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Written By: akhilesh dwivedi | Published : September 6, 2018 8:41 PM IST
न्यूज पेपर से कौन-कौन से रोग होने की होती है संभावना ? © Shutterstock
अखबार में सामान बेचने का जैसे एक कल्चर सा बन गया है। बड़े से लेकर छोटे शहर और गांव-देहात में भी वड़ा पाव, समोसा, पोहा, जलेबी और पकौड़े जैसे खाने के सामानों को बेधड़क अखबार में रखकर परोस दिया जाता है। इसके पीछे केवल एक ही वजह है, वो ये कि दुकानदार प्लेट पर पैसे खर्च नहीं करना चाहता। साथ ही साथ स्टील आदि के बर्तन धोने के लफड़े से बचना चाहता है।
आपको यह जानकर हैरानी होगी कि अखबार पर रखा खाना बहुत खतरनाक होता है। जिसके नतीजतन कई हानिकारक बीमारियां हो सकती हैं। कई तरह के शोध और मेडिकल जांच में ये पाया जा चुका है कि न्यूज़पेपर में रखकर खाने से कैंसर जैसे रोग हो जाते हैं।
अखबार पर रखकर अपने पसंदीदा नाश्ते के चटकारे लेकर खाने वालों को सावधान हो जाना चाहिए। कई शोधों में ये सिद्ध कर दिया गया है कि अखबार पर खाना रखते ही वह हमारे शरीर का दुश्मन बन जाता है। इसके पीछे जो वजह बताई गई वो और चौंकाने वाली है। दरअसल जहाँ से अखबार की छपाई शुरू होती है वहीं से रोग भेजने का काम शुरू हो जाता है।
छपाई के कैमिकल्स हैं जानलेवा
अखबार की छपाई मुख्यतः डाई आइसोब्यूटाइल फटालेट और डाइएन आईसोब्यूटाइलेट जैस खतरनाक केमिकल्स से होती है। इन केमिकल्स से तैयार की गई स्याही शरीर के भीतर जाते ही कई तरह के रोग पैदा करती है।
कौन-कौन से रोग होने की होती है संभावना
अखबार पर रखकर खाने की समस्या केवल दुकानों तक सीमित नहीं है। बल्कि अपने घरों में भी इसका इस्तेमाल धड़ल्ले से होता है। लोगों में कम जागरूकता होने की वजह से उन्हें पता नहीं है कि इस तरह अखबार पर खाना कितना खतरनाक हो सकता है। शोध में कहा गया है कि इस घातक स्याही के द्वारा लोगों को कैंसर और कई तरह की मानसिक बीमारी हो रही है। बच्चों पर इसका प्रभाव तेजी से पड़ता है और ये अखबार बच्चों को मंद बुद्धि भी बना सकता है।