30–40 की उम्र में क्यों बढ़ रहा है युवाओं में ओरल कैंसर का खतरा? जानें इस बीमारी के लक्षण और कारण

Oral Cancer: आजकल ओरल कैंसर के मामलों में तेजी से इजाफा हो रहा है। अब युवाओं में भी ओरल कैंसर के मामले सामने आ रहे हैं। जानें, क्यों बढ़ रहे हैं इसके केस-

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Written By: Anju Rawat | Published : August 22, 2025 3:54 PM IST

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Medically Verified By: Dr. Akshat Malik

Oral Cancer: ओरल कैंसर (मुंह का कैंसर) आजकल एक आम बीमारी बन गई है। बुजुर्गों में ही नहीं, युवाओं में भी ओरल कैंसर के मामले सामने आ रहे हैं। आपको बता दें कि ओरल कैंसर मुंह के ऊपरी और निचले हिस्से को प्रभावित करता है। इसके अलावा, यह होठों और जीभ को भी प्रभावित कर सकता है। ओरल कैंसर, मुंह के ऊतकों में विकसित होता है। इसमें होंठ, जीभ, मसूड़े और मुंह की परत शामिल होती हैं। ओरल कैंसर आमतौर पर 60 वर्ष या उससे अधिक उम्र के लोगों को प्रभावित करता है। लेकिन, अब युवा भी ओरल कैंसर की चपेट में आ रहे हैं। युवाओं में भी हर साल ओरल कैंसर के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। लेकिन, युवाओं में ओरल कैंसर क्यों बढ़ रहा है? आइए, मैक्स अस्पताल, साकेत के प्रिंसिपल कंसल्टेंट सर्जिकल ऑन्कोलॉजी, हेड एंड नेक ऑन्कोलॉजी डॉ. अक्षत मलिक से जानते हैं ओरल कैंसर के लक्षण और कारण (Oral Cancer ke Lakshan or Karan)-

क्या कहते हैं डॉक्टर?

युवाओं में क्यों बढ़ रहे हैं ओरल कैंसर के मामले? इस पर डॉ. अक्षत मलिक बताते हैं, "भारत में ओरल कैंसर के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। खासकर, युवाओं में ओरल कैंसर (Oral Cancer in Young People) के मामलों में बढ़ोत्तरी हो रही है। पहले यह बीमारी बुर्जुगों में देखने को मिलती थी। लेकिन, अब युवाओं में भी ओरल कैंसर के मामले सामने आ रहे हैं। 30 से 40 साल के उम्र के लोगों में यह बीमारी ज्यादा देखने को मिल रही है। इसके पीछे कई कारण जिम्मेदार हो सकते हैं, इसमें बदलती जीवनशैली सबसे आम है। इसके अलावा, तंबाकू और शराब का सेवन भी ओरल कैंसर का कारण बनते हैं। जो लोग तंबाकू खाते हैं, उनमें ओरल कैंसर का खतरा ज्यादा रहता है।"

ओरल कैंसर के लक्षण- Oral Cancer Symptoms in Hindi

अगर मुंह या होठों के आस-पास घाव लंबे समय से है तो ये ओरल कैंसर का संकेत हो सकते हैं। ये घाव दर्दनाक हो सकते हैं।

ओरल कैंसर होने पर खाना या पानी निगलने में मुश्किल हो सकती है।

  • आवाज में भारीपन और बोलन में कठिनाई होना भी ओरल कैंसर का एक लक्षण होता है।
  • ओरल कैंसर होने पर कान में गंभीर दर्द का अनुभव हो सकता है। यह दर्द लगातार और लंबे समय तक रह सकता है।
  • अगर आपको गर्दन में गांठ या सूजन महसूस हो तो इसे नजरअंदाज न करें। यह ओरल कैंसर का लक्षण हो सकता है।
  • ओरल कैंसर की स्थिति में वजन तेजी से कम हो सकता है।
  • मुंह से खून निकल सकता है और किसी भी हिस्से में झुनझुनी हो सकती है।
  • होंठ और मुंह के आस-पास छाले नजर आ सकते हैं। जीभ और मसूड़े लाल दिख सकते हैं।
  • अगर आप इनमें से किसी भी एक लक्षण का अनुभव हो तो इस संकेत को नजरअंदाज बिल्कुल न करें। ये लक्षण ओरल कैंसर यानी मुंह के कैंसर के हो सकते हैं। इस स्थिति में आपको तुरंत डॉक्टर से कंसल्ट करके समय पर इलाज करवाना चाहिए।

