क्या आपको भी डिजिटल डिटॉक्स की जरूरत है ?

भारत में भी ऐसे लोगों की संख्या बढ़ रही है जो हमेशा फेसबुक, इंस्टाग्राम आदि प्लेटफॉर्म में लगातार लगे रहते हैं।

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Written By: akhilesh dwivedi | Published : September 17, 2018 6:14 PM IST

जब भारत में डिजीटल इंडिया का प्रमोशन हो रहा है वहीं पश्चिम के देशों में डिजिटल डिटॉक्स का दौर आ गया है। अमेरिका में इसका चलन सबसे ज्यादा हो रहा है। अमेरिका में कई संस्थान कैंपेन चलाकर यह मैसेज दे रहे हैं कि डिजिटलाइजेशन की वजह से परिवार का अस्तित्व खतरे में हैं। वहां के लोगों ये बात समझ आ गयी है कि परिवार को अगर बचाना है तो डिजिटल डिटॉक्स को बढ़ावा देना होगा। क्या होता है डिजिटल डिटॉक्स ? जी इसके बारे में भारत के लोगों को भी जरूर जानना चाहिए।

डिजिटल डिटॉक्स क्या है ?

अमेरिका में जो कैंपेन चलाए जा रहे हैं उनके अनुसार इस प्रोग्राम का मुख्य काम यह है कि लोगों को डिजिटल दुनिया की लत से दूर करना। हाल के दिनों में स्मार्टफोन के बढ़ते उपयोग और सोशल मीडिया की उपस्थिति ने लोगों को इसका रोगी बना दिया है। रोगी से मतलब है लोगों को डिजिटल दुनिया की लत लग जाना। भारत में भी ऐसे लोगों की संख्या बढ़ रही है जो हमेशा फेसबुक, इंस्टाग्राम आदि प्लेटफॉर्म में लगातार लगे रहते हैं।

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हाल के दिनों में एक चलन बहुत तेजी से बढ़ा है कि लोग किसी भी शादी या समारोह में जाते हैं तो लोगों से बात करने के बजाय सेल्फी लेने में ही व्यस्त हो जाते हैं। किसी भी इवेंट का लोग मजा लेने के बजाय सेल्फी लेने में समय बर्बाद कर देते हैं।

क्या कहते हैं एक्सपर्ट्स 

एक्सपर्ट्स बताते हैं की जिस तरह से लोगों को एल्कोहल, सिगरेट की लत लगती है उसी तरह लोगों को डिजिटल दुनिया की लत लग रही है। लोग चाहकर भी इससे निकल नहीं पाते हैं। कुछ लोगों को अगर इंटरनेट न मिले कुछ देर तो बेचैनी होने लगती है। एक्सपर्ट्स बताते हैं कि लोगों को इसके लिए डिजिटल डिटॉक्स को अपनाना चाहिए।

क्या है फॉर्मूला 

डिजिटल डिटॉक्स के लिए एक्सपर्ट्स बताते हैं कि जैसे दिन और रात होती है उसी तरह डिजिटल सनसेट का समय तय करना होता है। इसमें यह तय किया जाता है कि हफ्ते में दिन में ऐसा समय तय कर लें की आप इंटरनेट, स्मार्टफोन से बिल्कुल दूर रहेंगे। इसके लिए लोगों को एक समय तय करके डिजिटल दुनिया से दूर हो जाना होता है।

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इसे सही से फॉलो करने के लिए अपने लोगों को पूर्व मेें ही सूचना दें की कब से कब तक डिजिटल दुनिया से दूर रहेंगे। फोन में पल-पल के नोटिफेकेशन्स को बंद कर दें। उसके लिए भी एक समय तय करें कि कब चेक करना है।

अगर आपको भी लगता है कि आप 24 घंटे में घर, काम और परिवार से ज्यादा फोन या इंटरनेट को दे रहें हैं तो आपको भी डिजिटल डिटॉक्स की जरूरत है।

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