hamburger icon
A
Read in English

30 की उम्र के बाद ही मसल मास क्यों कम होने लगता है और इससे बचाव कैसे करें

क्या 30 की उम्र के बाद शरीर का धीरे-धीरे मसल मास खोना सामान्य है? ऐसा क्यों होता है और क्या किसी तरीके से मसल्स को कमजोर होने से बचाया जा सकता है? इस लेख में जानेंगे।

WrittenBy

Written By: Mukesh Sharma | Updated : June 30, 2026 6:36 PM IST

WrittenBy

Medically Verified By: Dr. Vineeta Singh Tandon

उम्र बढ़ने के साथ-साथ हमारा शरीर शरीर धीरे-धीरे बूढ़ा होने लगता है, लेकिन क्या इतनी जल्दी? 30 की उम्र के बाद ही आजकल लोगों को मसल मास कम होने लगता है, जो कि एक अच्छा संकेत नहीं हो सकता है। लेकिन आपके लिए यह जानना बहुत जरूरी है कि यह भी एक नॉर्मल प्रोसेस है। लेकिन यह काफी हद तक इस बात पर भी निर्भर करता है कि आप किस तरह का लाइफस्टाइल जी रहे हैं, आप किस तरह की डाइट ले रहे हैं और आप आपकी मेंटल हेल्थ कैसी है। ऐसे में सवाल आता है कि अगर ये तीनों ही चीजें आपने अच्छे से मेंटेन की हुई हैं, तो क्या 30 के बाद आपका मसल मास कम नहीं होगा? आपका सवाल जायज है, लेकिन इसका जवाब सीधा हां या ना में देना संभव नहीं होगा, क्योंकि हमें पूरी प्रोसेस को समझना होगा ISIC मल्टीस्पेशलिटी हॉस्पिटल में इंटरनल मेडिसिन डिपार्टमेंट की सीनियर कंसल्टेंट डॉ. विनीता सिंह टंडन ने इस बारे में कुछ महत्वपूर्ण जानकारियां दी।

30 के बाद मसल मास कम होना नॉर्मल

दरअसल 30 के बाद धीरे-धीरे मसल मास कम होने लगने की इस प्रोसेस को सार्कोपेनिया (Sarcopenia) कहा जाता है, जो कि एक एज रिलेटेड डिसऑर्डर है यानी उम्र के साथ-साथ विकसित होने वाली बीमारी। सार्कोपेनिया आमतौर पर 30 के बाद धीरे-धीरे विकसित होने लगता है, जिसका सीधा असर हमारी मांसपेशियों और हड्डियों की मजबूती पर पड़ता है और इस कारण से फिजिकल एक्टिविटी भी प्रभावित होने लगती है।

(और पढ़ें - 30 के बाद महिलाओं में किन बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है)

हार्मोन का है सारा खेल

30 के बाद जो मसल मास कम होने लगता है या आप यूं कह लीजिए की सार्कोपेनिया धीरे-धीरे विकसित होने लगता है, तो उसका कारण है धीरे-धीरे हार्मोन्स लेवल कम होना। 30 के बाद टेस्टोस्टेरोन हार्मोन कम होने लगता है, जो मांसपेशियों को मजबूत बनाए रखने के लिए बेहद जरूरी होता है। वहीं 30 के बाद ग्रोथ हार्मोन भी लेवल भी थोड़ा कम हो जाता है, जिसके कारण जिसका असर मसल ग्रोथ पर भी कहीं न कहीं जरूर पड़ता है।

क्या इसे कंट्रोल किया जा सकता है

अब आपके मन में भी यही सवाल होगा कि क्या 30 के बाद मसल मास को कमजोर पड़ने से रोका जा सकता है? इसका जवाब देने से पहले हम आपके सवाल पूछना चाहते हैं कि क्या आप अपना लाइफस्टाइल मेंटेन कर सकते हैं?

क्योंकि अगर आप एक अच्छा लाइफस्टाइल मेंटेन करते हैं जैसे नियमित रूप से एक्सरसाइज करना, अच्छा खाना खाते हैं जैसे प्रोटीन, कैल्शियम व अन्य जरूरी पोषक तत्वों से भरपूर डाइट आहार लेना और साथ ही अगर आप अपनी मेंटल हेल्थ को सही रख पाते हैं जैसे तनाव आदि से दूर रहना तो काफी हद तक 30 के बाद विकसित होने वाली इस स्थिति को कंट्रोल किया जा सकता है।

खुद को बुजुर्ग महसूस न होने दें

30 के बाद अगर आप खुद ही हार मानना शुरू कर देते हैं और आपको लगने लगता है कि आप बूढ़े होने लगे हैं, तो वहीं से असली प्रॉब्लम शुरू होती है। आपको मानसिक रूप से हेल्दी और यंग फील करना है। दिनभर आराम करने की आदत तो त्याग देना है। अगर आप इन बातों का ध्यान रखते हैं, तो 30 तो क्या 40 तक भी आपको ऐसा कुछ महसूस नहीं होगा।

लेकिन एक गलती से बचना है तो आजकल यंग जनरेशन करती है और वह है देर रात तक फोन चलाने की आदत। क्योंकि नींद इन सभी चीजों में सबसे जरूरी चीज में से एक है, अगर आप अपनी मसल मास को हेल्दी रखना चाहते हैं। अगर आप नियमित रूप से अच्छी नींद लेंगे तो आपकी मसल नियमित रूप से रिकवर होती रहेगी, आपकी स्किन अच्छी रहेगी और मानसिक स्वास्थ्य भी अच्छा रहेगा।

डिसक्लेमर: इस लेख का उद्देश्य केवल 30 की उम्र के बाद होने वाली मसल मास से जुड़ी समस्याओं के बारे में जानकारी देना है। यह लेख केवल जानकारी के उद्देश्य से लिखा गया है और इसमें दी गई किसी भी जानकारी का इस्तेमाल किसी भी समस्या के इलाज के रूप में नहीं किया जाना चाहिए। इसके लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श जरूर करें। thehealthsite.com इस जानकारी के लिए जिम्मेदारी का दावा नहीं करता है।