
विद्या शर्मा
विद्या शर्मा को डिजिटल मीडिया में लगभग 3 साल का अनुभव है। उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय से पत्रकारिता ... Read More
Medically Verified By: Dr. Ranjana Bhatt
ओआरएस और डिहाईड्रेशन (Image Credit= ChatGPT)
इसमें कोई दो राय नहीं है कि अक्सर लोग ORS को सिर्फ दस्त या गंभीर डिहाइड्रेशन होने पर ही पीने की चीज मानते हैं। लेकिन यह धारणा पूरी तरह सही नहीं है। ओआरएस की फुल फॉर्म ओरल रिहाइड्रेशन सॉल्यूशन है। ORS शरीर में पानी और आवश्यक इलेक्ट्रोलाइट्स जैसे सोडियम और पोटैशियम की कमी को पूरा करने का एक वैज्ञानिक और असरदार तरीका है।
इस विषय पर हमने पारस हेल्थ पंचकूला की एसोसिएट डायरेक्टर- इंटरनल मेडिसिन डॉक्टररंजना भट्ट से बात की। डॉक्टर के अनुसार “सही समय पर ORS का सेवन करने से डिहाइड्रेशन की स्थिति को गंभीर होने से पहले ही रोका जा सकता है और अस्पताल में भर्ती होने की आवश्यकता भी कम हो सकती है।” आइए डॉक्टर से विस्तार से जानते हैं कि शरीर में डिहाइड्रेशन कब शुरु होता है और कब ओआरएस पीना सही है?
हमारे शरीर में लगभग 60 प्रतिशत हिस्सा पानी का होता है। जब अत्यधिक पसीना, उल्टी, दस्त, तेज बुखार या लंबे समय तक पर्याप्त पानी न पीने के कारण शरीर से पानी और लवण तेजी से निकलने लगते हैं, तो डिहाइड्रेशन की शुरुआत हो जाती है।
डॉक्टर बताती हैं कि अगर इस समय सिर्फ पानी पीकर काम चलाया जाए, तो शरीर में इलेक्ट्रोलाइट्स की कमी बनी रह सकती है। ऐसे में ORS ज्यादा प्रभावी साबित हो सकता है क्योंकि यह पानी के साथ-साथ आवश्यक लवणों की भी पूर्ति करता है।
डिहाइड्रेशन के शुरुआती लक्षण (Image Credit- ChatGPT)
डॉक्टर के अनुसार “ORS का उपयोग सिर्फ दस्त होने पर ही नहीं किया जाता है। गर्मी या उमस के मौसम में अधिक पसीना आने पर, लंबे समय तक धूप में रहने के बाद, उल्टी होने पर, वायरल बुखार के दौरान या किसी भी ऐसी स्थिति में जहां शरीर से पानी और इलेक्ट्रोलाइट्स की कमी होने लगे, तो ORS का सेवन डॉक्टर की सलाह के अनुसार किया जा सकता है। छोटे बच्चों और बुजुर्गों में डिहाइड्रेशन का खतरा अधिक होता है, इसलिए इनमें शुरुआती लक्षण दिखते ही ORS देना खासतौर पर महत्वपूर्ण है।”
हालांकि, ओआरएस कोई एनर्जी बढ़ाने वाला पेय या स्पोर्ट्स ड्रिंक नहीं है। इसलिए डॉक्टर का कहना है कि इसे रोजाना के पेय के रूप में बिना जरूरत के न पिएं। इसके अलावा, ORS का घोल हमेशा पैकेट पर दिए गए निर्देशों के अनुसार ही तैयार करना चाहिए।
खुद के किसी भी पानी में ओआरएस की अपनी मर्जी से मात्रा डालकर न पिएं। जरूरत से ज्यादा या कम पानी मिलाने से इसका संतुलन बिगड़ सकता है और जैसा लाभ चाहिए होता है वैसा नहीं मिल पाता। तैयार किया गया ORS घोल 24 घंटे के भीतर उपयोग कर लेना चाहिए, उसके बाद उसे फेंक देना चाहिए।
डॉक्टर रंजना कहती हैं कि अगर व्यक्ति बार-बार उल्टी कर रहा हो, उसे लगातार दस्त हो रहे हों, बेहोशी, भ्रम, अत्यधिक कमजोरी, पेशाब बिल्कुल बंद होना या बहुत कम होना, या बच्चे में सुस्ती और दूध पीने से इनकार जैसे लक्षण दिखाई दे रहे हों, तो व्यक्ति को सिर्फ ORS पर निर्भर नहीं रहना चाहिए।
ऐसी स्थिति में तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना बहुत जरूरी होता है। क्योंकि मरीज को नसों के जरिए तरल पदार्थ (IV Fluids) देने की जरूरत पड़ सकती है। इसलिए अगर कभी आपके साथ ऐसी स्थिति पैदा हो तो खुद से उपाय अपनाने की बजाय डॉक्टर के पास जाएं।
एक्सपर्ट के अनुसार "डिहाइड्रेशन का इलाज करने से बेहतर है कि इसकी शुरुआत को समय रहते रोका जाए। इसलिए शरीर में पानी की कमी के शुरुआती संकेतों को पहचानना और सही समय पर ORS का उपयोग करना बेहद जरूरी है। वह WHO की रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहती हैं कि
"ORS दस्त से होने वाले डिहाइड्रेशन के इलाज का एक प्रभावी और सुरक्षित तरीका है। सही समय पर और सही तरीके से इस्तेमाल किए जाने पर यह गंभीर डिहाइड्रेशन के खतरे को कम करने में मदद कर सकता है। यह बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक सभी के लिए जीवनरक्षक साबित हो सकता है, खासकर दस्त से होने वाले डिहाइड्रेशन के मामलों में और जब इसका सही तरीके से उपयोग किया जाए।"
डिस्क्लेमर: यह लेख सामान्य जानकारी के उद्देश्य से लिखा गया है। इसमें दी गई जानकारी विशेषज्ञ की सलाह पर आधारित है, लेकिन यह किसी चिकित्सीय परामर्श या उपचार का विकल्प नहीं है। ORS का उपयोग डॉक्टर की सलाह या पैकेट पर दिए गए निर्देशों के अनुसार ही करें। गंभीर डिहाइड्रेशन या लगातार उल्टी-दस्त होने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।