
विद्या शर्मा
विद्या शर्मा को डिजिटल मीडिया में लगभग 3 साल का अनुभव है। उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय से पत्रकारिता ... Read More
Medically Verified By: Dr. Rita Bakshi
infertility (Image Credit- ChatGPT)
आज के समय में कई दंपत्ति पूरी तरह स्वस्थ दिखाई देते हैं। वे नियमित व्यायाम करते हैं, हेल्दी और बैलेंस डाइट लेते हैं, उन्हें किसी भी तरह की गंभीर बीमारी नहीं होती है, लेकिन फिर भी उन्हें गर्भधारण करने में कठिनाई का सामना करना पड़ता है। यह स्थिति अक्सर उन कपल्स के लिए मानसिक तनाव, निराशा और कई सवाल लेकर आती है।
ऐसे मामलों में समस्या हमेशा दिखाई नहीं देती, बल्कि शरीर के अंदर छिपी होती है और इसी को "हिडन फर्टिलिटी गैप (Hidden Fertility Gap)" कहा जाता है। इस समस्या का सामना कई कपल्स को करना पड़ सकता है। आइए RISAA IVF की को-फाउंडर और सीनियर गाइनेकोलॉजिस्ट डॉक्टर रीता बक्शी से जानते हैं कि ऐसा क्यों होता है।
अक्सर लोग यह मान लेते हैं कि अगर कोई व्यक्ति फिट और हेल्दी दिख रहा है तो उसकी फर्टीलिटी भी पूरी तरह नॉर्मल होगी। लेकिन यह धारणा हमेशा सही नहीं होती है। कई बार शरीर में ऐसे हार्मोनल या प्रजनन संबंधी बदलाव होते हैं, जिनके कोई स्पष्ट लक्षण नहीं होते, लेकिन वे कंसीव करने की संभावना को प्रभावित कर सकते हैं। इसी वजह से कई पति-पत्नी लंबे समय तक कोशिश करने के बाद भी नेचुरल तरीके से गर्भधारण नहीं कर पाते, जबकि उनकी सामान्य स्वास्थ्य जांच रिपोर्ट बिल्कुल ठीक होती है।
डॉक्टर बताती हैं कि महिलाओं में कई ऐसी स्थितियां होती हैं जो बिना किसी स्पष्ट संकेत के प्रजनन क्षमता को प्रभावित कर सकती हैं। जैसे-
हमारे समाज में अक्सर गर्भधारण न होने की जिम्मेदारी महिलाओं पर डाल दी जाती है, जबकि सच यह है कि लगभग आधे मामलों में पुरुषों से जुड़े कारण भी जिम्मेदार हो सकते हैं। कई पुरुष पूरी तरह स्वस्थ और फिट दिखाई देते हैं, लेकिन उनके स्पर्म काउंट, गुणवत्ता या गतिशीलता में कमी हो सकती है।
इसके पीछे भी कई कारण हो सकते हैं, जैसे- अत्यधिक तनाव, धूम्रपान और शराब का सेवन, मोटापा, नींद की कमी, प्रदूषण और पर्यावरणीय टॉक्सिक पार्टिकल और लंबे समय तक बैठकर काम करने की आदत आदि। इसलिए फर्टिलिटी की जांच हमेशा पति और पत्नी दोनों की होनी चाहिए।
आज की बिजी लाइफस्टाइल भी फर्टिलिटी पर गहरा असर डाल रही है। डॉक्टर बक्शी कहती हैं कि देर रात तक जागना, लगातार मानसिक तनाव, असंतुलित खान-पान, जंक फूड, शारीरिक गतिविधियों की कमी और करियर के कारण परिवार शुरू करने में देरी आदि, ये सभी कारण प्रजनन क्षमता को प्रभावित कर सकते हैं।
कई बार सभी मेडिकल रिपोर्टें सामान्य होती हैं, फिर भी गर्भधारण नहीं हो पाता। इसे अनएक्सप्लेन्ड इंफर्टिलिटी कहा जाता है। ऐसे मामलों में एक्सपर्ट्स द्वारा सारी जांच और व्यक्तिगत उपचार योजना की जरूरत होती है।
समय पर जांच कराने से उपचार के बेहतर परिणाम मिलने की संभावना बढ़ जाती है।
डॉक्टर कहती हैं, “आज फर्टिलिटी मेडिसिन पहले की तुलना में कहीं अधिक विकसित हो चुकी है। सही समय पर जांच, सटीक निदान और उचित उपचार के माध्यम से लाखों दंपत्ति माता-पिता बनने का सपना पूरा कर रहे हैं। सबसे जरूरी बात यह है कि गर्भधारण में देरी होने पर इसे शर्म या असफलता के रूप में न देखें। इसे एक चिकित्सीय स्थिति समझें, जिसका समाधान संभव है।”
हिडन फर्टिलिटी गैप हमें यह समझाता है कि स्वस्थ दिखना और प्रजनन क्षमता का स्वस्थ होना, दोनों अलग-अलग बातें हैं। अगर लंबे समय तक प्रयास करने के बाद भी गर्भधारण नहीं हो रहा है, तो अनुमान लगाने या इंतजार करने के बजाय फर्टिलिटी एक्सपर्ट से सलाह लेना सबसे सही कदम है। समय पर जांच, सही जानकारी और सही उपचार से माता-पिता बनने का सपना साकार किया जा सकता है।