
अंजू रावत
अंजू रावत एक अनुभवी हेल्थ, फिटनेस, रिलेशनशिप, ब्यूटी और लाइफस्टाइल लेखक हैं, जिन्हें इन विषयों पर लिखने ... Read More
Written By: Anju Rawat | Published : January 26, 2026 2:18 PM IST
Medically Verified By: Dr. Monika Sharma
Daibetes in Pregnancy: प्रेग्नेंसी के दौरान महिलाओं को कई तरह के शारीरिक बदलावों से गुजरना पड़ता है। इस दौरान उन्हें न सिर्फ शारीरिक, बल्कि मानसिक पीड़ा भी जेझनी पड़ती है। प्रेग्नेंसी में महिलाओं को स्ट्रेस, तनाव और एंग्जाइटी जैसा महसूस होता है। इतना ही नहीं, प्रेग्नेंसी के दौरान शरीर में कई तरह की बीमारियां भी विकसित होने लगती हैं। इसमें डायबिटीज एक सबसे आम रोग है। प्रेग्नेंसी के दौरान होने वाली डायबिटीज को मेडिकल भाषा में जेस्टेशनल डायबिटीज कहा जाता है। प्रेग्नेंसी में डायबिटीज का खतरा कई गुना बढ़ जाता है। कई महिलाओं में प्रेग्नेंसी के दौरान ब्लड शुगर लेवल बढ़ने लगता है, जो प्रेग्नेंसी और डिलीवरी के दौरान रिस्क बढ़ा सकता है। लेकिन, प्रेग्नेंसी में डायबिटीज का खतरा बढ़ क्यों जाता है? आइए, आकाश हेल्थकेयर की सीनियर कंसल्टेंट-एंडोक्रिनोलॉजी डॉ. मोनिका शर्मा से जानते हैं इसके बारे में-
प्रेग्नेंसी में डायबिटीज का खतरा काफी बढ़ जाता है। दरअसल, प्रेग्नेंसी के दौरान शरीर बच्चे के विकास में मदद करने के लिए अधिक इंसुलिन बनाने की कोशिश करता है। लेकिन, कुछ कारणों की वजह से इंसुलिन बनाने की प्रक्रिया बाधित हो जाती है। इसमें शामिल हैं-
हार्मोनल बदलाव की वजह से प्रेग्नेंसी में डायबिटीज का खतरा बढ़ जाता है। प्लैसेंटा कुछ ऐसे हार्मोन बनाता है, जो शरीर में इंसुलिन के प्रभाव को कम कर देते हैं। दरअसल, प्रेग्नेंसी के दौरान प्लैसेंटा एस्ट्रोजन, कोर्टिसोल और ह्यूमन प्लेसेंटल लैक्टोजेन हार्मोन बनाता है, जो शरीर में इंसुलिन के प्रभाव को कम कर देते हैं। इससे इंसुलिन रेजिस्टेंस होता है और इस स्थिति में प्रेग्नेंसी के दौरान डायबिटीज का खतरा बढ़ जाता है।
प्रेग्नेंसी के दौरान शरीर में इंसुलिन की कमी भी डायबिटीज के खतरे को बढ़ा सकता है। दरअसल, जैसे-जैसे बच्चा बढ़ता है, शरीर को ज्यादा इंसुलिन की जरूरत होती है। अगर इस स्थिति में अग्नयाशय पर्याप्त इंसुलिन का उत्पादन नहीं कर पाता है, तो ब्लड शुगर लेवल बढ़ जाता है। इस स्थिति में ज्यादा सतर्क होने की जरूरत होती है।
मोटापा भी प्रेग्नेंसी में डायबिटीज के खतरे को बढ़ा सकता है। इसलिए प्रेग्नेंसी प्लान करने से पहले और प्रेग्नेंसी के दौरान अपने वजन को मेंटेन रखना बहुत जरूरी होता है। इसके अलावा, यह जेनेटिक भी होता है। अगर फैमिली हिस्ट्री में डायबिटीज है, तो आपको भी प्रेग्नेंसी के दौरान डायबिटीज का जोखिम बढ़ सकता है।
जी बिल्कुल, प्रेग्नेंसी में डायबिटीज रोग से बचाव काफी हद तक संभव है। बचाव के लिए आप कुछ उपाय आजमा सकते हैं-
Disclaimer : प्रिय पाठकों यह आर्टिकल केवल सामान्य जानकारी और सलाह देता है। यह किसी भी तरह से चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है। इसलिए अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श जरूर करें। thehealthsite.com इस जानकारी के लिए जिम्मेदारी का दावा नहीं करता है।