट करवाते हैं तो पता चलता है कि आंखों पर इसका कितना असर पड़ रहा है और भविष्य में आपको कब चश्मे की जरूरत पड़ सकती है।
  3. नेत्र रोग विशेषज्ञ का कहना है कि खराब लाइफस्टाइल के कारण इन दिनों डायबिटीज, हाई ब्लड प्रेशर और थायराइड जैसी बीमारी आम हो चुकी है। 40 के बाद इन बीमारियों का खतरा और भी ज्यादा बढ़ जाता है। इस प्रकार की बीमारियां न सिर्फ शरीर को प्रभावित करती हैं, बल्कि आंखों पर भी बुरा असर डालती हैं। ये बीमारियां आंखों की नसों और रेटिना को प्रभावित कर सकती हैं। इसलिए 40 की उम्र के बाद रेगुलर आई टेस्ट ज्यादा जरूरी है।

Sudden Blurred Vision साल में 1 बार आंखों की जांच जरूर करवानी चाहिए।

कितनी बार आंखों की जांच करवानी चाहिए?

नेत्र रोग विशेषज्ञ का कहना है कि इन दिनों जिस तरह से मोबाइल और विभिन्न प्रकार के स्क्रीन का इस्तेमाल बढ़ रहा है, उस स्थिति में हर व्यक्ति को साल में 1 बार कंप्लीट आई टेस्ट जरूर करवाना चाहिए। वहीं, जिन लोगों की उम्र 40 या उससे ज्यादा हो चुकी है को आंखों की जांच साल में 2 बार जरूर हो जाती है। इसके अलावा जो लोग डायबिटीज, हाई ब्लड प्रेशर की समस्या से जूझ रहे हैं उन्हें डॉक्टर की सलाह पर जल्दी- जल्दी भी आंखों की जांच करवानी चाहिए।

40 की उम्र के बाद आंखों को कैसे सुरक्षित रखें?

40 की उम्र के बाद आंखों को सुरक्षित रखने के लिए डॉक्टर कुछ जरूरी आदतें अपनाने की सलाह देते हैं। इसमें प्रमुख रूप से शामिल हैः

  1. आंखों को सुरक्षित रखने के लिए संतुलित आहार लें। अपने रोजमर्रा के खाने में हरी सब्जियां, गाजर, फल, नट्स और ओमेगा-3 फैटी एसिड शामिल करें।
  2. घर से बाहर धूप में निकलते समय यूवी प्रोटेक्शन वाले सनग्लासेस पहनें।
  3. लंबे समय तक स्क्रीन का इस्तेमाल करते समय 20-20-20 नियम अपनाएं, यानी हर 20 मिनट बाद 20 सेकंड के लिए 20 फीट दूर देखें।
  4. आंखों को पर्याप्त मात्रा में आराम मिले इसके लिए रोजाना 8 से 9 घंटे की नींद जरूर लें।
  5. आंखों की बीमारियों से बचाव के लिए हाइड्रेशन भी बहुत जरूरी है। इसलिए रोजाना 3 लीटर पानी जरूर पिएं। सादा पानी के अलावा हाइड्रेशन के लिए नारियल पानी और नींबू पानी को डाइट में शामिल करें।

Disclaimer: डॉक्टर के साथ हुई बातचीत के आधार पर हम ये कह सकते हैं कि 40 साल की उम्र के बाद कम से कम साल में 1 से 2 बार आंखों की पूरी जांच जरूर करवानी चाहिए, भले ही नजर सामान्य क्यों न लग रही हो। समय पर जांच और सही देखभाल से उम्र बढ़ने के बावजूद आंखों को लंबे समय तक सेहतमंद रखा जा सकता है।

Add The Health Site as a Preferred Source Add The Health Site as a Preferred Source