क्यों दिल्ली वालों के लिए "मौत का दूसरा नाम" बना हुआ है सिगरेट का धुआं, सिर्फ फेफड़े नहीं कई अंग हो रहे डैमेज

Smoking Habits And Air Pollution: दिल्ली और एनसीआर के कई क्षेत्र ऐसे हैं, जहां पर वायु प्रदूषण का स्तर कई बार बेहद ज्यादा हो जाता है और हेल्थ एक्सपर्ट्स मानते हैं कि यहां पर रहने वाले लोगों के लिए स्मोकिंग करना मौत का दूसरा नाम है।

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Written By: Mukesh Sharma | Published : January 15, 2026 2:41 PM IST

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Medically Verified By: Dr Ayush Pandey

Why is Smoking is More Dangerous in Polluted Cities like Delhi in Hindi: दिल्ली जैसे शहरों में एक बड़ी आबादी है जो सिगरेट, बीड़ी या हुक्का पीती है और कुछ रिसर्च ये बताते हैं कि कुछ छोटे शहरों की तुलना में दिल्ली जैसे शहरों में रहने वाले लोगों के लिए स्मोकिंग जानलेवा बनती जा रही है। वैसे तो सिगरेट, बीड़ी, हुक्का या अन्य किसी प्रकार की स्मोकिंग करते हैं तो उसका असर उनके स्वास्थ्य पर पड़ता ही है। लेकिन ऐसा क्यों है कि जो लोग दिल्ली-एनसीआर में रहते हैं उन पर स्मोकिंग ज्यादा पड़ता है। हमें रेस्पिरेटरी डिजीज के एक्सपर्ट डॉ. आयुष पांडे से इस बारे में बात की और उन्होंने कई ऐसे कारण बताए जो साबित करते हैं कि दिल्ली-एनसीआर जैसे शहरों में रहने वाले लोगों पर स्मोकिंग का ज्यादा प्रभाव पड़ रहा है। अगर आप स्मोकिंग करते हैं और दिल्ली में रहते हैं या फिर आपका कोई खास व्यक्ति है जो दिल्ली में रहता है या स्मोकिंग करता है तो आपको इस लेख में दी जानकारी जरूर पढ़नी चाहिए।

दिल्ली में स्मोकिंग करना “मौत का दूसरा नाम”

डॉ. आयुष पांडे के अनुसार इसमें कोई शक नहीं है कि जो लोग दिल्ली में रहते हैं उनके लिए स्मोकिंग करना मौत का दूसरा नाम है। ऐसा इसलिए क्योंकि दिल्ली में पहले से ही पॉल्यूशन लेवल बहुत ज्यादा रहता है और खतरनाक स्थिति में आ जाता है। अलग-अलग रिसर्चों में यह तक साबित हो चुका है कि दिल्ली के प्रदूषण वाले इलाकों में रहना एक दिन में कई सिगरेट पीने के बराबर है। सरल भाा में कहें तो अगर कोई व्यक्ति सिगरेट नहीं पीता है और दिल्ली में ही रहता है, तो भी सिगरेट पीने जितना ही नुकसान हो रहा है।

लेकिन जो लोग स्मोकिंग भी करते हैं और दिल्ली या एनसीआर के किसी ऐसे इलाके में रहते हैं, जहां प्रदूषण बहुत ज्यादा रहता है और साथ में अगर वे लोग सिगरेट भी पीते हैं तो इससे उनकी सेहत को कई गंभीर नुकसान हो सकते हैं और ऐसे में उनके लिए स्मोकिंग को उनके लिए मौत का दूसरा नाम कहना भी गलत नहीं होगा।

शहरों का खानपान व जीवनशैली

इसमें कोई शक नहीं है कि आजकल शहरों में रहने वाले लोगों का खानपान व जीवनशैली तेजी से खराब हो रही है। गांवों व छोटे शहरों में रहने वाले लोग न सिर्फ स्वच्छ हवा में सांस ले रहे हैं, बल्कि शहरों में रहने वाले लोगों की तुलना में शारीरिक रूप से ज्यादा एक्टिव हैं और उनका खानपान भी ज्यादा नेचुरल व ऑर्गेनिक है। ये सभी चीजें गांवों में रहने वाले लोगों की इम्यूनिटी अपेक्षाकृत अच्छे से काम करती है।

हालांकि, इसका मतलब यह नहीं है कि गांव में रहने वाले लोग स्मोकिंग कर सकते हैं, क्योंकि उन्हें भी सिगरेट पीने से कई बीमारियां होने का खतरा रहता है। कोई भी व्यक्ति गांव में रहता हो या शहर में रहता हो, सिगरेट, बीड़ी, हुक्का या फिर किसी भी तरह की स्मोकिंग करना उनके स्वास्थ्य को नुकसान पहुंचा सकती है।

स्मोकिंग करने के नुकसान

हम सब जानते हैं कि स्मोकिंग करना एक नहीं बल्कि कई जानलेवा बीमारियां हमारे शरीर पैदा कर देता है और इनमें हार्ट अटैक, स्ट्रोक, कैंसर, फेफड़ों के रोग और अन्य कई क्रोनिक बीमारियों के खतरे बढ़ा देती है। इन बीमारियों का खतरा उन लोगों में भी बढ़ता है, जो तो करते हैं लेकिन ज्यादा प्रदूषण वाले क्षेत्र में नहीं रहते हैं। लेकिन जो लोग दिल्ली जैसी किसी हाई पॉल्यूशन सिटी में रहते हैं, उनमें इन बीमारियों का खतरा और ज्यादा बढ़ जाता है।

क्या है बचाव

अगर आप दिल्ली जैसे किसी ज्यादा प्रदूषण वाले शहर में रहते हैं और स्मोकिंग भी करते हैं, तो ऐसे में आपको एक नहीं बल्कि कई चीजों का ध्यान रखना जरूरी है। सबसे पहले स्मोकिंग बंद कर दें और इसके लिए आपको किसी अच्छे हेल्थ प्रोफेशनल व थेरेपिस्ट की जरूरत पड़ेगी। इसके साथ-साथ जितना हो सके प्रदूषण के संपर्क में आना बंद कर दें। ज्यादा प्रदूषण वाली जगहों पर न जाएं, सुबह-शाम अपने घर के खिड़की-दरवाजे और परदे बंद कर लें, ट्रैफिक में जाने के लिए कार का इस्तेमाल करें और मास्क आदि लगा कर रखें।

अस्वीकरण: प्रिय पाठकों यह आर्ट‍िकल केवल सामान्य जानकारी और सलाह देता है। यह किसी भी तरह से चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है। इसलिए अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श जरूर करें। thehealthsite.com इस जानकारी के लिए जिम्मेदारी का दावा नहीं करता है।