Add The Health Site as a
Preferred Source
Add The Health Site as a Preferred Source

जन्म के तुरंत बाद बच्चे का रोना क्यों है जरूरी? डॉक्टर से समझें

Baby first cry after birth : जन्म के तुरंत बाद बच्चे का रोना बहुत ही जरूरी होता है। अगर ऐसा न हो, तो कई तरह की समस्याएं होने का खतरा रहता है। आइए जानते हैं इस विषय के बारे में विस्तार से-

जन्म के तुरंत बाद बच्चे का रोना क्यों है जरूरी? डॉक्टर से समझें
Firstcry
VerifiedVERIFIED By: Dr Kekin Gala

Written by Kishori Mishra |Updated : February 12, 2026 12:59 PM IST

Why is the first cry of a baby important : जब कोई बच्चा जन्म लेता है, तो सबसे पहले जो आवाज दुनिया सुनती है, वह उसका रोना होता है। यह रोना न सिर्फ सिर्फ भावनात्मक होता है, बल्कि मेडिकल साइंस में भी बच्चे का रोना एक स्वस्थ और महत्वपूर्ण निशानी मानी जाती है। कई लोगों के मन में यह सवाल उठा होगा कि आखिर जन्म के बाद रोना क्यों जरूरी है। इस विषय की अधिक जानकारी के लिए हमने मुंबई सेंट्रल के वॉकहार्ट हॉस्पिटल के ऑब्सटेट्रिक्स एंड गायनेकोलॉजिस्ट डॉ. केकिन गाला से बातचीत की है।

डॉ. केकिन गालाका कहना है कि जन्म के तुरंत बाद बच्चे का रोना बहुत ही जरूरी है। सबसे पहली बात रोना बच्चे की पहली सांस से जुड़ा होता है। गर्भ में रहते समय बच्चे के फेफड़े पूरी तरह काम नहीं करते, क्योंकि उसे ऑक्सीजन मां के शरीर से मिलती रहती है। जन्म के बाद जब बच्चा रोता है, तो उसके फेफड़े पहली बार पूरी तरह फैलते हैं। इससे ऑक्सीजन अंदर जाती है और कार्बन डाइऑक्साइड बाहर निकलती है। यही प्रक्रिया बच्चे को स्वतंत्र रूप से सांस लेने के योग्य बनाती है।

बच्चे का रोना क्यों ज़रूरी है?

पहली सांस की शुरुआत

डॉक्टर का कहना है कि जब बच्चा रोता है, तो उसके फेफड़े पहली बार पूरी तरह फैलते हैं। फेफड़े फैलने से ऑक्सीजन अंदर जाती है और कार्बन डाइऑक्साइड बाहर निकलती है। यही उसकी पहली सही सांस होती है। अगर ऐसा न हो, तो आगे चलकर बच्चे को सांस लेने में काफी तकलीफ हो सकती है।

फेफड़ों का लिक्विड बाहर निकलना

जन्म के तुरंत बाद बच्चे का रोना इसलिए भी जरूरी है, ताकि फेफड़ों में जमा लिक्विड बाहर आ सके। दरअसल, गर्भ में रहते समय बच्चे के फेफड़े तरल पदार्थ से भरे होते हैं। रोने से ये तरल बाहर निकलता है और फेफड़े सांस लेने लायक बनते हैं।

Also Read

More News

हार्ट और ब्लड फ्लो सही होना

पैदा होते ही बच्चे का रोना हार्ट और शरीर में बेहतर ब्लड फ्लो के लिए भी जरूरी होता है। रोने के साथ बच्चे के दिल की धड़कन और ब्लड सर्कुलेशन सामान्य होने लगते हैं। इससे गर्भ के अंदर का ब्लड फ्लो सिस्टम बदलकर बाहर की दुनिया के अनुसार ढलता है। इसलिए जन्म के तुरंत बाद बच्चे का रोना देखा जाता है।

ब्रेन को ऑक्सीजन सप्लाई

जन्म के तुरंत बाद अगर बच्चा न रोए, तो इससे ब्रेन से जुड़ी परेशानी भी हो सकती है। दरअसल, रोने से दिमाग को पर्याप्त ऑक्सीजन मिलने लगती है, जो न्यूरोलॉजिकल डेवलपमेंट के लिए बहुत जरूरी है। अगर ऐसा नहीं हुआ, तो  आगे खतरा हो सकता है।

डॉक्टरों के लिए हेल्थ इंडिकेटर

जन्म के तुरंत बाद बच्चे का रोना यह बताता है कि बच्चा सांस ले पा रहा है, उसके नर्वस सिस्टम सही तरीके से काम कर रहे हैं साथ ही उसके हार्ट और लंग्स सही तरह से रिस्पॉन्स कर रहे हैं। इसलिए डॉक्टर इसे काफी जरूरी मानते हैं।

हर बच्चा तुरंत नहीं रोता

डॉ. केकिन गाला का कहना है कि हर बच्चा तुरंत नहीं रोता। पहली बार रोने में देरी का कारण समय से पहले जन्म, लंबे समय तक लेबर पेन या हल्के बर्थ स्ट्रेस जैसे कारण हो सकते हैं। अगर ऐसा होता है, तो एक अनुभवी नियोनेटल टीम तुरंत बच्चे की जांच कर सकती है, जिसमें सांस लेने की कोशिश, हार्ट रेट, मसल टोन, रिफ्लेक्स और स्किन कलर जैसे क्लिनिकल पैरामीटर का इस्तेमाल किया जाता है । इन सभी को अपगार स्कोर (हर पैरामीटर के लिए पॉइंट जोड़कर मिलता है, जहां 10 आइडियल स्कोर है) के ज़रिए बताया जाता है।

जन्म के बााद बच्चा तुरंत न रोए, तो क्या होता है? - What happens if a baby does not cry after delivery?

हर बार न रोना खतरे का संकेत नहीं होता, लेकिन अगर बच्चा न रोए तो कुछ स्थितिया गंभीर होने की संभावना होती है। अगर बच्चा नहीं रोता है, तो डॉक्टर तुरंत रेस्पिरेटरी स्टिमुलेशन देते हैं। जरूरत पड़ने पर ऑक्सीजन या मेडिकल सपोर्ट दिया जाता है और कुछ दिनों तक NICU ऑब्ज़र्वेशन में रखा जा सकता है

कभी-कभी, डॉक्टरों को हल्का सा स्टिम्युलेशन देने या थोड़ी देर सांस लेने में मदद करने से ज़्यादा कुछ नहीं करना पड़ता। हल्का रोना या रेगुलर सांस लेना बहुत सुकून देने वाला हो सकता है। फोकस एक शांत, सुरक्षित बदलाव पक्का करने पर रहता है, जिससे हर न्यूबोर्न को सबसे अच्छी शुरुआत मिल सके।

Add The HealthSite as a Preferred Source Add The Health Site as a Preferred Source

Highlights

  • जन्म के तुरंत बाद बच्चे का रोना मेडिकल भाषा में जरूरी होता है।
  • रोने से यह पता चलता है कि फेफड़े सही से काम कर रहे हैं।
  • पैदा होते ही रोने का अर्थ है कि बच्चे का नर्वस सिस्टम सही से काम कर रहा है।