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The Hidden Fertility Gap: सेहतमंद दिखने वाले कपल भी गर्भधारण करने में कठिनाई का सामना क्यों करते हैं?

कई बार आपने देखा होगा कि कपल तो हेल्दी होते हैं, लेकिन फिर भी वे कंसीव नहीं कर पाते हैं। ऐसे में पति-पत्नी को बिल्कुल समझ नहीं आता है कि उनके साथ हो क्या रहा है। आइए डॉक्टर से जानते हैं कि हेल्दी कपल को गर्भधारण करने में परेशानी क्यों आती है।

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Written By: Vidya Sharma | Published : July 24, 2026 9:15 AM IST

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Medically Verified By: Dr. Rita Bakshi

आज के समय में कई दंपत्ति पूरी तरह स्वस्थ दिखाई देते हैं। वे नियमित व्यायाम करते हैं, हेल्दी और बैलेंस डाइट लेते हैं, उन्हें किसी भी तरह की गंभीर बीमारी नहीं होती है, लेकिन फिर भी उन्हें गर्भधारण करने में कठिनाई का सामना करना पड़ता है। यह स्थिति अक्सर उन कपल्स के लिए मानसिक तनाव, निराशा और कई सवाल लेकर आती है।

ऐसे मामलों में समस्या हमेशा दिखाई नहीं देती, बल्कि शरीर के अंदर छिपी होती है और इसी को "हिडन फर्टिलिटी गैप (Hidden Fertility Gap)" कहा जाता है। इस समस्या का सामना कई कपल्स को करना पड़ सकता है। आइए RISAA IVF की को-फाउंडर और सीनियर गाइनेकोलॉजिस्ट डॉक्टर रीता बक्शी से जानते हैं कि ऐसा क्यों होता है।

क्या सिर्फ हेल्दी दिखना काफी है?

अक्सर लोग यह मान लेते हैं कि अगर कोई व्यक्ति फिट और हेल्दी दिख रहा है तो उसकी फर्टीलिटी भी पूरी तरह नॉर्मल होगी। लेकिन यह धारणा हमेशा सही नहीं होती है। कई बार शरीर में ऐसे हार्मोनल या प्रजनन संबंधी बदलाव होते हैं, जिनके कोई स्पष्ट लक्षण नहीं होते, लेकिन वे कंसीव करने की संभावना को प्रभावित कर सकते हैं। इसी वजह से कई पति-पत्नी लंबे समय तक कोशिश करने के बाद भी नेचुरल तरीके से गर्भधारण नहीं कर पाते, जबकि उनकी सामान्य स्वास्थ्य जांच रिपोर्ट बिल्कुल ठीक होती है।

महिलाओं में छिपी हुई फर्टिलिटी समस्याएं

डॉक्टर बताती हैं कि महिलाओं में कई ऐसी स्थितियां होती हैं जो बिना किसी स्पष्ट संकेत के प्रजनन क्षमता को प्रभावित कर सकती हैं। जैसे-

  • PCOS (पॉलीसिस्टिक ओवरी सिंड्रोम), जिसमें ओव्यूलेशन नियमित रूप से नहीं होता।
  • एंडोमेट्रियोसिस, जो कई बार शुरुआती चरण में बिना लक्षणों के भी मौजूद हो सकता है।
  • थायरॉयड और अन्य हार्मोनल असंतुलन, जो अंडों की गुणवत्ता और ओव्यूलेशन को प्रभावित करते हैं।
  • फैलोपियन ट्यूब में रुकावट, जो सामान्य स्वास्थ्य के बावजूद गर्भधारण में बाधा बन सकती है।
  • बढ़ती उम्र, क्योंकि 30 वर्ष के बाद अंडों की गुणवत्ता और संख्या धीरे-धीरे कम होने लगती है तथा 35 वर्ष के बाद यह प्रक्रिया और तेज हो सकती है।
  • यही कारण है कि नियमित पीरियड्स आने का मतलब हमेशा यह नहीं होता कि फर्टिलिटी पूरी तरह सामान्य है।

