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बारिश के मौसम में क्यों बढ़ जाता है जोड़ों का दर्द? जानिए क्या करें और किन बातों से बचें

बारिश के दिनों में कई लोगों इस बात की शिकायत करते हैं कि उन्हें जोड़ों में दर्द की परेशानी होने लगी है। आखिरकार ऐसा क्यों होता है, क्या है इसके कारण और इससे बचने के लिए क्या करने से बचना चाहिए। आइए जानते हैं इन सारे सवालों के जवाब डॉक्टर से।

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Written By: Ashu Kumar Das | Updated : August 3, 2026 8:53 AM IST

बरसात का मौसम आते ही मौसम सुहाना हो जाता है। तपती गर्मी से राहत मिलती है, चारों ओर हरियाली छा जाती है और तापमान भी कम हो जाता है। लेकिन जहां एक ओर यह मौसम लोगों को सुकून देता है, वहीं दूसरी ओर कई लोगों के लिए परेशानी भी लेकर आता है। खासकर वे लोग जो गठिया (Arthritis), ऑस्टियोआर्थराइटिस (Osteoarthritis), रूमेटाइड आर्थराइटिस, कमर दर्द या किसी पुरानी हड्डी और जोड़ की चोट से जूझ रहे हैं, उनके लिए बारिश मौसम में कई तरह की परेशानियां लेकर आता है। बारिश का मौसम शुरू होते ही मैंने अपने आसपास कई लोगों को कहते सुना है कि उन्हें घुटनों के दर्द की परेशानी हो रही है।

सुबह उठ रहे हैं तो जोड़ों में अकड़न लगती है या पहले से ज्यादा चलने-फिरने में तकलीफ होने लगती है। अगर आप भी उन लोगों में शामिल हैं जिन्हें बारिश के मौसम में जोड़ों का दर्द होने लगता है तो हम आपको बताने जा रहे हैं इस स्थिति में क्या करें और किन बातों से बचें।

क्या जोड़ों को नुकसान पहुंचाता है बारिश का मौसम?

आस्था हॉस्पिटल, नई दिल्ली के ऑर्थोपेडिक सर्जन डॉ. दीपक कुमार बताते हैं कि बारिश सीधे तौर पर हड्डियों या जोड़ों को नुकसान नहीं पहुंचाती, लेकिन मौसम में होने वाले बदलाव शरीर जो रिएक्शन देता हैं, उससे जोड़ों और हड्डियों पर प्रभाव पड़ता है। यही कारण है कि इस मौसम में कई लोगों को दर्द और अकड़न पहले की तुलना में ज्यादा महसूस होती है।

बारिश का प्रभाव शरीर पर ज्यादा पड़ता है। बारिश का प्रभाव शरीर पर ज्यादा पड़ता है।

बारिश के मौसम में दर्द क्यों बढ़ जाता है?

डॉ. दीपक कुमार कहते हैं- बारिश के दौरान हवा में नमी बढ़ जाती है और तापमान कम हो जाता है। साथ ही वायुमंडलीय दबाव भी शरीर पर पहले की तुलना में ज्यादा पड़ता है। यह दवाब हड्डियों और जोड़ों पर एक तरह से बोझ डालता है। इसका नतीजा यह होता है कि जिन लोगों के जोड़ों में पहले से सूजन या घिसाव होता है, उनमें यह बदलाव दर्द को अधिक महसूस करा सकता है। नेशनल लाइब्रेरी ऑफ मेडिसिन की वेबसाइट पर मौजूद जानकारी बताती है कि बारिश के मौसम में होने वाले जोड़ों के दर्द को लेकर कई प्रकार के तथ्य सामने आए हैं। रिसर्च बताती हैं कि गठिया और पुराने जोड़ों के दर्द से परेशान मरीजों में बरसात के दौरान परेशानियां ज्यादा बढ़ने लगती हैं।

किन लोगों को ज्यादा सावधान रहने की जरूरत है?

हालांकि बारिश का असर हर व्यक्ति पर एक जैसा नहीं होता, लेकिन कुछ लोगों को इस मौसम में विशेष सावधानी बरतनी चाहिए।

  1. ऑस्टियोआर्थराइटिस के मरीज
  2. रूमेटाइड आर्थराइटिस से पीड़ित लोग
  3. घुटनों या कमर की पुरानी चोट वाले मरीज
  4. जिनकी पहले हड्डी टूट चुकी हो या सर्जरी हुई हो
  5. 60 वर्ष से अधिक उम्र के बुजुर्ग
  6. जिनके शरीर का वजन बहुत ज्यादा है।
  7. लंबे समय से कमर या गर्दन के दर्द से परेशान लोग

डॉक्टर बताते हैं कि इन लोगों में मौसम बदलने के साथ दर्द और जकड़न बढ़ने की संभावना अधिक रहती है।

जोड़ों के दर्द से बचने के लिए एक ही पोजीशन में लंबे समय तक बैठने से बचें।

बारिश में जोड़ों के दर्द से बचने के लिए क्या करें?

