
अंजू रावत
अंजू रावत एक अनुभवी हेल्थ, फिटनेस, रिलेशनशिप, ब्यूटी और लाइफस्टाइल लेखक हैं, जिन्हें इन विषयों पर लिखने ... Read More
Written By: Anju Rawat | Published : February 21, 2026 1:19 PM IST
Medically Verified By: Dr. Deepanshu Gurnani
Throat Cancer: कैंसर कई प्रकार के होते हैं, इसमें गले का कैंसर भी शामिल है। गले का कैंसर तब होता है, जब गले की कोशिकाओं में अनुवांशिक उत्परिवर्तन (Genetic Mutation) होता है और इसकी वजह से कोशिकाएं अनियंत्रित रूप से बढ़ती हैं और ट्यूमर का रूप लेना शुरू कर देती हैं। गले का कैंसर का एक जानलेवा बीमारी है। भारत में गले के कैंसर के मामलों में तेजी से वृद्धि देखने को मिल रही है। खासकर, जो लोग तंबाकू का सेवन करते हैं, उनमें गले के कैंसर के मामले सामने आ रहे हैं। लगातार गले में दर्द, निगलने में तकलीफ और आवाज में बदलाव गले के कैंसर के आम लक्षण हैं। अगर गले के कैंसर का निदान स्टेज 1 या 2 में हो जाए, तो इसका इलाज संभव है। लेकिन, ज्यादातर मामलों में गले के कैंसर का निदान स्टेज 3 में होता है, इसलिए यह जानलेवा बन जाता है। आइए, नारायणा हॉस्पिटल, जयपर के सीनियर कंसल्टेंट-ईएनटी, हेड एंट नेक ऑन्कोलॉजी डॉ. दिपांशु गुरनानी (Dr. Deepanshu Gurnani, Sr. Consultant - ENT, Head & Neck Oncology, Narayana Hospital Jaipur) से जानते हैं गले का कैंसर देरी से पकड़ में क्यों आता है?
आपको बता दें कि गले के कैंसर के शुरुआत में मामूली लक्षण महसूस होते हैं। लेकिन, जब स्थिति बिगड़ती है तो व्यक्ति को लक्षण स्पष्ट रूप से दिखाई दे सकते हैं। इसमें शामिल हैं-
गले का कैंसर कई कारणों से हो सकता है। इसमें सबसे आम हैं-
गले के कैंसर के प्रमुख कारणों में तंबाकू का सेवन सबसे आम रहता है। जो लोग तंबाकू जैसे-सिगरेट, बीड़ी या गुटखा आदि का सेवन करते हैं, उनमें गले के कैंसर का जोखिम ज्यादा बना रहता है। तंबाकू, गले की कोशिकाओं को क्षतिग्रस्त करता है। वहीं, अगर तंबाकू और शराब दोनों का सेवन किया जाए, तो इससे गले के कैंसर का जोखिम कई गुना बढ़ सकता है।
ह्यूमन पैपिलोमावायरस (HPV) भी गले के कैंसर का एक मुख्य कारण माना जाता है। जब संक्रमण ओरल सेक्स के जरिए फैलता है, तो गले के कुछ हिस्सों में कैंसर की संभावना बढ़ जाती है।
जब गले का कैंसर स्टेज 3 में पहुंचता है, तो ट्यूमर काफी बड़ा हो चुका होता है। यह आसपास की लिम्फ नोड्स तक फैल चुका होता है।
स्टेज 3 में गले के कैंसर का इलाज करने के लिए सर्जरी, रेडिएशन और कीमोथेरेपी का सहारा लिया जाता है।
अगर बीमारी स्टेज 1 या स्टेज 2 में पकड़ में आती है, तो इलाज थोड़ा सरल रहता है और जल्दी रिकवरी में मदद मिलती है। इस स्थिति में व्यक्ति के जीवन को बचाने की संभावना ज्यादा रहती है।
आपको बता दें कि गले का कैंसर अचानक नहीं होता है। यह धीरे-धीरे विकसित होता है। इसलिए समय पर इसकी पहचान करना जरूरी है। बीमारी की असली चुनौती यही रहती है कि यह चुपचाप बढ़ती है। जागरूकता और सतर्कता से ही स्टेज 3 तक पहुंचने से रोका जा सकता है।
Disclaimer : प्रिय पाठकों यह आर्टिकल केवल सामान्य जानकारी और सलाह देता है। यह किसी भी तरह से चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है। इसलिए अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श जरूर करें। thehealthsite.com इस जानकारी के लिए जिम्मेदारी का दावा नहीं करता है।