आखिर क्‍यों सुरक्षित नहीं माना जाता नॉन स्टिक बर्तनों का इस्‍तेमाल

इन बर्तनों में कम तेल होने के बावजूद खाना चिपकता नहीं है। इसलिए इन्हें नॉनस्टिक कहा जाता है। पर क्या आप जानते हैं कि कॉलेस्ट्रॉल के खतरे से बचाने वाले ये नॉनस्टिक बर्तन किडनी और फेफड़ों के लिए नुकसानदायक हो सकते हैं।

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Written By: Yogita Yadav | Updated : May 1, 2019 5:49 PM IST

कॉलेस्‍ट्रॉल कॉन्शियस लोग चाहते हैं कि खाने में तेल या घी कम से कम इस्‍तेमाल हो। इसके लिए ज्‍यादातर लोग नॉनस्टिक बर्तनों का इस्‍तेमाल करते हैं। इन बर्तनों में कम तेल होने के बावजूद खाना चिपकता नहीं है। इसलिए इन्‍हें नॉ‍नस्टिक कहा जाता है। पर क्‍या आप जानते हैं कि कॉलेस्‍ट्रॉल के खतरे से बचाने वाले ये नॉ‍नस्टिक बर्तन किडनी और फेफड़ों के लिए नुकसानदायक हो सकते हैं।

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सेहत के प्रति जागरूक ज़्यादातर लोग अब खाना पकाने के लिए नॉन-स्टिक बर्तनों का इस्तेमाल करते हैं। लोगों का मानना है कि इन बर्तनों में खाना बनाने से तेल कम लगता है और खाना बर्तन में चिपकता भी नहीं है। आप सब भी किचन ने नॉन-स्टिक बर्तन का इस्तेमाल करते ही होंगे। लेकिन अगर आपके ये पता चले कि इन बर्तनों के इस्तेमाल से कैंसर जैसी गंभीर बीमारी के साथ ही लंग डैमेज का भी खतरा होता है।

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क्‍यों सेहत के लिए हैं नुकसानदायक

नॉन-स्टिक बर्तनों पर टेफ्लॉन कोटिंग होती है जिसे पॉलीटेट्राफ्लूरोएथिलिन (PTFE) कहा जाता है। टेफ्लॉन का निर्माण PFOA (perfluorooctanoic acid) से किया जाता है। यह एक जहरीला पदार्थ है। इसके नुकसान सामने आने के बाद अब नॉन-स्टिक बर्तनों में GenX का प्रयोग होने लगा है।

यही वजह है कि आजकल नॉन स्टिक बर्तनों पर यह लिखा होता है कि वो PFOA-फ्री हैं। हालांकि इसकी जगह जो अन्य मटीरियल इस्तेमाल हो रहा है, वह भी सेहत के लिए काफी नुकसानदायक साबित हो सकता है।

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हानिकारक नहीं है टेफ्लॉन

टेफ्लॉन एक सेफ कंपाउंड है जो सेहत के लिए हानिकारक नहीं है, लेकिन 300 डिग्री सेल्सियस के तापमान पर नॉन-स्टिक बर्तन पर हुई टेफ्लॉन कोटिंग टूटने लगती है। जिससे हवा में प्रदूषित केमिकल पैदा होते हैं।

हो सकते हैं ये जोखिम

यह धुंआ नाक में जाने पर पॉलीमर फ्यूम फीवर या टेफ्लॉन फ्लू भी हो सकता है। इसमें ठंड लगना, बुखार आना, सिर दर्द होना और बदन टूटना जैसे सामान्य लक्षण दिखाई देते हैं। स्टडी में ऐसे भी कुछ मामले सामने आए जिसमें टेफ्लॉन के ज्यादा गर्म हो जाने से लंग डैमेज (फेफड़े खराब) हो गए थे।

कर रहे हैं नॉन स्टिक बर्तनों का इस्‍तेमाल, तो इन बातों का रखें ध्‍यान

नॉन स्टिक पैन को प्री-हीट न करें। इसे गर्म करने से पहले इसमें खाना या कोई तरल पदार्थ जैसे पानी डाल दें ताकि जलने पर टेफ्लॉन कोटिंग टूट कर खतरनाक फ्यूम न बनें। ध्यान दें कि अधिक तापमान पर खाना न बनाएं।

नॉन स्टिक बर्तन में खाना बनाते समय हमेशा लकड़ी की कलछी का प्रयोग करें। धातु की कलछी के प्रयोग से टेफ्लॉन कोटिंग को नुकसान पहुंच सकता है।

जब नॉन स्टिक बर्तन पुराने हो जाएं और उनकी टेफ्लॉन कोटिंग छूटने लगे तो बर्तनों को बदल डालिए।

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