  1. डॉ. दीपक कुमार का कहना है कि सबसे पहली और जरूरी बात है कि दर्द के डर से पूरी तरह से शरीर को एनक्टिव न करें। कई लोग सोचते हैं कि अगर दर्द है तो आराम करना ही सबसे अच्छा उपाय है, लेकिन लंबे समय तक बिस्तर पर पड़े रहने से जोड़ों की जकड़न और बढ़ सकती है। बारिश के कारण अगर आप घर के बाहर नहीं टहल सकते हैं तो घर के अंदर ही टहलने की कोशिश करें। दिन में कम से कम 20 से 30 मिनट हल्की एक्सरसाइज जरूरी है।
  2. बारिश के मौसम में जिन लोगों को सिर्फ हल्की अकड़न, मांसपेशियों में खिंचाव या पुराना दर्द महसूस हो रहा है तो 15 से 20 मिनट तक हल्की गर्म सिकाई आराम दे सकती है। इससे मांसपेशियां रिलैक्स होती हैं और शरीर का ब्लड सर्कुलेशन बेहतर बनता है।
  3. डॉक्टर कहते हैं कि कुछ लोगों को बारिश में भीगने के बाद लंबे समय तक गीले कपड़ों या जूतों में रहना शरीर के लिए ठीक नहीं है। इससे मांसपेशियां सख्त हो सकती हैं और दर्द बढ़ सकता है। घर लौटते ही गीले कपड़े बदलें, पैरों को अच्छी तरह सुखाएं और जरूरत हो तो हल्के गर्म कपड़े पहनें। अगर कमरे में नमी ज्यादा हो तो उसे सूखा रखने की कोशिश करें।
  4. डॉक्टर बताते हैं कि जोड़ों की सेहत केवल दवाओं से नहीं बल्कि सही खानपान से भी जुड़ी होती है। बारिश के मौसम में जोड़ों के दर्द से बचाव के लिए खाने में दूध, दही, पनीर, हरी पत्तेदार सब्जियां, दालें, सोया, अंडे, मछली और मेवे जैसी चीजों को शामिल करें।
  5. किसी व्यक्ति को जोड़ में सूजन, लालिमा या छूने पर ज्यादा गर्माहट महसूस हो रही हो तो बिना डॉक्टर की सलाह के गर्म सिकाई नहीं करनी चाहिए। ऐसी स्थिति में दर्द का कारण अलग भी हो सकता है और गलत तरीके से सिकाई करने से परेशानी बढ़ सकती है।

जोड़ों का दर्द न हो इसके लिए किन गलतियों से बचना चाहिए?

बरसात के मौसम में कुछ छोटी-छोटी गलतियां दर्द को और बढ़ा सकती हैं। इसमें मुख्य रूप से शामिल है-

  1. दर्द होने पर कई दिनों तक बिस्तर पर पड़े रहना सही नहीं है। बारिश के मौसम में जिन लोगों को अक्सर जोड़ों के दर्द की परेशानी हो रही है, उन्हें लंबे समय तक आराम करने से बचना चाहिए।
  2. जोड़ों का दर्द होने पर बार- बार सीढ़ियां चढ़ने और एक ही पोजीशन में लंबे समय तक बैठे रहने से बचना चाहिए।
  3. डॉ. दीपक कुमार बताते हैं कि कई लोग बार- बार जोड़ों के दर्द में खुद से पेन किलर ले लेते हैं। लंबे समय तक ऐसा करने से किडनी, पेट और हार्ट की सेहत पर गंभीर असर पड़ सकता है, खासकर उन लोगों में जिन्हें पहले से हाई ब्लड प्रेशर, किडनी की बीमारी या पेट का अल्सर हो। इसलिए बारिश के मौसम में जोड़ों का दर्द होने पर किसी प्रकार की दवा खाने से बचना चाहिए।

बारिश का मौसम जोड़ों के दर्द को बढ़ा सकता है, लेकिन थोड़ी सावधानी और सही जीवनशैली अपनाकर इस समस्या को काफी हद तक नियंत्रित किया जा सकता है। डॉ. दीपक कुमार का कहना है कि जोड़ों का दर्द बढ़ने पर घबराने की जरूरत नहीं है, लेकिन इसे नजरअंदाज भी नहीं करना चाहिए। यदि दर्द लगातार बना रहे या सामान्य से अधिक बढ़ जाए तो स्वयं इलाज करने के बजाय ऑर्थोपेडिक विशेषज्ञ से सलाह लेना चाहिए।

Disclaimer: यह लेख सामान्य जानकारी के उद्देश्य से लिखा गया है। बारिश के मौसम में अगर आपको भी जोड़ों के दर्द की परेशानी हो रही है तो इसे सामान्य समझकर नजरअंदाज न करें। जोड़ों के दर्द में किसी प्रकार की दवा लेने से पहले डॉक्टर से बात जरूर करें।