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Written By: intern23.seo | Published : December 27, 2023 12:14 PM IST
breast cancer
ब्रेस्ट कैंसर दुनियाभर की महिलाओं में सबसे ज्यादा होने वाला कैंसर बन गया है। आंकड़ों की बात करें तो भारत में 28 में से 1 महिला ब्रेस्ट कैंसर की समस्या से जूझ रही है। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि ब्रेस्ट कैंसर ऐसी स्थिति है जब हमारी कोशिकाएं अनियंत्रित रूप से बढ़ने लगती हैं। बात करें पिछले कुछ सालों की तो सभी तरह के कैंसर के मामलों में काफी बढ़ोतरी देखने को मिली है। लेकिन सबसे ज्यादा संख्या की बात करें तो ब्रेस्ट कैंसर इसमें पहले पायदान पर है। इसके बढ़ने का कारण भी है कि आमतौर पर महिलाएं इसके शुरुआती लक्षणों को नहीं पहचान पाती हैं। यही कारण है कि इलाज में हुई देरी के कारण आगे चलकर ये समस्या काफी गंभीर हो जाती है। आइए जानते हैं ब्रेस्ट कैंसर के बढ़ने के क्या हैं कारण..
हेल्थ एक्सपर्ट की मानें तो दूसरे कैंसर की तरह ही ब्रेस्ट कैंसर के मामले बढ़ने के पीछे हमारी लाइफस्टाइल का खराब होना ही है। इसके अलावा कैंसर होने का सबसे मुख्य कारण है हमारा फिजिकली एक्टिव न होना। वहीं लगातार बैठे हुए काम करने से भी कैंसर होने के चांस बढ़ जाते हैं। इसके अलावा हार्मोन में गड़बड़ी होना भी महिलाओं में होने वाले कैंसर की एक बड़ी वजह मानी जाती है। वहीं एस्ट्रोजन हार्मोन के ज्यादा मात्रा में बनने के कारण ब्रेस्ट कैंसर के मामले काफी तेजी से बढ़ते जा रहे हैं।
ब्रेस्ट कैंसर के लक्षणों की पहचान यदि समय रहते कर ली जाए तो इसका इलाज किया जाना संभव है और यहा तक कि रोगी को जान का खतरा भी नहीं होगा। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि ब्रेस्ट कैंसर का सबसे पहला लक्षण है गांठ बनना। यदि आपकी आयु 30 वर्ष से अधिक हो गई है तो आपको अपने स्तनों की बराबर जांच करते रहना चाहिए। यदि आपको हाथ से जांच करते समय स्तन में किसी तरह की गांठ का अनुभव होता है तो बिना देर किए आपको किसी डॉक्टर से परामर्श करना चाहिए। इसके अलावा निप्पल से खून आना और स्तन का अनावश्यक भारीपन भी ब्रेस्ट कैंसर के लक्षण हो सकते हैं।
हेल्थ एक्सपर्ट की मानें तो ब्रेस्ट कैंसर का उपचार इस बात पर निर्भर करता है कि वह किस चरण में पहुंच चुका है। अलग-अलग चरण में ब्रेस्ट कैंसर के उपचार के लिए अलग-अलग उपाय किए जाते हैं। जिसमें सर्जरी, कीमोथेरेपी, रेडिएशन थेरेपी, टार्गेटेड ड्रग थेरेपी और हार्मोनल थेरेपी शामिल हैं। यदि ब्रेस्ट कैंसर का पता शुरुआत में ही चल जाए तो आपके स्तन को काटने की जरूरत नहीं पड़ती है, वहीं अंतिम स्थिति में पता चलने पर सर्जरी के द्वारा पूरे स्तन को निकालना भी पड़ जाता है। जिसे प्लास्टिक सर्जरी द्वारा दोबारा बनाया जाता है।
Disclaimer- यह लेख आपकी सामान्य जानकारी के लिए है। इसका उद्देश्य आपको किसी तरह की सलाह देना नहीं है। यदि आप लेख में बताए गए किसी तरह के लक्षण महसूस करते हैं तो बिना देर किए डॉक्टर से संपर्क करें।
Disclaimer: The content on TheHealthSite.com is only for informational purposes. It is not at all professional medical advice. Always consult your doctor or a healthcare specialist for any questions regarding your health or a medical condition.