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Written By: Editorial Team | Published : August 30, 2017 2:36 AM IST
शरीर को सुचारू रूप से काम करने के लिए सही समय पर उसे आराम देना बहुत ज़रूरी है और इसलिए सोना बहुत ज़रूरी होता है। आपको बता दें कि सोते समय शरीर के अधिकांश अंग काम नहीं करते हैं जिससे वे एनर्जी रिस्टोर करते हैं और बाद में ठीक ढंग से काम कर पाते हैं। भारत के कई ग्रामीण इलाकों में आज भी उत्तर दिशा में सिर करके सोना गलत माना जाता है। यहां तक की वास्तु शास्त्र में भी उत्तर दिशा की तरफ मुंह करके सोना गलत बताया गया है।
आपको भी यह लगता होगा कि आखिर इसका सच क्या है? क्या ये सिर्फ एक मिथक है या इसके पीछे कोई वैज्ञानिक कारण भी है? इस आर्टिकल में हम आपको इसके पीछे का वैज्ञानिक कारण बता रहे हैं।
आपको बता दें कि संपूर्ण धरती एक मैगनेट की तरह है और हर एक इंसान का अपना मैग्नेटिक फील्ड होता है। ऐसे में जब आप नार्थ की तरफ सिर करके सोते हैं तो शरीर का मैग्नेटिक फील्ड, धरती के मैग्नेटिक फील्ड से अलग डायरेक्शन में जाने लगता है। जिस वजह से ब्लड प्रेशर में परिवर्तन होता है और आपके दिल को ज्यादा काम करना पड़ता है। ऐसे हालत में अगर आप उम्रदराज हैं और आपकी रक्त धमनियां कमजोर हैं तो हेमरेज या पैरालिटिक अटैक का खतरा बढ़ जाता है। इसके अलावा पल्स रेट भी कम हो जाता है और ब्लड सर्कुलेशन बिगड़ जाता है।
यही कारण है कि जब आप उत्तर दिशा में सिर करके सोते हैं तो आपको उस रात ठीक से नींद नहीं आती है और रात भर आप करवटे बदलते रहते हैं। इससे बचने के लिए यह ज़रूरी है कि आप दक्षिण या पूर्व की तरफ सिर करके सोयें। पेन मैनेजमेंट स्पेशलिस्ट डॉ. अनिल कुलकर्णी बताते हैं कि हमेशा बाएं करवट होकर ही सोयें। बाएं करवट सोने से कई तरह के फायदे होते हैं और हार्ट बर्न की समस्या कम होती है। इसके अलावा आपको एक और रोचक तथ्य हम बता रहे हैं कि वास्तु के अनुसार विवाहित जोड़ों को अपना सिर साउथ की तरह करके सोना चाहिये इससे उनमें आपस में प्यार बढ़ता है।
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अनुवादक: Anoop Singh
चित्र स्रोत: Shutterstock
संदर्भ: Dr. Bhojraj Dwivedi, Vaastu inquisitiveness and Solutions, 2003, Page-129-130.