Eye Blinking: पलकों का झपकना क्यों जरूरी है, जानिए कितनी बार पलकें झपकाना है जरूरी

यदि आप बार-बार पलक नहीं झपकाते हैं, तो यह टियर फिल्म आपके नेत्रगोलक या कॉर्निया पर नहीं फैलेगी जिससे आंखों में सूखापन आ जाता है, जो आपकी आंखों को कई तरह से नुकसान पहुंचाता है।

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Written By: Atul Modi | Published : February 15, 2022 1:43 PM IST

आंखें हमारे शरीर की सबसे महत्वपूर्ण इंद्रियों में से एक है, ऐसे में अपनी आंखों के स्वास्थ्य का ध्यान रखना बहुत आवश्यक है। आयुर्वेदिक चिकित्सक डॉ ऐश्वर्या संतोषी की मानें आंखों की सेहत के लिए अपनी पलकों को झपकाना जरूरी है। क्योंकि यह आपकी आंखों को नम और ऑक्सीजन युक्त रहने में मदद करता है, और आपकी आंखों से गंदगी या मलबे को भी साफ करता है। लेकिन जब आप ऐसा नहीं करते हैं तो इसके चलते आपकी आंखों को कई तरह की समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। अब सवाल यह उठता है कि आप इसका पता कैसे लगा सकते हैं कि आप अपनी पलकों को पर्याप्त नहीं झपका रहे हैं? साथ ही पलकों का कितनी बार झपकना जरूरी है? इस लेख में हम आपको इसके बारे में विस्तार से बता रहे हैं।

पलकों का झपकना क्यों जरूरी है?

डॉ ऐश्वर्या संतोषी बताती हैं कि हम में से ज्यादातर लोग वर्क फ्रॉम होम और ऑनलाइन क्लास के दौरान, हम लैपटॉप या मोबाईल की स्क्रीन पर अधिक ध्यान केंद्रित करते हैं। जिसके चलते अक्सर हम पलक झपकना भूल जाते हैं। जब आपकी पलकें झपकती हैं तो आंसू द्रव की एक फिल्म, जिसे टियर फिल्म कहते हैं आंखों की सतह को एक निश्चित मोटाई प्रदान करती है और थोड़ी देर के लिए आपकी आंखों पर बनी रहती है। यदि आप बार-बार पलक नहीं झपकाते हैं, तो यह टियर फिल्म आपके नेत्रगोलक या कॉर्निया पर नहीं फैलेगी जिससे आंखों में सूखापन आ जाता है, जो आपकी आंखों को कई तरह से नुकसान पहुंचाता है। टियरफिल्म वह तरल पदार्थ है जो आपकी आंखों की सतह को ढकता है।

टियरफिल्म क्यों जरूरी है?

यह आपकी आंख की सतह पर एक नम वातावरण बनाए रखने में मदद करती है, जो उपकला कोशिकाओं को शुष्क और क्षतिग्रस्त होने से रोकता है। कॉर्निया को ऑक्सीजन की आपूर्ति करने में मदद करती है क्योंकि इसमें रक्त की आपूर्ति नहीं होती है। साथ ही यह आंखों से गंदगी, मलबे और हानिकारक पदार्थों को धोती और बाहर निकालती है। जीवाणुरोधी पदार्थों की उपस्थिति के कारण संक्रमण को रोकने में मदद करती है। इसके अलावा आंसू आंखों को मूव करने की गति को लुब्रिकेट करते हैं और सुगम बनाते हैं।

आप पर्याप्त पलकें नहीं झपका रहे हैं कैसे पता करें?

डॉ ऐश्वर्या की मानें तो जब आप पर्याप्त पलकें नहीं झपकाते हैं तो कुछ आंखों से संबंधित परेशानियां संकेत या लक्षण के रूप में दिखाई दे सकते हैं। जैसे-

  • आंखों में सूखापन महसूस होना
  • आंखों में जलन
  • विदेशी शरीर सनसनी (सैंडी)
  • आंखों में खुजली
  • ओकुलर डिस्कम्फर्ट

कितनी बार पलकें झपकाना है जरूरी

डॉ. ऐश्वर्या की मानें तो हमें प्रत्येक मिनट में लगभग 15 से 20 बार पलकें जरूर झपकानी चाहिए।

आंखों को स्वस्थ रखने के लिए लगातार झपकाएं पलकें

डॉ. ऐश्वर्या सुझाव देती हैं कि आंखों को स्वस्थ रखने के लिए लगातार और बार-बार पलकें झपकानी चाहिए। क्योंकि लगातार पलकें झपकाने से आंखों की पुतली पर आंसू की परत फैलने में मदद मिलती है जिससे आपकी आंखें स्वस्थ रहती हैं।

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