शरीर के लिए क्यों जरूरी है विटामिन ई? जानें इसकी कमी के लक्षण और नेचुरल सोर्स क्या हैं
शरीर के लिए क्यों जरूरी है विटामिन ई? जानें इसकी कमी के लक्षण और नेचुरल सोर्स क्या हैं
विटामिन-ई शरीर के लिए बहुत जरूरी होता है। इसे नसों, मांसपेशियों और त्वचा के लिए जरूरी माना जाता है। इसलिए आपको अपनी रेगुलर डाइट में विटामिन ई जरूर शामिल करना चाहिए। डॉक्टर की सलाह पर विटामिन ई सप्लीमेंट भी लिया जा सकता है।
Written By:
Anju Rawat
| Published : July 22, 2026 1:14 PM IST
Vitamin E: स्वस्थ रहने के लिए शरीर को तरह-तरह के विटामिन की जरूरत होती है। इसमें विटामिन ई भी शामिल है, यह एक फैट-सॉल्युबल यानी वसा में घुलनशील विटामिन है। यह शरीर में एंटीऑक्सीडेंट के रूप में काम करता है। यह विटामिन शरीर को फ्री रेडिकल्स से होने वाले नुकसान से बचाने में मदद करता है। इस विटामिन को इम्यून सिस्टम, स्किन, नसों और आंखों की सेहत के लिए बेहद जरूरी माना जाता है।
शरीर के लिए क्यों जरूरी है विटामिन ई?
National Institutes of Health (NIH) के अनुसार, शरीर के लिए विटामिन ई बहुत जरूरी होता है। यह एक पावरफुल एंटीऑक्सीडेंट है, जो फ्री रेडिकल्स से होने वाले नुकसान को कम करने में मदद करता है। यह सेल्स को सुरक्षा प्रदान करता है और शरीर को स्वस्थ बनाए रखने में मदद करता है।
विटामिन ई शरीर के इम्यून सिस्टम के सामान्य कार्य को सही तरीके से बनाए रखने के लिए सपोर्ट करता है। बढ़ती उम्र में इम्यूनिटी को मजबूत बनाने के लिए पर्याप्त मात्रा में विटामिन ई का सेवन करना बहुत जरूरी है।
विटामिन ई को आंखों की सेहत के लिए भी फायदेमंद बताया गया है। विटामिन ई, आंखों की कोशिकाओं को ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस से बचाने में मदद कर सकता है। हालांकि, विटामिन ई लेने से आंखों की किसी बीमारी का इलाज नहीं होता है। यह सिर्फ आंखों की सेहत को बेहतर बनाए रखने में मदद कर सकता है।
विटामिन ई को स्किन के लिए भी लाभकारी माना जाता है। यह त्वचा की कोशिकाओं को ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस से बचाने में मदद करता है। लेकिन, इसका यह मतलब बिल्कुल नहीं है कि विटामिन ई सप्लीमेंट लेने से त्वचा रोग ठीक हो सकते हैं। इसे लेकर अभी कोई वैज्ञानिक प्रमाण उपलब्ध नहीं है।
विटामिन ई को नसों और मांसपेशियों की सेहत के लिए भी जरूरी माना जाता है। जब शरीर में विटामिन ई की कमी होती है, तो इससे नसों और मांसपेशियों का कार्य प्रभावित हो सकता है।
शरीर में विटामिन ई की कमी के लक्षण
जब शरीर में विटामिन ई की कमी होती है, तो कई लक्षण महसूस हो सकते हैं। इनमें शामिल हैं-
जिन लोगों को फैट मालएब्जॉर्प्शन की समस्या है, उनमें विटामिन ई की कमी हो सकती है। यह एक पाचन से जुड़ी समस्या है, जिसमें शरीर भोजन से फैट को ठीक से पचा नहीं पाता है।
क्रोहन डिजीज (Crohn's disease) से जुड़ी समस्याओं वाले लोगों में भी विटामिन ई की कमी देखने को मिल सकती है। यह एक ऑटोइम्यून बीमारी है, जो पाचन-तंत्र में सूजन पैदा करती है। यह समस्या छोटी और बड़ी आंत को प्रभावित कर सकती है।
सिस्टिक फाइब्रोसिस वाले लोगों में भी विटामिन ई की कमी देखने को मिल सकती है। यह एक जेनेटिक बीमारी है, जो फेफड़ों और पाचन-तंत्र को नुकसान पहुंचा सकती है।
समय से पहले जन्में और कम वजन वाले शिशुओं में भी विटामिन ई की मात्रा कम पाई जा सकती है।
विटामिन ई के नेचुरल सोर्स क्या हैं?
विटामिन ई की पूर्ति के लिए आपको सिर्फ सप्लीमेंट की जरूरत नहीं है। आप अपनी डाइट में कुछ नेचुरल सोर्स को शामिल करके भी विटामिन ई की पूर्ति कर सकते हैं। सूरजमुखी के बीज, बादाम, हेजलनट्स, मूंगफली, पालक, ब्रोकली, एवोकाडो और कीवी आदि में विटामिन ई अच्छी मात्रा में पाया जाता है।
रोजाना कितनी मात्रा में विटामिन ई की जरूरत होती है?
NIH के अनुसार, आपको अपनी रेगुलर डाइट में विटामिन ई जरूर शामिल करना चाहिए। आपको उम्र के हिसाब से इस विटामिन को लेना चाहिए, तभी आपको पूरे लाभ मिलेंगे।
1 से 3 वर्ष: 6 एमजी
4 से 8 वर्ष: 7 एमजी
9 से 13 वर्ष: 11 एमजी
14 वर्ष और उससे अधिक उम्र: 15 एमजी
गर्भवती महिलाएं: 15 एमजी
स्तनपान कराने वाली महिलाएं: 19 एमजी
ज्यादा विटामिन ई लेने के नुकसान क्या हैं?
NIH के अनुसार, अगर लंबे समय तक और ज्यादा मात्रा में विटामिन ई सप्लीमेंट लेते हैं तो इससे फायदे के बजाय नुकसान भी हो सकता है।
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अधिक मात्रा में विटामिन ई सप्लीमेंट लेने से ब्लीडिंग का खतरा बढ़ सकता है।
अगर ब्लड थिनर दवाइयों के साथ ज्यादा विटामिन ई लेंगे, तो इससे गंभीर रक्तस्त्राव का जोखिम बढ़ सकता है।
कुछ मामलों में अन्य दवाइयों के साथ विटामिन ई लेने से इंटरैक्शन हो सकता है।
Disclaimer: विटामिन ई शरीर के लिए बहुत जरूरी होता है, यह एंटीऑक्सीडेंट के रूप में कार्य करता है। विटामिन ई कोशिकाओं को सुरक्षा प्रदान करता है और इम्यून सिस्टम के कार्यों को सपोर्ट करता है। नसों और मांसपेशियों के लिए भी विटामिन ई जरूरी होता है। इसलिए आपको अपनी रेगुलर डाइट में विटामिन ई को जरूर शामिल करना चाहिए। वैसे तो कई नेचुरल फूड्स में विटामिन ई पाया जाता है, लेकिन जरूरत पड़ने पर इसका सप्लीमेंट भी लिया जा सकता है। लेकिन, बिना डॉक्टर की सलाह के विटामिन ई का सप्लीमेंट बिल्कुल न लें।
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