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शरीर के विकास के लिए विटामिन और खनिज की आवश्यकता होती है। इसमे आठ अलग-अलग प्रकार के विटामिन बी भी शामिल है। जिसमें विटामिन B12 सबसे महत्वपूर्ण है। विटामिन B12 लाल रक्त कोशिकाओं के उत्पादन, तंत्रिका तंत्र के कार्यों और डीएनए निर्माण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। विटामिन B12 की कमी से थकान महसूस होने लगती है। विटामिन B12 की कमी कई बीमारियों को न्योता देता है। विटामिन B12 की शरीर में कमी होने से थकान, शरीर का पीला पड़ना, याददाश्त कमजोर होना, मुंह में छाले, पैरों में झुनझुनाहट, सांस फूलना और कब्ज की समस्या हो सकती है। इसकी कमी को पूरा करने के लिए विभिन्न प्रकार के विटामिन B12 से भरपूर खाद्य पदार्थों का सेवन कर सकते हैं। इसके अलावा यदि विटामिन बी12 की अधिक कमी है तो सप्लीमेंट भी ले सकते हैं।
स्वस्थ लाल रक्त कोशिकाओं के उत्पादन और मेगालोब्लास्टिक एनीमिया को कंट्रोल करने के लिए पर्याप्त मात्रा में विटामिन बी12 की आवश्यक होती है। मेगालोब्लास्टिक एनीमिया के प्रमुख लक्षणों में थकान, त्वचा का पीला पड़ना, भूख न लगना, वजन कम होना या बांझपन शामिल हो सकते हैं।
विटामिन बी12 तंत्रिका तंत्र के कार्य और तंत्रिका कोशिकाओं को स्वस्थ बनाए रखने के लिए आवश्यक है। बी12 की कमी तंत्रिका तंत्र कार्य को बाधित कर सकती है। याददाश्त कमजोर हो सकता है।
बच्चों के दिमाग का विकास तेजी से होता है। इसलिए स्वस्थ दिमाग और लाल रक्त कोशिकाओं के उत्पादन के लिए पर्याप्त मात्रा में B12 की आवश्यकता होती है। स्तन के दूध में B12 भरपूर मात्रा में पाया जाता है। इसलिए बच्चों को मां का दूध नियमित रूप से पिलाना आवश्यक होता है। बच्चों में B12 की कमी अस्थाई दिमाग को अस्थाई रूप से डैमेज कर सकता है।
विटामिन बी12 ऊर्जा चयापचय में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। यही कारण है कि यदि आपको विटामिन बी12 की कमी है, तो आप थका हुआ या कमजोर महसूस कर सकते हैं। यदि आप थके हुए महसूस करते हैं, तो इसका उपचार आसान है। विटामिन बी12 लेने से 48 से 72 घंटों के भीतर एनर्जी रिकवर कर सकते हैं।
विटामिन B12 के नियमित सेवन से हड्डियां स्वस्थ रहती हैं। कम खनिज की वजह से हड्डियां कमजोर होने लगते हैं जिससे ऑस्टियोपोरोसिस का खतरा बढ़ जाता है। विटामिन B12 ऑस्टियोपोरोसिस के खतरे को काम करता है।
शाकाहारी: शाकाहारियों के लिए B12 के स्रोत के रूप में कई विकल्प मौजूद हैं। इसमे दही, कम वसा वाला दूध, फोर्टिफाइड वनस्पति-आधारित दूध, पनीर, अंडे, मोटे अनाज, खमीर, समुद्री शैवाल, पालक, चुकंदर, कद्दू और मशरूम में शामिल है।
मांसाहारी: विटामिन b12 लगभग सभी मांसाहारी आहार में भरपूर मात्रा में पाया जाता है। इसमें- भैंस और बकरे के गुर्दे, लीवर और मीट, मुर्गा, अंडा, मछली शामिल है।