अच्छी सेहत के लिए पर्याप्‍त नींद क्यों जरूरी है, एक्सपर्ट से जानिए नींद की गुणवत्ता में सुधार के उपाय

एक्सपर्ट के मुताबिक, अगर हम खुद को हर रात 7-8 घंटे की नींद लेने दें तो बहुत सारी स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं को दूर किया जा सकता है।

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Written By: Atul Modi | Published : August 16, 2022 5:18 PM IST

व्यस्त दिनचर्या के कारण इंसान के लिए अच्छी नींद लेना समस्या बनती जा रही है। गुणवत्तापूर्ण नींद और निद्रा के संतुलित चक्र (Sleep Cycle) के लाभ के बारे में हम सभी जानते हैं, फिर भी लोगों के लिए इसे बनाए रखना मुश्किल हो रहा है। अच्छी नींद का व्यक्ति के मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य पर बहुत प्रभाव पड़ता है। यह वर्कप्लेस में बेहतर प्रदर्शन, भावनात्मक संतुलन और एक स्वस्थ सक्रिय शरीर के लिए आवश्यक है। रेसमेड एएलए स्लीप सर्वे 2022 के अनुसार, 72% भारतीयों ने अनुचित निद्रा चक्र (Improper Sleep Cycle) को भावनात्मक स्वास्थ्य के लिए हानिकारक माना। यह दर्शाता है कि नींद हमारे सम्पूर्ण स्वास्थ्य को कैसे प्रभावित करती है।

डॉ. सिबाशीष डे के अनुसार, आज की अव्यवस्थित जीवनशैली से कई नींद संबंधी विकार आम हो गए हैं। जिनमें से कुछ अनिद्रा, स्लीप एपनिया, रेस्टलेस लेग सिंड्रोम, नार्कोलेप्सी आदि हैं। अत्यधिक व्यस्त दिनचर्या, देर रात्रि तक मोबाइल, लैपटॉप में अत्यधिक समय व्यय करना, अनहेल्दी फूड के सेवन की प्रवृत्ति और सामान्य रूप से एक आलस्यपूर्ण जीवन शैली जैसे कारक नींद से संबंधित समस्याओं को बढ़ा रहे हैं। इस तरह के नींद संबंधी विकार आपके जीवन के कई बिंदुओं पर हानिकारक प्रभाव डाल सकते हैं। यह हृदय से संबंधित बीमारियों, मधुमेह, मोटापा और हार्मोन के विकास से जुड़ी समस्या को भी जन्म दे सकता है। जिसके परिणामस्वरूप जीवन की गुणवत्ता खराब हो जाती है और व्यक्ति को चिड़चिड़ा और सुस्त बना देती है। इससे अवसाद और चिंता भी उत्पन्न हो सकती है। अगर हम खुद को हर रात 7-8 घंटे की नींद लेने दें तो बहुत सारी स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं को दूर किया जा सकता है। न केवल हमारी प्रतिरक्षा प्रणाली सशक्त होगी बल्कि हम एक आनंदमय जीवन जीने में सक्षम होंगे।

अच्छी नींद के उपाय - (Healthy Sleep Tips In Hindi)

हम अपने जीवन में स्वस्थ बदलाव लाकर नींद संबंधी समस्याओं से मुक्ति पा सकते हैं, जिससे जीवन की गुणवत्ता भी सुनिश्चित हो सके। यहां कुछ तरीके दिए गए हैं जिन्हें हम आत्मसात कर नींद संबंधी विकारों से मुक्ति प्राप्त कर सकते हैं:

धूम्रपान और शराब से बचें: शराब और तंबाकू के सेवन से नींद का समय बाधित होता है।

नींद का सही प्रबंधन: प्रतिदिन एक निश्चित समय पर सोना और जागना शरीर को प्रभावी ढंग से काम करने और पर्याप्त आवश्यक विश्राम हेतु सहायक होता है।

नींद से पहले विश्राम: ध्यान या योग-निद्रा का सहारा लेने से गहरी आरामदायक नींद की संभावना बढ़ सकती है।

डिजिटल स्क्रीन का समय कम करें: सोने से एक घंटे पहले डिजिटल उपकरणों को बंद कर देना चाहिए जिससे मस्तिष्क को विश्राम प्राप्त हो। इससे हमारी आंखों को रिलैक्स होने का भी समय मिलता है।

दोपहर की झपकी से बचें: दिन में झपकी लेने से बचने से आप रात में बेहतर नींद ले पाएंगे।

अपना गद्दा ठीक करें: खराब गुणवत्तापूर्ण गद्दे का उपयोग पीठ और गर्दन की पीड़ा से बचने में सहायक होते हैं । साथ ही यह आपको अच्छी निद्रा प्रदान करने में उपयोगी होता है।

नियमित व्यायाम: नियमित रूप से व्यायाम करने से न केवल आपको स्वस्थ रहने में मदद मिलेगी बल्कि गुणवत्ता निद्रा व नींद की अवधि में भी सुधार होगा।

गुणवत्तापूर्ण निद्रा उत्तम जीवन जीने के लिए आवश्यक है। संक्षेप में यह किसी के जीवन में व्यापक जीवंतता जोड़ता है। इसलिए हमें अपनी पूर्ण क्षमता जागृति के लिए गुणवत्तापूर्ण नींद लेने का प्रयास करना चाहिए।

(इनपुट्स: डॉ. सिबाशीष डे, प्रमुख, मेडिकल अफेयर्स, दक्षिण एशिया, ResMed)

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