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Written By: Atul Modi | Published : August 18, 2022 4:44 PM IST
भारत समेत दुनिया के अधिकांश देश मच्छर (Mosquito) के प्रकोप और उससे होने वाली बीमारियों से जूझ रहे हैं। डेंगू, मलेरिया, चिकनगुनिया, जीका और यह यलो फीवर जैसी अनेकों बीमारियां हैं जो मच्छर के काटने से फैलती हैं। मच्छरों से बचाव ही इन बीमारियों से बचने का एक मात्र उपाय है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) की एक रिपोर्ट के अनुसार, मच्छर हर साल करीब 7 से 10 लाख लोगों को बीमारी फैला कर मारते हैं। इन मौतों में सबसे ज्यादा मौत मलेरिया से होती है, मलेरिया से मरने वालों की दर 90% तक है। मच्छर के कारण एक और गंभीर रोग है जो दुनिया भर में विकलांगता की वजह बनता है। जिसे एलीफेंटियासिस रोग के नाम से जाना जाता है। विकलांगता के लिए लिंफेटिक फाइलेरिया परजीवी जिम्मेदार होता है। विशेषज्ञों की मानें तो मच्छर आपको बीमार, अक्षम और कई मामलों में मौत का कारण भी बन सकता है। वर्ष 2000 के बाद मच्छरों के खिलाफ वैश्विक लड़ाई के माध्यम से करीब 76 लाख से अधिक लोगों की जान बचाई गई है जबकि 1.5 अरब मलेरिया के मामलों को रोका गया है। मच्छर जनित रोगों (Mosquito-Born Diseases) और जानलेवा मच्छरों के खिलाफ जागरूकता फैलाने के लिए हर साल 20 अगस्त को विश्व मच्छर दिवस (World Mosquito Day 2022) मनाया जाता है। आज हम आपको इस लेख में बताएंगे कि मच्छर दिवस क्यों मनाया जाता है, और कौन से मच्छर हैं जिनकी वजह से विभिन्न प्रकार की बीमारियां फैलती हैं, इससे बचने के उपाय क्या-क्या है साथ ही हम जानेंगे मच्छरों से जुड़े कुछ महत्वपूर्ण फैक्ट्स।
दरअसल, 20 अगस्त 1897 को ही ब्रिटिश डॉक्टर सर रोनाल्ड रॉस ने मादा एनाफिलीज मच्छर की खोज की थी, जो मलेरिया का कारण है। यही वजह है कि इस दिन को विश्व मच्छर दिवस (World Mosquito Day 2022) के रूप में याद किया जाता है। एनाफिलीज वही मच्छर है जो मलेरिया को फैलाकर लोगों की जान लेते हैं। जैसा कि हम जानते हैं एनाफिलीज मच्छर से मलेरिया नहीं होता है बल्कि यह परजीवी का काम करते हैं। इस मच्छर की खोज होने के बाद ही मलेरिया से निपटने के लिए वैज्ञानिकों द्वारा और अधिक सार्थक प्रयास किए गए। हालांकि, दुनिया में मलेरिया का उपचार मच्छर की खोज से पहले भी था। इससे पहले ही वैज्ञानिकों ने कुनैन (Quinine) दवा की खोज कर दी थी लेकिन इसकी उपलब्धता का अभाव था जिसके कारण हर साल हजारों लोगों की जान जा रही थी।
ऐसा कर पाना संभव नहीं है। हालांकि हमने तकनीकी प्रगति के साथ मच्छरों पर काबू पाने में काफी हद तक सफल रहा है। लेकिन अगर कभी हम मच्छरों को खत्म करने के स्तर पर पहुंच जाते हैं तो ऐसे में पारिस्थितिक संतुलन बिगड़ सकता है क्योंकि यह कई जीवो के लिए भोजन का स्रोत होते हैं और इनकी पारिस्थितिकी तंत्र में एक महत्वपूर्ण भूमिका होती है। यही वजह है कि वैज्ञानिक भी इन्हें खत्म करने के बजाय इनसे फैलने वाली बीमारियों को ठीक करने पर जोर दे रहे हैं।
आमतौर पर मच्छरों के तमाम प्रकार (Types of Mosquitoes) हैं जिनमें से कुछ ऐसे हैं जिनके कारण बीमारियां फैलती हैं...
मच्छरों से बचने के कई उपाय हैं। मगर इसका सबसे अच्छा उपाय मच्छरदानी का उपयोग करना है, यह वर्षों से मच्छरों से बचने के तरीकों में से एक रहा है। जब भी आप सोने जाएं तो मच्छरदानी का उपयोग करें। मच्छर भगाने के लिए मच्छरदानी के अलावा भी कई उपाय हैं जो अलग-अलग रूपों में उपलब्ध हैं जैसे- क्रीम, लोशन, स्प्रे, गैस, जेल आदि।