पुरुषों की फर्टिलिटी भी उतनी ही महत्वपूर्ण है

हमारे समाज में अक्सर गर्भधारण न होने की जिम्मेदारी महिलाओं पर डाल दी जाती है, जबकि सच यह है कि लगभग आधे मामलों में पुरुषों से जुड़े कारण भी जिम्मेदार हो सकते हैं। कई पुरुष पूरी तरह स्वस्थ और फिट दिखाई देते हैं, लेकिन उनके स्पर्म काउंट, गुणवत्ता या गतिशीलता में कमी हो सकती है।

इसके पीछे भी कई कारण हो सकते हैं, जैसे- अत्यधिक तनाव, धूम्रपान और शराब का सेवन, मोटापा, नींद की कमी, प्रदूषण और पर्यावरणीय टॉक्सिक पार्टिकल और लंबे समय तक बैठकर काम करने की आदत आदि। इसलिए फर्टिलिटी की जांच हमेशा पति और पत्नी दोनों की होनी चाहिए।

बदलते लाइफस्टाइल का बढ़ता प्रभाव

आज की बिजी लाइफस्टाइल भी फर्टिलिटी पर गहरा असर डाल रही है। डॉक्टर बक्शी कहती हैं कि देर रात तक जागना, लगातार मानसिक तनाव, असंतुलित खान-पान, जंक फूड, शारीरिक गतिविधियों की कमी और करियर के कारण परिवार शुरू करने में देरी आदि, ये सभी कारण प्रजनन क्षमता को प्रभावित कर सकते हैं।

कई बार सभी मेडिकल रिपोर्टें सामान्य होती हैं, फिर भी गर्भधारण नहीं हो पाता। इसे अनएक्सप्लेन्ड इंफर्टिलिटी कहा जाता है। ऐसे मामलों में एक्सपर्ट्स द्वारा सारी जांच और व्यक्तिगत उपचार योजना की जरूरत होती है।

किन संकेतों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए?

  • अगर ये स्थितियां हों तो फर्टिलिटी विशेषज्ञ से सलाह लेने में देरी नहीं करनी चाहिए-
  • 35 वर्ष से कम उम्र में एक साल तक नियमित प्रयास के बाद भी गर्भधारण न होना।
  • 35 वर्ष या उससे अधिक उम्र में छह महीने तक प्रयास के बावजूद सफलता न मिलना।
  • पीरियड्स का अनियमित होना।
  • बार-बार गर्भपात होना।
  • PCOS, एंडोमेट्रियोसिस या थायरॉयड जैसी समस्या होना।
  • पुरुष में पहले से स्पर्म संबंधी समस्या का पता होना।

समय पर जांच कराने से उपचार के बेहतर परिणाम मिलने की संभावना बढ़ जाती है।

समय पर जांच ही सबसे बड़ा समाधान

डॉक्टर कहती हैं, “आज फर्टिलिटी मेडिसिन पहले की तुलना में कहीं अधिक विकसित हो चुकी है। सही समय पर जांच, सटीक निदान और उचित उपचार के माध्यम से लाखों दंपत्ति माता-पिता बनने का सपना पूरा कर रहे हैं। सबसे जरूरी बात यह है कि गर्भधारण में देरी होने पर इसे शर्म या असफलता के रूप में न देखें। इसे एक चिकित्सीय स्थिति समझें, जिसका समाधान संभव है।”

माता-पिता के लिए डॉक्टर ने दी सलाह

हिडन फर्टिलिटी गैप हमें यह समझाता है कि स्वस्थ दिखना और प्रजनन क्षमता का स्वस्थ होना, दोनों अलग-अलग बातें हैं। अगर लंबे समय तक प्रयास करने के बाद भी गर्भधारण नहीं हो रहा है, तो अनुमान लगाने या इंतजार करने के बजाय फर्टिलिटी एक्सपर्ट से सलाह लेना सबसे सही कदम है। समय पर जांच, सही जानकारी और सही उपचार से माता-पिता बनने का सपना साकार किया जा सकता है।