जन्म के तुरंत बाद नवजात का हियरिंग टेस्ट क्यों है जरूरी? डॉक्टर से समझिए

Hearing Test for Newborn : जन्म के तुरंत बाद डॉक्टर्स बच्चों को हियरिंग टेस्ट कराने की सलाह दे सकते हैं। इसके पीछे कोई वजह नहीं है, बल्कि यह आगे होने वाली किसी तरह की परेशानी को समय रहते कम करना या इलाज करना होता है। आइए जानते हैं क्यों जरूरी है हियरिंग टेस्ट?

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Written By: Kishori Mishra | Updated : February 27, 2026 1:20 PM IST

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Medically Verified By: Dr. Sumit Mrig

World Hearing Day 2026 :  जन्म के तुरंत बाद नवजात शिशु का हियरिंग टेस्ट (Newborn Hearing Screening) कराना आज के समय में काफी जरूरी हो चुका है। डॉक्टर कहते हैं कि कई बार बच्चे बाहर से बिल्कुल स्वस्थ दिखाई देते हैं, लेकिन उन्हें सुनने में दिक्कत हो सकती है। अगर इस समस्या का समय पर पता न चले तो इसका असर बच्चे की बोलने, सीखने और मानसिक विकास पर पड़ सकता है। इसलिए WHO द्वारा यह टेस्ट अनिवार्य कर दिया गया है। इस विषय की अधिक जानकारी के लिए हमने डॉ. सुमित मृग, मैक्स स्मार्ट सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल, द्वारका, नई दिल्ली सा बातचीत की है। आइए जानते हैं जन्म के तुरंत बाद शिशु का हियरिंग टेस्ट क्यों जरूरी होता है?

क्यों जरूरी है जन्म के तुरंत बाद हियरिंग टेस्ट?

डॉक्टर सुमित मृग का कहना है कि जन्म के बाद शिशु का रोना, आवाज़ पर प्रतिक्रिया देना या मां की आवाज़ पहचानना उसके स्वस्थ विकास के संकेत माने जाते हैं। लेकिन कई बार सुनने की समस्या जन्म से ही मौजूद होती है और शुरुआती दिनों में साफ दिखाई नहीं देती। इसलिए नवजात शिशु का हियरिंग टेस्ट जन्म के तुरंत बाद कराना बेहद आवश्यक है।  विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) की नवीनतम गाइडलाइंस के अनुसार, हर बच्चे की जन्म के बाद प्रारंभिक श्रवण जांच (Newborn Hearing Screening) की जानी चाहिए, ताकि सुनने की किसी भी कमी का समय रहते पता लगाया जा सके।

nidcd.nih.govके मुताबिक, जन्म के तुरंत बाद नवजात शिशु की हियरिंग स्क्रीनिंग, सुनने में होने वाली कमी का जल्दी पता लगाने के लिए बहुत जरूरी है। इससे पहले छह महीनों में भाषा, बातचीत और सोचने-समझने की क्षमता के विकास में काफी सुधार किया जा सकता है। जल्दी पता चलने से विकास में देरी, बोलने में दिक्कत और सामाजिक-भावनात्मक चुनौतियों को रोकने में मदद मिलती है, क्योंकि इससे समय पर हियरिंग एड या थेरेपी मिल जाती है। कुछ प्वॉइंट्स में समझें-

  • समय पर शुरू हो सकता है इलाज ।
  • लंबे समय तक चलने वाली दिक्कतों को समय पर रोक सकते हैं।
  • डेवलपमेंटल सपोर्ट मिलना हो जाता है आसान

जन्म के बाद होता है सुरक्षित हियरिंग टेस्ट

डॉक्टर सुमित मृग का कहना है कि अस्पतालों में ओएई (OAE) या एबीआर (ABR) जैसी सरल, दर्दरहित और सुरक्षित जांच कुछ ही मिनटों में की जा सकती है। समय पर पहचान होने पर हियरिंग एड, कॉक्लियर इम्प्लांट या स्पीच थेरेपी से बच्चे को सामान्य जीवन दिया जा सकता है। ऐसे में अगर आपको डॉक्टर हियरिंग टेस्ट की सलाह दे, तो इसे इग्नोर न करें और फौरन अपने बच्चे का हियरिंग टेस्ट करा लें।

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डॉक्टर कहते हैं कि हर माता-पिता को चाहिए कि नवजात का हियरिंग टेस्ट अवश्य कराएं, क्योंकि शुरुआती कदम ही भविष्य को सुरक्षित बनाते हैं।

Highlights

  • जन्म के तुरंत बाद कराना चाहिए हियरिंग टेस्ट
  • इससे समय रहते बच्चों का इलाज करना संभव होता है।
  • हियरिंग टेस्ट से समय रहते स्पीच थेरेपी शुरू की जा सकती है।

Disclaimer: प्रिय पाठकों यह आर्टिकल केवल सामान्य जानकारी और सलाह देता है। यह किसी भी तरह से चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है। इसलिए अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श जरूर करें। thehealthsite.com इस जानकारी के लिए जिम्मेदारी का दावा नहीं करता है।

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