ओरल कैंसर का जोखिम किसे ज्यादा है?- Oral Cancer Risk Factors in Hindi

वैसे तो ओरल कैंसर किसी भी व्यक्ति को हो सकता है। लेकिन, कुछ लोगों में ओरल कैंसर का जोखिम ज्यादा रहता है। इन लोगों को लक्षणों पर जरूर ध्यान देना चाहिए। अन्यथा, ओरल कैंसर जानलेवा भी हो सकता है।

तंबाकू का सेवन

जो लोग नियमित रूप से तंबाकू का सेवन करते हैं, उनमें ओरल कैंसर का जोखिम ज्यादा रहता है। धूम्रपान या चबाने वाला तंबाकू खाने से भी ओरल कैंसर का खतरा बढ़ता है।

शराब का सेवन

जो लोग ज्यादा शराब पीते हैं, उनमें भी ओरल कैंसर का खतरा अधिक रहता है। खासकर, अगर धूम्रपान और शराब का सेवन नियमित रूप किया जाता है, तो ओरल कैंसर का ज्यादा बना रहता है।

खराब ओरल हेल्थ

जो लोग ओरल हेल्थ का ध्यान नहीं रखते हैं, उनमें इसके कैंसर का खतरा बढ़ जाता है। खराब ओरल हेल्थ की वजह से कैंसर का जोखिम बढ़ जाता है। इसलिए अपनी ओरल हेल्थ में सुधार करें।

आनुवंशिकी

अगर किसी के परिवार में ओरल कैंसर है तो उसमें भी इसका खतरा ज्यादा बढ़ जाता है। इन लोगों मुंह और गले के कैंसर का खतरा अधिक रहता है।निष्क्रिय जीवनशैली भी कैंसर के जोखिम को बढ़ाता है। लंबे समय तक एक ही जगह पर बैठे रहना और शारीरिक रूप से सक्रिय न रहने से भी कैंसर का खतरा बढ़ता है।

इसके अलावा, अब ह्यूमन पैपिलोमा वायरस (HPV) से जुड़े ओरल कैंसर के मामले भी तेजी सामने आ रहे हैं।

ओरल कैंसर का इलाज- Oral Cancer Treatment in Hindi

ओरल कैंसर का इलाज कई तरीकों से किया जा सकता है। इसमें सर्जरी और थेरेपी शामिल हैं। कैंसर का इलाज समय पर शुरू होना बहुत जरूरी होता है। इसलिए ओरल कैंसर के लक्षणों को बिल्कुल नजरअंदाज न करें और तुरंत डॉक्टर से कंसल्ट करें।

सर्जरी

ओरल कैंसर को सर्जरी के माध्यम से ठीक किया जा सकता है। सर्जरी के जरिए ट्यूमर और उसके आस-पास के ऊतकों को हटाने में मदद मिलती है। जब ट्यूमर छोटा होता है, तो डॉक्टर सर्जरी की सलाह दे सकते हैं।

रेडिएशन थेरेपी

ओरल कैंसर का इलाज रेडिएशन थेरेपी की मदद से भी की जाती है। इसमें कैंसर कोशिकाओं को मारने के लिए हाई-एनर्जी रेडिएशन का उपयोग किया जाता है।

कीमोथेरेपी

ओरल कैंसर होने पर डॉक्टर कीमोथेरेपी करवा सकते हैं। इसमें कैंसर कोशिकाओं को मारने के लिए दवाइयों का उपयोग किया जाता है। ज्यादातर डॉक्टर कैंसर के इलाज के लिए कीमोथेरेपी करवाते हैं।

टार्गेटेड थेरेपी

ओरल कैंसर का इलाज टार्गेटेड थेरेपी की मदद से भी की जा सकती है। इसमें कैंसर कोशिकाओं को टारगेट करके उन्हें नष्ट किया जाता है।

ओरल कैंसर से बचाव कैसे करें?- Oral Cancer Prevention Tips in Hindi

  • ओरल कैंसर से बचाव के लिए शराब और तंबाकू का सेवन बिल्कुल न करें। शराब का अत्यधिक सेवन ओरल कैंसर का जोखिम बढ़ाता है।
  • ओरल कैंसर से बचने के लिए आपको हेल्दी लाइफस्टाइल को फॉलो करना चाहिए।
  • इससे बचाव के लिए हेल्दी डाइट लेना भी जरूरी होता है। आप फल और सब्जियों को डाइट में शामिल करें।
  • ओरल कैंसर से बचने के लिए आप नियमित रूप से योगाभ्यास कर सकते हैं।
  • ओरल कैंसर से बचाव के लिए दांतों को रेगुलर चेकअप जरूर कराएं।

Disclaimer: प्रिय पाठकों यह आर्टिकल केवल सामान्य जानकारी और सलाह देता है। यह किसी भी तरह से चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है। इसलिए अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श जरूर करें। thehealthsite.com इस जानकारी के लिए जिम्मेदारी का दावा नहीं करता है।

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